मंगलवार, 14 दिसंबर 2010

विदेशी कंपनी ने खरीदी पारस कंपनी, 3,260 करोड़ में डेटोल वालों के हाथ लगी पारस

कंज्यूमर गुड्स बनाने वाली ब्रिटिश कंपनी रेकिट बेनकाइजर ने सोमवार को इस बात की पुष्टि कर दी कि वह 3,260 करोड़ रुपए में पारस फार्मास्युटिकल्स को खरीदने जा रही है। इस सौदे से इमामी को झटका लगा है। असल में इमामी ने भी अहमदाबाद की कंपनी पारस के लिए बोली लगाई थी। रेकिट बेनकाइजर डिटॉल और डिस्प्रिन सहित कई उत्पाद बनाती है। लंदन में सौदे पर हस्ताक्षर होने की रिकेट की घोषणा के कुछ ही मिनटों बाद इमामी के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन आर एस अग्रवाल ने ईटी से कहा, 'जिस कीमत पर सौदे पर हस्ताक्षर हुआ है, उसके मुकाबले हमने ज्यादा बोली लगाई थी। मुझे समझ में नहीं आता कि इस कीमत पर सौदे पर हस्ताक्षर किस तरह से हुआ।'

इस सौदे से रेकिट की सालाना आमदनी में 400 करोड़ रुपए से ज्यादा का इजाफा होगा। रेकिट के उत्पादों की सूची में मूव, डर्मीकूल और सेटवेट सहित 10 ब्रान्ड जुड़ जाएंगे। रेकिट 2009-10 में पारस फार्मास्युटिकल्स के एबिड्टा के मुकाबले करीब 30 गुनी कीमत अदा कर रही है, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि यह सौदा महंगा नहीं है, क्योंकि पारस के अधिकतर उत्पाद अपनी श्रेणी में अव्वल ब्रान्ड बन चुके हैं। इसके अलावा, भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला कंज्यूमर मार्केट है।

मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि पारस के शेयरधारकों ने रेकिट से सौदा करने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि वह एक बार में पूरी कीमत चुकाने को तैयार थी, जबकि इमामी भुगतान में समय लगाना चाहती थी। इसके अलावा, इमामी और ताइशो (पारस के लिए बोली लगाने वाली दूसरी कंपनी) के मुकाबले रेकिट ज्यादा अमीर और ताकतवर कंपनी है, जो पारस के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश करने में सक्षम है। प्राइवेट इक्विटी फंड एक्टिस एलएलपी के पार्टनर और साउथ एशिया हेड जे एम त्रिवेदी ने कहा, 'पारस के ब्रान्डों के लिए रेकिट बेनकाइजर एक स्वाभाविक पसंद है।'

एक्टिस पारस में अपनी 63 फीसदी हिस्सेदारी रेकिट को बेचेगी। एक्टिस को पारस में अपने निवेश पर तिगुना मुनाफा हासिल होगा। एक्टिस ने 2006 में पारस में 14.5 करोड़ डॉलर का शुरुआती निवेश किया था। रेकिट पारस के दूसरे शेयरधारकों से भी उनकी हिस्सेदारी खरीदेगी। इनमें पारस के संस्थापक गिरीश पटेल और उनका परिवार शामिल है। पारस में 7-8 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले प्राइवेट इक्विटी फंड सिकोइया को हिस्सेदारी की बिक्री से करीब 5 करोड़ डॉलर मिलेंगे। यह सौदा भारत में होगा और इस पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा।

रेकिट बेनकाइजर ने 2009 में 12.25 अरब डॉलर की बिक्री पर 2.24 अरब डॉलर का शुद्ध मुनाफा हासिल किया है। रेकिट की भारतीय इकाई की आय करीब 2,000 करोड़ रुपए है

