गुरुवार, 28 जनवरी 2010

फ़ायरफ़ाक्स एक नए रूप में पाएं

क्या आप फ़ायरफ़ाक्स से सामान्य रंग रूप से बोर हो गये है? क्या आपको एमएस आफ़िस २०१० का रूप रंग पसंद है? तो पेश है आपके लिए एक चकाचक थीम ट्वेंटी टेन





डाउनलोड का पता है: http://www.deviantart.com/download/148735433/TwentyTen_v1_2_by_BoneyardBrew.xpi

इस थीम में एमएस आफ़िस की तरह का एक फ़ाइल मीनू भी है. और तो और ये क्रोम की तरह फ़ायरफ़ाक्स की टैबों को सबसे ऊपर कर देता है.



यह थीम कई रंगों में (जैसे कि एम एस आफ़िस के अनुप्रयोग अलग अलग रंगो में आते हैं) उपलब्ध है.



शुक्रवार, 22 जनवरी 2010

सूचना : ब्लागर बैठकी रायपुर में

सभी ब्लागर बंधुओं को सूचित किया जाता है कि दिनांक २४.०१.२०१० को रायपुर(छ.ग.) के प्रेस क्लब में दोपहर 3:00 बजे  ब्लागर बैठकी आयोजित की जा रही है. इस कार्यक्रम में सभी ब्लागरों का स्वागत है. आपकी जानकारी में जो अन्य ब्लागर हों उन्हे भी सूचित करें. अधिक जानकारी के लिए नवीन भैया से संपर्क करें. http://computerlife2.blogspot.com/
Update: बैठकी का समय डेढ़ बजे से तीन बजे कर दिया गया है.

गुरुवार, 21 जनवरी 2010

हिंदी के शीर्ष के पांच पांच ब्लॉग बताएं

मैं एक निम्नलिखित विषयों से सम्बंधित प्रत्येक के पांच पांच ब्लागों के नामों की सूची बनाना चाहता हूँ. कृपया मेरी मदत करें.

१. चिकित्सा
२. अभियांत्रिकी (किसी भी क्षेत्र मे)
३. सूचना प्रोद्योगिकी
४. कृषि
५. इतिहास
६. कला (किसी भी प्रकार की जैसे: चित्रकला, संगीत आदि)
७. क़ानून
८. व्यापार एवं प्रबंधन

ब्लॉग का नाम पता बताते वक़्त इस बात ख्याल रखें कि...

  • वह ब्लॉग/साईट हिंदी अथवा किसी भी अन्य भारतीय भाषा मे होनी चाहिए. यानी कि अंग्रेजी छोड़कर.
  • उस ब्लॉग/साईट की सामग्री का स्तर इतना होना चाहिए कि सम्बंधित क्षेत्र के पेशेवर लोग उसका लाभ उठा सकें.
  • सामग्री विषय से ना भटके. (अद्यतन)
अद्यतन१:
यदि मेरी बात समझने मे दिक्कत हो तो मेरी जानकारी मे एक हिंदी ब्लॉग है जो कि ऊपर बताई गई जरूरतों को पूरा करता है: वो है http://adaalat.blogspot.com/
ये ब्लॉग हिंदी मे है. इसा ब्लॉग के जानकारी का लाभ आम जनता के साथ साथ, वकील और न्यायाधीश भी उठा सकते हैं.
मैंने ऊपर एक और जरूरत बता दी है कि सामग्री विषय से ना भटके.
अद्यतन२:
मुझे जानकारी मिली कि कुछ लोगों यह पोस्ट पढ़कर ऐसा लगा कि शायद कोई प्रतियोगिता है सर्वश्रेष्ठ ब्लाग तलाशने की. मैं बताना चाहूंगा कि ऐसा कुछ नही है बल्कि मैंने यह पोस्ट इसलिए लिखी थी ताकि सबका ध्यान जाए कि विषय आधारित अच्छे ब्लाग या तो नही  हैं अथवा बहुत कम हैं. ज्यादातर लोग कहानी कविता गजल ही अपने ब्लागों में लिख रहे हैं. अपने कार्य से संबंधित लेख कम ही लोग लिख रहे हैं जैसे कि कोई इंजीनियर है तो वह इंजीनियरिंग से संबंधित ब्लाग लिख सकता है. डाक्टर अपने ब्लाग पर चिकित्सा से संबंधित जानकारी उपलब्ध करा सकता है. जिसका फ़ायदा अन्य डाक्टर, वैज्ञानिक तथा आम लोग उठा सकें.


    disk2vhd बनाएगा आपकी डिस्क की वर्चुअल इमेज

    डिस्क टूवीएचडी के जरिये आप अपने कंप्यूटर के किसी भी पार्टीशन की वर्चुअल डिस्क इमेज बना सकते हैं. फिर उसे माइक्रोसाफ्ट वर्चुअल पीसी जैसे साफ्टवेयरों की मदत से चला सकते हैं. ये औजार मुफ्त है.
    इसे डाउनलोड करने के लिए इधर जाएँ.
    http://technet.microsoft.com/en-us/sysinternals/ee656415.aspx
    डिस्क टू वीएचडी अन्य टूलों से अलग चालू कंप्यूटर मे चलाया जा सकता है. डिस्क टू वीएचडी Windows’ Volume Snapshot का प्रयोग करता है. वर्चुअल पी सी अधिकतम 127GB की वर्चुअल डिस्कों को समर्थन देता है. यदि आप बड़ी डिस्क से वर्चुअल डिस्क बना रहे हैं, तो वर्चुअल पी सी मे नहीं चला पाएंगे.

