गुरुवार, 14 जनवरी 2010

Google चीन से अपना कारोबार खत्म कर सकता है. google.cn बंद हो सकती है.

अभी कुछ दिनों पहले गूगल में अति परिष्कृत साइबर हमले हुए. जांच में ये पाया गया कि ये हमले चीन से हुए थे. पर ये साधारण सुरक्षा पर हमले नही थे बल्कि कुछ अलग थे. गूगल नें जांच में पाया कि कम से कम बीस अन्य कंपनियों में भी यही हमले हुए थे. ये कंपनियां तकनीक,अर्थ,रसायन आदि क्षेत्रों से संबंधित थीं. गूगल इस समय उन सभी कंपनियों को सूचना भेज रहा है.

दूसरी बात ये कि गूगल को कुछ ऐसे सबूत मिले जिनसे ये पता चलता है कि हमलावरों का मुख्य उद्देश्य चीन के मानव अधिकार एक्टिविस्टों के एकाउंटों को हैक करना था. यद्यपि गूगल को लगता है कि हमलावर अपने उद्देश्य में सफ़ल नही हो पाए. जांच में पता चला कि केवल दो जीमेल एकाउंटों तक हमलावर पहुंच पाए थे. परंतु उनके क्रियाकलाप केवल खाता जानकारी हासिल करने(जैसे किस तारीख को खाता बनाया गया) तथा ईमेल के विषयों को देखने तक सीमित थे न कि पूरा ईमेल पढ़ने तक.


तीसरी बात जो गूगल को पता चली वो ये कि अमेरिका,यूरोप तथा चीन के दर्जनों मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के ईमेल खातों को दूसरे लोगों द्वारा खोला व देखा जा रहा है. इन खातों को जीमेल की सुरक्षाखामियों की वजह से नही हैक किया जा रहा है बल्कि इन्हे किसी फ़िशिंग ईमेल अथवा मालवेयर की मदत से हैक किया जा रहा है.


गूगल ने इन सभी जानकारियों की मदत से गूगल को और भी मजबूत बना लिया है. तथा उपयोगकर्ताओं को सलाह दी है कि वो किसी अच्छी कंपनी का एन्टी वायरस/स्पाईवेयर प्रोग्राम अपने कम्प्यूटर पर जरूर स्थापित करके रखें, अपने आपरेटिंग सिस्टम तथा वेब ब्राउजर को नवीनतम पैचों से अद्यतन रखें तथा इंस्टेंट मैसेज अथवा ईमेल में आए किसी लिंक पर क्लिक करने पर सावधानी बरतें.

गूगल ने निर्णय लिया है कि वो इन हमलों के बारे में जानकारी बड़ी संख्या में लोगों से साझा करेगा. ऐसा केवल सुरक्षा कारणों और मानवाधिकार वजह से नही है बल्कि इसलिए भी कि यह जानकारी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अंतर्राष्ट्रीय बहस के बीच भी जाती है.

चीन के आर्थिक सुधारों तथा वहां के नागरियों की उद्यम करने की प्रेरणा की वजह से लाखों लोग गरीबी से बाहर आ गए हैं. गूगल यह भी मानता है कि दुनिया में यह देश आर्थिक प्रगति तथा विकास का हृदय है.

गूगल नें google.cn को जनवरी 2006 में इस विश्वास के साथ शुरू किया था कि इससे चीन के लोगों को सूचना प्राप्त करने में और भी आसानी हो तथा इंटरनेट का खुला प्रयोग बढ़े. परंतु गूगल ने चीन की सेंसरशिप को ना चाहते हुए भी माना था.

गूगल अब चीन के नए कानूनों तथा प्रतिबंधों पर कड़ी निगाह रखेगा. यदि गूगल को लगा कि इन वजहों से उसे अपने उद्देश्य की प्राप्ति नही हो रही है तो वह चीन पर अपने दृष्टिकोण के बारे में दोबारा "विचार" करने से नही हिचकिचाएगा.

इस बार के ये हमले तथा पिछले हमलों के आकड़ों को देखकर यह पता चलता है कि वो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाए जाने के उद्देश्य से किए गये थे. जिनने गूगल को चीन में अपने व्यापार के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है. अब गूगल ने यह निर्णय लिया है कि वो google.cn पर से खोज परिणामों को सेंसर नही करेगा तथा कुछ ही हफ़्तों में चीन सरकार से यह बात करेगा कि क्या वह बिना फ़िल्टर किए हुए खोज परिणाम google.cn पर दिखा सकता है.

यदि गूगल पर कानूनों के जरिये google.cn पर खोज परिणामों को सेंसर करने का दबाव बना रहता है तो गूगल google.cn को खत्म करने के साथ चीन से अपना व्यापार खत्म कर सकता है.

यह निर्णय अमेरिका में स्थित गूगल के अधिकारियों द्वारा लिया गया है. इस बारे में गूगल के चीन के कर्मचारियों को कोई जानकारी नही दी गई है तथा वो इस निर्णय में शामिल नही हैं.

जानकारी स्त्रोत:

http://googleblog.blogspot.com/2010/01/new-approach-to-china.html

3 टिप्‍पणियां:

  1. हमने तो यह आज यहीं पढ़ी है |
    बहुत दिनों बाद आई आपकी नव वर्ष की इस पहली पोस्ट का स्वागत है | आपकी तकनीकी पोस्ट का हमेशा इंतजार रहता है |

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  2. सकरायेत तिहार के गाडा गाडा बधई.

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