विदेशी कंपनियो की अधिक जानकारी के लिए यहाँ देखे http://www.shreshthbharat.in/
--------------------------------------------
पारस के उत्पाद :
  1. Livon
  2. Moov
  3. Borosoft
  4. Krack
  5. Recova
  6. ItchGuard
  7. Setwet Range
  8. RingGuard
  9. Livon HairGain
  10. Dermicool
  11. Zatak
  12. D'Cold
  13. Stopache
  14. Moov Neck & Shoulder
  15. Itchguard Powder
  16. Dermicool Skin Defense
  17. Dermicool Skin Defense Hand Sanitizer
  18. Nextime

Reckitt-Benckiser के उत्पाद :
  • Aerogard
  • Amphyl
  • Bonjela
  • Brasso
  • Brio
  • Bryza
  • Calgonit
  • Cattlemen's
  • Ceraclen
  • Cherry Blossom
  • Chore Boy
  • Clean and Smooth
  • Cling
  • Cling Free
  • Cobra Brilliant Shiner
  • Colon
  • d-Con
  • Coral
  • dip-it
  • Disprin
  • Dosia
  • Easy-Off
  • Easy On
  • Elena
  • Frank's Red Hot
  • French's Foods
  • Glass Mates
  • Glass Plus
  • Glassex
  • Hoffmann's
  • Intima Liasan / Intima Bidex
  • Kalia
  • Kaltron
  • Lanza
  • Lemsip
  • Lewis Red Devil
  • Lime-A-Way
  • Lovela
  • Masterpiece Metalist
  • Mop & Glo
  • Mr. Sheen
  • Mr. Min
  • Nenuco
  • Neutra-Air
  • NoSalt
  • Noxon
  • Nurofen for children
  • Old English
  • Perk
  • Poliflor Pratic
  • Poliflor Maximo Brilho
  • Precision Blend
  • Quanto
  • Resolve
  • Rid-X
  • Robin Blue
  • Sagrotan
  • Sani Flush
  • Senokot
  • Sipuro
  • Spray 'n Starch
  • Spray 'n Wash
  • Suboxone
  • Vani-Sol
  • Vitroclen
  • Vivid
  • Wenol
  • Windolene
  • Wizard
  • Yes
  • Zud
  • Vanish
  • Calgon
  • Woolite (Carpet business sold to Bissell Inc. in 2004)
  • Lysol
  • Dettol
  • Durex
  • Scholl
  • Cillit Bang
  • Harpic
  • Finish (previously Electrasol in North America)
  • Air Wick
  • Mortein
  • Strepsils
  • Mucinex
  • Nurofen


paras products now Reckitt Benckiser

paras products now Reckitt Benckiser
paras products now Reckitt Benckiser
paras products now Reckitt Benckiser
paras products now Reckitt Benckiser
paras products now Reckitt Benckiser

विदेशी कंपनियो (आधुनिक ईस्ट इंडिया कंपनियां) के बारें मे  अधिक जानकारी के लिए यहाँ देखे http://www.shreshthbharat.in/

गुरुवार, 4 नवंबर 2010

देशभक्ति संगीत डाउनलोड करें।

मुझे ये गाने भारत स्वाभिमान के फोरम में मिले। इन गानों में स्वयं बाबा रामदेव जी की आवाज है।

