सोमवार, 4 अप्रैल 2011

क्या AICTE भी बिकी हुई है (सूचना के अधिकार के अंतर्गत खुलासा)

मैं सोचा करता था कि हमारे डिग्री कोर्सों में हमेंशा माइक्रोसॉफ्ट इत्यादि के ही सॉफ्टवेयर क्यों होते हैं?
अब पता चला:

सूचना के अधिकार के अंतर्गत श्री नरेन्द्र सिसोदिया जी ने यह जानने का प्रयास किया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और माइक्रोसॉफ्ट-आटोडेस्क जैसी कंपनियों के बीच क्या अनुबंध हुआ है। तो कहा गया कि यह ट्रेड सीक्रेट और बौद्धिक संपदा से जुड़ी चीज है अत: इसका खुलासा नही हो सकता है। AICTE राष्ट्रीय स्तर की सरकारी संस्था है और इससे जुड़े मामलों के साथ जनहित जुड़ा होता है।
यदि हमारे पाठ्यक्रमों में ओपेन ऑफिस या अन्य ऑफिस अनुप्रयोगों के स्थान पर एमएस ऑफिस को ही जोर देकर पढ़ाया जा रहा है और इसके लिए कुछ विशेष कंपनियों से करार किया जा रहा है तो इसका अर्थ है इसमें हमारी शिक्षा से जुड़ी संस्थाएं भी इन कंपनियों के हाथों बिकी हो सकती है।

6 टिप्‍पणियां:

  1. jis desh ki puri sarkar hi bikne ke taiyar baithi ho us desh me ek shikshan sanstha ki kya aukat !!
    vo to bikegi hi !!

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  2. अब क्या कह सकते है ..हम भारत देश के बाशी है, अब तो हर चीज पर सक होने लगा है |

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  3. kisi shayar ne kaha hai ..


    yahan har insan ka imaan bika hai !
    kiimat hamen maloom hai tum naam bataoo !!

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  4. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  5. बेशक इन कंपनियों के हाथों बिकी हो सकती है इन कम्पनियों की मार्केटिंग पालिसी में जो जैसे भी मनाया जाए या खरीदा जा सके सेटिंग कर लो होता होगा जरूर।
    www.sciencedarshan.in

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