    गुरुवार, 14 जनवरी 2010

    Google चीन से अपना कारोबार खत्म कर सकता है. google.cn बंद हो सकती है.

    अभी कुछ दिनों पहले गूगल में अति परिष्कृत साइबर हमले हुए. जांच में ये पाया गया कि ये हमले चीन से हुए थे. पर ये साधारण सुरक्षा पर हमले नही थे बल्कि कुछ अलग थे. गूगल नें जांच में पाया कि कम से कम बीस अन्य कंपनियों में भी यही हमले हुए थे. ये कंपनियां तकनीक,अर्थ,रसायन आदि क्षेत्रों से संबंधित थीं. गूगल इस समय उन सभी कंपनियों को सूचना भेज रहा है.

    दूसरी बात ये कि गूगल को कुछ ऐसे सबूत मिले जिनसे ये पता चलता है कि हमलावरों का मुख्य उद्देश्य चीन के मानव अधिकार एक्टिविस्टों के एकाउंटों को हैक करना था. यद्यपि गूगल को लगता है कि हमलावर अपने उद्देश्य में सफ़ल नही हो पाए. जांच में पता चला कि केवल दो जीमेल एकाउंटों तक हमलावर पहुंच पाए थे. परंतु उनके क्रियाकलाप केवल खाता जानकारी हासिल करने(जैसे किस तारीख को खाता बनाया गया) तथा ईमेल के विषयों को देखने तक सीमित थे न कि पूरा ईमेल पढ़ने तक.


    तीसरी बात जो गूगल को पता चली वो ये कि अमेरिका,यूरोप तथा चीन के दर्जनों मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के ईमेल खातों को दूसरे लोगों द्वारा खोला व देखा जा रहा है. इन खातों को जीमेल की सुरक्षाखामियों की वजह से नही हैक किया जा रहा है बल्कि इन्हे किसी फ़िशिंग ईमेल अथवा मालवेयर की मदत से हैक किया जा रहा है.


    गूगल ने इन सभी जानकारियों की मदत से गूगल को और भी मजबूत बना लिया है. तथा उपयोगकर्ताओं को सलाह दी है कि वो किसी अच्छी कंपनी का एन्टी वायरस/स्पाईवेयर प्रोग्राम अपने कम्प्यूटर पर जरूर स्थापित करके रखें, अपने आपरेटिंग सिस्टम तथा वेब ब्राउजर को नवीनतम पैचों से अद्यतन रखें तथा इंस्टेंट मैसेज अथवा ईमेल में आए किसी लिंक पर क्लिक करने पर सावधानी बरतें.

    गूगल ने निर्णय लिया है कि वो इन हमलों के बारे में जानकारी बड़ी संख्या में लोगों से साझा करेगा. ऐसा केवल सुरक्षा कारणों और मानवाधिकार वजह से नही है बल्कि इसलिए भी कि यह जानकारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अंतर्राष्ट्रीय बहस के बीच भी जाती है.

    चीन के आर्थिक सुधारों तथा वहां के नागरियों की उद्यम करने की प्रेरणा की वजह से लाखों लोग गरीबी से बाहर आ गए हैं. गूगल यह भी मानता है कि दुनिया में यह देश आर्थिक प्रगति तथा विकास का हृदय है.

    गूगल नें google.cn को जनवरी 2006 में इस विश्वास के साथ शुरू किया था कि इससे चीन के लोगों को सूचना प्राप्त करने में और भी आसानी हो तथा इंटरनेट का खुला प्रयोग बढ़े. परंतु गूगल ने चीन की सेंसरशिप को ना चाहते हुए भी माना था.

    गूगल अब चीन के नए कानूनों तथा प्रतिबंधों पर कड़ी निगाह रखेगा. यदि गूगल को लगा कि इन वजहों से उसे अपने उद्देश्य की प्राप्ति नही हो रही है तो वह चीन पर अपने दृष्टिकोण के बारे में दोबारा "विचार" करने से नही हिचकिचाएगा.

    इस बार के ये हमले तथा पिछले हमलों के आकड़ों को देखकर यह पता चलता है कि वो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाए जाने के उद्देश्य से किए गये थे. जिनने गूगल को चीन में अपने व्यापार के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है. अब गूगल ने यह निर्णय लिया है कि वो google.cn पर से खोज परिणामों को सेंसर नही करेगा तथा कुछ ही हफ़्तों में चीन सरकार से यह बात करेगा कि क्या वह बिना फ़िल्टर किए हुए खोज परिणाम google.cn पर दिखा सकता है.

    यदि गूगल पर कानूनों के जरिये google.cn पर खोज परिणामों को सेंसर करने का दबाव बना रहता है तो गूगल google.cn को खत्म करने के साथ चीन से अपना व्यापार खत्म कर सकता है.

    यह निर्णय अमेरिका में स्थित गूगल के अधिकारियों द्वारा लिया गया है. इस बारे में गूगल के चीन के कर्मचारियों को कोई जानकारी नही दी गई है तथा वो इस निर्णय में शामिल नही हैं.

    जानकारी स्त्रोत:

    http://googleblog.blogspot.com/2010/01/new-approach-to-china.html