http://www.mediafire.com/?a93ey33m060034p

मंगलवार, 19 अक्तूबर 2010

स्वदेशी और विदेशी उत्पादों की सूची

श्रेणिया  स्वदेशी अनुष्ठान ( कंपनिया ) विदेशी  ( ईस्ट इंडिया कंपनिया ) 
दन्त मंजन / पेस्ट विको वज्रदंती, बैद्यनाथ, चोइस, नीम, डाबर , एंकर, मिस्वाक, बबूल, प्रोमिस, दन्त कांति दन्त मंजन। अधिकतर दन्त पेस्ट हड्डियों के पावडर से बनते है, जेसे कोलगेट, हिंदुस्तान यूनिलीवर ( पहले हिन्स्तान लीवर ), क्लोस-अप, पेप्सोडेंट, एम, सिबाका, एक्वा फ्रेश, एमवे, ओरल बी, क्वांटम आदि ।
दन्त ब्रश
( दन्त साफ करने का उपकरण )
प्रोमिस, अजय, अजंता, मोनेट, रोयल, क्लास्सिक, डोक्टर स्ट्रोक । कोलगेट, क्लोस-अप, पेप्सोडेंट, सिबाका, अक्वा फ्रेश, ओरल-बी, हिंदुस्तान लीवर ।
स्नान करने का साबुन निरमा , मेदिमिक्स, निम्, नीमा, जस्मीन, मेसोर सेंडल, कुटीर, सहारा, पार्क अवेन्यु, सिंथोल, हिमानी ग्लिसरीन, फिर फ्लो, न १, शिकाकाई, गंगा, विप्रो, संतूर, काया कांति, काया कांति एलो वेरा । हिंदुस्तान यूनिलीवर, लो' ओरीअल , लाइफ ब्वाय ( कोई डर नहीं ) , ले सेंसि, डेनिम, चेमी, डव, रेविओं, पिअर्स, लक्स, विवेल, हमाम, ओके, पोंड्स, क्लिअर्सिल, पमोलिवे, एमवे, जोनसन बेबी, रेक्सोना, ब्रिज , डेटोल ।
शेम्पू, ( बाल धोने के लिए ) विप्रो, पार्क अवेन्यु, स्वस्तिक, आयुर, केश निखर, हेअर एंड केअर, नैसिल, अर्निका, वेलवेट, डाबर, बजाज, नेल, लेवेंडर, गोदरेज, वाटिका । हेलो कोलगेट पामोलिव, हिंदुस्तान यूनिलीवर, लक्स, क्लिनिक प्लस, रेव्लों, लक्मे, पी एंड जी , हेड एंड शोल्डर, पेंटीन, डव, पोंड्स, ओल्ड स्पेस, शोवर तो शोवर, जोहानसन बेबी ।
कपडे / बर्तन धोने का पावडर टाटा शुद्ध, नीमा, सहारा, लो' ओरीअल , निरमा, स्वस्तिक, विमल, हिपोलिन, देना, ससा, टी सीरिज, डोक्टर देत, घडी डिटर्जन, गेंतिल, उजाला, रानिपल, निरमा, चमको, दीप हिंदुस्तान यूनिलीवर, सर्फ़, रीन, सनलाईट, व्हील, विम, अरिअल, टाइड, हेंको, रेविअल, एमवे, क्वांटम, वुल्वाश, इजी, रोबिन ब्लू, टिनापोल, स्काईलार्क
दाढ़ी / शेविंग बनाने की क्रीम पार्क अवेन्यु, प्रिमीअम, वि जोन, लो' ओरीअल , इमामी, बलसारा, गोदरेज ओल्ड स्पाइस, पामोलिव, पोंड्स, जिलेट, एरास्मिक, डेनिम, यार्डली
दाढ़ी / शेविंग पत्ती / ब्लेड  टोपाज, गेलंत ( gallant), सुपरमेक्स, लसर, एस्क्वेर, सिल्वर प्रिंस, प्रिमिअम जिलेट, सेवन 'ओ' क्लोक, एरास्मिक, विल्मेन, विल्तेज आदि
क्रीम / पावडर बोरोसिल, आयुर, इमामी, विको, बोरोप्लस, बोरोलीन, हिमामी, नेल, लावेंदर, हेअर एंड केअर, निविय, हेवन्स, सिंथोल, ग्लोरी, वेलवेट (बेबी) हिंदुस्तान यूनिलीवर, फेअर एंड लवली, लक्मे, लिरिल, डेनिम, रेव्लों, पी एंड जी, ओले, क्लिएअर्सिल, क्लिएअर्तोन, चारमी, पोंड्स, ओल्ड स्पाइस, डेटोल ( ले १००% श्योर) , जॉन्सन अँड जॉन्सन
वस्त्र रेडीमेड केम्ब्रिज, पार्क अवेन्यु, ओक्जेम्बर्ग ( ओक्सेम्बेर्ग) बॉम्बे डाइंग, रफ एंड टफ, ट्रिगर, किलर जींस, पिटर इंग्लेंड, डीजे अँड सी ( DJ&C ) ये हमारी ही मानसिकता है की हमारी कंपनिया हमें लुभाने के लिए अपने उत्पादों का विदेशी नाम रखती है । व्रेंग्लर, नाइकी, ड्यूक, आदिदास, न्यूपोर्ट, पुमा आदि
धड़ियाँ एच एम टी,  टाइटन, मेक्सिमा, प्रेस्टीज, अजंता   आदि  राडो, तेग हिवर, स्विसको, सेको, सिटिजन, केसिओ
पेन पेन्सिल शार्प, सेलो, विल्सन, टुडे, अम्बेसेडर, लिंक, मोंतेक्स, स्टिक, संगीता, लक्जर, अप्सरा, कमल, नटराज, किन्ग्सन, रेनोल्ड, अप्सरा, पारकर, निच्कोल्सन, रोतोमेक, स्विसएअर , एड जेल, राइडर, मिस्तुबिशी, फ्लेअर, यूनीबॉल, पाईलोट, रोल्डगोल्ड
पेय दुग्ध, लस्सी, ताजे फलों के रस, निम्बू पानी,नारियल का पानी, मिल्कशेक, ठंडाई, जलजीरा, रूह अफजा, रसना, फ्रूटी, एपी फ़िज़, ग्रेपो, जम्पिं, शरबत , डावर्स , एलएमएन, जलानी जलजीरा आदि ( एक घंटे में चार कोल्ड ड्रिंक पिने से मृत्यु निश्चित है ) धीमा जहर कोका कोला, पेप्सी, फेंटा स्प्राईट, थम्स-अप, गोल्ड स्पोट, लिम्का, लहर, सेवन अप, मिरिंडा, स्लाइस, मेंगोला, निम्बुज़ आदि
चाय काफी टाटा, ब्रह्मपुत्र, असम, गिरनार, वाघ बकरी, दिव्य पेय लिप्टन, टाइगर, ग्रीन लेबल, येलो लेबल, चिअर्स, ब्रुक बोंड रेड लेबल, ताज महल, गोद्फ्रे फिलिप्स, पोलसन, गूद्रिक, सनराइस, नेस्ले, नेस्केफे, रिच , ब्रू आदि
शिशु आहार एवं दूध पावडर शहद, डाल पानी, उबले चावल, तजा फलों का रस, अमूल, इंडाना, सागर, तपन, मिल्क केअर नेस्ले, लेक्टोजन सेरेलेक, एल पी ऍफ़, मिल्क मेड, नेस्प्रे, ग्लेक्सो, फेरेक्स
कुल्फी / आइसक्रीम घर की बनी कुल्फी, अमूल, वाडीलाल, दिनेश, हवमोर, गोकुल, दिनशा, जय , पेस्तोंजी वाल्स, क्वालिटी, डोलोप्स, बास्किन एंड रोबिनस, केडबरी.. अधिकतर आइसक्रीम में जनवरी की आंतो की परत होती है
नमक टाटा, अंकुर , सूर्य, ताजा, तारा, निरमा, सेंधव नमक. अन्नपुर्णा , आशीर्वाद आटा, केप्टन कुक, हिंदुस्तान लीवर , किसान, पिल्सबरी आदि
नमकीन / स्नेक्स / चिप्स  बीकाजी, बिकानो, हल्दीराम, बालाजी,  हिपो , पार्ले, A1, गार्डन आदि   अंकल चिप्स, पेप्सी, रफेल्स, होस्टेस, फन्मच, कुरकुरे, लेज आदि    
टमाटर सौस, चटनिया, फ्रूट जेम घर के बने हुए चटनिया, इंडाना, प्रिया, रसना, फ्रूट जाम, टिल्लूराम , मनोज, सिल, निलंस, रसना, कर्नल, पंतजलि नेस्ले, ब्रुक बोंड, किसान, हेंज, फिल्ड फ्रेश, मेगी सौस
चोकलेट / दूध पावडर गुड के साथ मूंगफली या बादाम लाभप्रद है, पार्ले, बेक्मंस, क्रिमिचा, शंगरीला, इंडाना, अमूल, रावलगाँव, ब्रिटानिया. अधिकतर चोकलेट में अर्सेलिक जहर मिला होता है केडबरी, बोर्नविटा , होर्लिक्स, न्यूट्रिन, विक्स,  मिल्किबर, इक्लेअर्स , मंच, पार्क, डेरिमिल्क, बोर्नविले, बिग बबल, एलपेनलिबें, सेंटरफ्रेश, फ्रूट फ्रेश, परफीती  आदि    
रेडीमेड खाना घर का खाना, हाथो से बनाया हुआ   मेगी, हेंज, नौर , डोमिनोज, पिज्जा हट , फ्रिन्तो-ले
पानी घर का उबला हुआ पानी, बिसलेरी, हिमालय, रेल नीर, यस, गंगा आदि  एक्वाफिना, किनली, बिल्ले, पुरे लाइफ, एवियन, सेन पिल्ग्रिमो, पेरिअर आदि 
शक्तिवर्धक  च्यवनप्राश सबसे उत्तम ८०% तक , न्युत्रमुल, मल्तोवा, अमृत रसायन, बादाम पाक. आदि  बूस्ट, पोलसन, बोर्नविटा, होर्लिक्स, प्रोतिनेक्स, स्प्राउट्स, कोमप्लैन
इलेक्ट्रोनिक्स वस्तु ओनिडा, बी पी एल, विडियोकोन, अकाई ( आज कल नाम सुनने को नहीं मिलता ) , टी- सीरिज , सलोरा, वेस्टर्न, क्रोवन, टेक्सला, गोदरेज  उषा, ओरीअंट, खेतान, पी एस पी औ, बजाज, सिन्नी, शंकर, टी-सीरिज, क्राम्पटन,  सोनी, फिलिप्स, हुंदा , सेन्सुई, शार्प, एलजी, देवू , सेन्यो, नेशनल पेनासोनिक  केनवुड, थोमसन, सेमसंग, हिताची, तोशिबा, कोनिका, पयोनिअर, केल्विनेटर, वर्ल्फुल, इलेक्ट्रोलक्स   आई ऍफ़ बी, हायर   सिंगर, महाराजा, जी इ, रेलिमिक्स, केनस्टार, मृत, ब्रोउन, नेशनल, फिलिप्स 
मोबाइल फ़ोन / सेवाए  मेक्स, ओनिडा, माइक्रोमेक्स, उषा-लक्सस, अजंता, ओर्पट, आइडिया, एअरटेल, रिलाइंस, टाटा इंडिकोम, एमटीएनएल, लूप, कार्बन, लावा, लेमन, भारती बीटल     नोकिया, फ्लाई, मोटोरोला, एचटीसी, सोनी एरिक्सन, एसर, वर्जिन, वोडाफोन, एम टी एस , एल जी,  सेमसंग, हायर,  डॉकोमो आदि
खाद्य तेल सरसों का तेल , कच्ची घानी का तेल, डालडा ब्रांड, आई टी सी ब्रांड, हिंदुस्तान यूनिलीवर ब्रांड, फिल्ड फ्रेश ब्रांड के सभी वस्तुओ का बहिष्कार करे
कंप्यूटर एच सी एल, विप्रो  तोशिबा, एसर, एच पी, डेल, लिनोवो, सेमसंग, सोनी, आई. बी. एम. कोम्पेक आदि   
दुपहिया वाहन  हीरो, बजाज ( बजाज स्कूटर के बारे में सबको पता है, एक्टिवा से कड़ी टक्कर मिलने के कारण बजाज स्कूटर की जगह एक्टिवा दीखता है हमारी सडको पर,) टी वि एस, महिंद्रा, काइनेटिक  कावासाकी, होंडा, हुंडई, एक्टिवा, इटरनो, रोयल एनफील्ड, हर्ली डेविडसन, स्प्लेंडर , पेशन
वाहन लेंड रोवर, जगुआर, इंडिका, नेनो, टाटा मेजिक, बोलेरो, सुमो, सफारी, प्रेमिअर, अम्बसेदर, अशोक लेलेंड, स्वराज, महिंद्रा ट्रेक्टर, जाइलो, रेवा, अतुल, टी.व्ही.एस हुंडई, सेंट्रो, वोल्सवेगन, मर्सडीज, टोयोटा, निसान, स्कोडा, रोल्स रोयस, फेंटम, फोर्ड, जनरल, शेर्वोलेट, जोन डिअर, मारुति सुजुकी, लोगन
बैंक इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ोदा, बैंक ऑफ़ इंडिया, बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र, आई डी बी आई, केनरा बैंक, सेन्ट्रल बैंक, देना बैंक, कोर्पोरेशन बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसिस बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सिंडिकेट बैंक, युको बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, युनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया, विजया बैंक, आंध्र बैंक, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, कोटक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, यस बैंक, इडुसलेंड बैंक, धनलक्ष्मी, बैंक, सारस्वत बैंक, फेडरल बैंक, आई एन जी वैश्य बैंक, करुर वैश्य बैंक, कर्नाटका बैंक , लक्ष्मी विलाश बैंक, स्टेट बैंक ऑफ़ बीकानेर एंड जयपुर, साउथ इंडियन बैंक, नैनीताल बैंक आदि बैंक एचडीएफसी (HDFC), आई.सी.आई.सी.आई ( ICICI ), एबीएन एमरो, अबू धाबी बैंक, बीएनपी परिबास, सिटी बैंक, डच बैंक (Deutsche Bank), एच इस बी सी (HSBC), जे पि मोर्गन, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, तयब बैंक, स्कोटिया बैंक, अमेरिकन एक्सप्रेस बैंक, एंटवर्प बैंक, अरब बंगलादेश, बैंक ऑफ़ अमेरिका, बहरीन कुवैत, टोक्यो मित्सुबिशी बैंक, बार्कले बैंक, चाइना ट्रस्ट, क्रुंग थाई बैंक, सोनाली बैंक, शिन्हन बैंक, ओमान इंटरनेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ़ मौरिशश, डी बैंक ऑफ़ न्युयोर्क, ऑस्ट्रेलियन बैंक, फोर्टिस बैंक, कोमन वेल्थ बैंक, रोयल बैंक ऑफ़ कनाडा, अमीरात बैंक, जर्मन बैंक,
जूते / चप्पल लिबर्टी, लखानी, स्काई, भारत लेदर, एक्शन, रिलेक्सो, पेरगोन, पोद्दार, वाइकिंग, बिल्ली, कार्नोबा, डीजे अँड सी ( DJ&C ), बफेलो, रिग पुमा, बाटा, पॉवर, बीएमसी, एडीडास, नाइकी, रिबोक, फीनिक्स, वुडलेंड, लाबेल, चेरी ब्लोसम, कीवी, ली कूपर, रेड चीफ, कोलंबस


 
सोजन्य से
 
ध्यान दें !
  • ऐसी विदेशी कंपनियाँ भी है जिसमे आधे से भी कम % भारतीय पैसा लगा हुआ है तो वे भी विदेशी हुई, इसी तरह भारतीय कंपनी मे विदेशी ५०% से ज्यादा पैसा लगा है तो वह विदेशी है,
  • आप यह पता भी लगाए की आप जिस कंपनी का माल खरीद रहे है है क्या वह पूर्णतया स्वदेशी है ?
  • जेसे मारुति कंपनी मे ५४% पैसा सुजुकी कंपनी का है , और अब सरकार का इस कंपनी मे कुछ भी हिस्सा नहीं है, उसने अपना १८% हिस्सा भी शिक्षण संस्थानो को बेच दिया !
  • ये जरूरी नहीं की बिग बाजार कुछ विदेशी ब्रांड को अपने मॉल / ब्रांड के तले बेचता हो तो वे स्वदेशी है ! आप पता लगाए। 

साभार : http://www.facebook.com/DesiMitti?v=app_4949752878

शनिवार, 2 अक्तूबर 2010

पार्लियामेंट तो बांझ और बेसवा है - महात्मा गांधी

गांधी जी की पुस्तक हिन्द स्वराज के कुछ अंश

पाठक: आप जो कहते हैं उस पर से तो मैं यही अंदाजा लगाता हूं कि इंग्लैंड में जो राज्य चलता है वह ठीक नहीं है और हमारे लायक नहीं है।
संपादक: आपका यह खयाल सही है। इंग्लैड में आज जो हालत है वह सचमुच दयनीय तरस खाने लायक है। मैं तो भगवान से यही मांगता हूं कि हिन्दुस्तान की ऐसी हालत कभी न हो। जिसे आप पार्लियामेन्टों की माता कहते हैं वह पार्लियामेन्ट तो बांझ और बेसवा है। ये दोनों शब्द बहुत कडे हैं तो भी उसे अच्छी तरह लागू होते हैं। मैंने उसे बांझ कहा क्योंकि अब तक उस पार्लियामेन्ट ने अपने आप एक भी अच्छा काम नहीं किया। अगर उस पर जोर दबाव डालनेवाला कोई न हो तो वह कुछ भी न करे, ऐसी उसकी कुदरती हालत है। और वह बेसवा है क्योंकि जो मंत्रिमंडल उसे रखे उसके पास वह रहती है। आज उसका मालिक एस्क्विथ है तो कल बालफर होगा और परसों कोई तीसरा।

अगर पार्लियामेन्ट बांझ न हो तो इस तरह होना चाहिये- लोग उसमें अच्छे से अच्छे मेम्बर चुनकर भेजते हैं। मेम्बर तनख्वाह नहीं लेते इसलिए उन्हें लोगों की भलाई के लिए पार्लियामेन्ट में जाना चाहिये। लोग खुद सुशिक्षित संस्कारी माने जाते हैं इसलिए उनसे भूल नहीं होती। ऐसा हमें मानना चाहिये ऐसी पार्लियामेन्ट को अर्जी की जरूरत नहीं होनी चाहिये। न दबाव की। उस पार्लियामेन्ट का काम इतना सरल होना चाहिये कि दिन ब दिन उसका तेज बढ़ता जाय और लोगों पर उसका असर होता जाय। लेकिन इससे उलटे इतना तो सब कबूल करते हैं कि पार्लियामेन्ट के मेम्बर दिखावटी और स्वार्थी पाये जाते हैं। सब अपना मतलब साधने की सोचते हैं।
सिर्फ डर के कारण ही पार्लियामेन्ट कुछ काम करती है। जो काम आज किया वह कल उसे रद्द करना पड़ता है। आज तक एक भी चीज को पार्लियामेन्ट ने ठिकाने लगाया हो, ऐसी कोई मिसाल देखने में नहीं आती। बडे सवालों की चर्चा जब पार्लियामेन्ट में चलती है तब उसके मेम्बर पैर फैलाकर लेटते हैं या बैठे बैठे झपकियां लेते हैं। उस पार्लियामेन्ट में मेम्बर इतने जोरों से चिल्लाते हैं कि सुनने वाले हैरान परेशान हो जाते हैं।

जैसे बुरे हाल बेसवा के होते हैं वैसे ही सदा पार्लियामेन्ट के होते हैं। प्रधानमंत्री को पार्लियामेन्ट की थोड़ी ही परवाह रहती है। वह तो अपनी सत्ता के मद में मस्त रहता है। अपना दल कैसे जीते इसी की लगन उसे रहती है। पार्लियामेन्ट सही काम कैसे करे इसका वह बहुत कम विचार करता है। अपने दल को बलवान बनाने के लिए प्रधानमंत्री पार्लियामेन्ट से कैसे कैसे काम करवाता है इसकी मिसालें जितनी चाहिये उतनी मिल सकती हैं। यह सब सोचने लायक है।

=====================

हिन्द स्वराज में कही गई बातें इंग्लैंड की संसद के लिए थीं। किन्तु आज यदि हम देखें कि ये बातें भारत की संसद के लिए भी लागू हो जाती हैं।
हिन्द स्वराज पूरी डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें: http://www.mediafire.com/?iv23vqax6dgla7a

पाठकों को मेरा एक और सुझाव है कि वो हिन्द स्वराज पढ़ने के पश्चात श्री कनक तिवारी जी की पुस्तक "फिर से हिन्द स्वराज" भी जरूर पढ़ें। इससे हिन्द स्वराज को समझने में मदद मिलेगी।

महात्मा गांधी से संबंधित लेखों की कड़ियां
गांधी और हिंदू परम्परावादी
गांधी की अहिंसा का फलितार्थ
यह तो नहीं है गांधी का रास्ता



रविवार, 5 सितंबर 2010

क्या एड्स काल्पनिक बीमारी है?

क्या एड्स काल्पनिक बीमारी है? मैं नही जानता।
लेकिन इस विषय पर फिल्म आपके सामने प्रस्तुत कर रहा हूं। ये गूगल वीडियो में मिली।

रविवार, 8 अगस्त 2010

सेक्स और आध्यात्म विषय पर बाबा रामदेव







राजीव दीक्षित जी तथा बाबा रामदेव जी के व्याख्यान - पूरी की पूरी सीडी डाउनलोड करें

राजीव दीक्षित, बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण आदि के द्वारा दिए गए २० विभिन्न व्याख्यान डाउनलोड करें, सुनें और लोगों से साझा करें। डाउनलोड का पता है:

http://www.mediafire.com/?sharekey=w5qrxuxh4vjtl

बुधवार, 4 अगस्त 2010

राजीव दीक्षित जी का आंख खोल देने वाला व्याख्यान - क्या हम वाकई में स्वतंत्र हैं?

1


2


3


4


5


6


7


8


9


10


11


12


13


14


15


16


17


18


19


20


21


22

भारत को आपकी जरूरत है : राजीव दीक्षित जी का व्याख्यान

पहला


दूसरा


तीसरा - नही मिला

चौथा


पांचवां


छठवां


सातवां


आठवां


नवमां


दसवां


आगे के हिस्से नही मिले। यदि किसी के पास हों तो कृपया यहां साझा करें।

वैट टैक्स के ऊपर राजीव दीक्षित जी का व्याख्यान

इस व्याख्यान को जरूर सुनें। यह व्याख्यान, है तो पुराना फिर भी एक से एक जानकारियां मिलेंगी और सरकार की पोल भी खुलेगी। और हां, खून भी खौलेगा।
मुझे कुछ हिस्से यूट्यूब में नही मिले। यदि किसी के पास राजीव जी के व्याख्यानों की आडियो/वीडियो सीडी हो तो कृपया उसे इंटरनेट में सभी से साझा करें।

























मंगलवार, 3 अगस्त 2010

राजीव दीक्षित जी के व्याख्यान - रतलाम, ग्वालियर, होशंगाबाद के वीडियो

राजीव दीक्षित जी का व्याख्यान - १ जून २००९



राजीव दीक्षित जी का व्याख्यान - होशंगाबाद



राजीव दीक्षित जी का व्याख्यान - ग्वालियर




राजीव दीक्षित जी का व्याख्यान - रतलाम


सोमवार, 2 अगस्त 2010

राजीव दीक्षित जी के व्याख्यान एमपीथ्री में डाउनलोड करें

डाउनलोड करें और सुनें।

भारतीय आजादी का इतिहास
http://rapidshare.com/files/119017778/01—-Bharathiya_aajaadi_ka_ithihaas_1_of_3.mp3
http://rapidshare.com/files/119014488/02—-Bharathiya_aajaadi_ka_ithihaas_2_of_3.mp3
http://rapidshare.com/files/119018870/03—-Bharathiya_aajaadi_ka_ithihaas_3_of_3.mp3

उधारीकरण और वैश्वीकरण
http://rapidshare.com/files/119021568/05—-Udharikaran_aur_Vaishvikaran_1_of_2.mp3
http://rapidshare.com/files/119021569/06—-Udharikaran_aur_Vaishvikaran_2_of_2.mp3

विदेशी विज्ञापनों का झूठ
RapidShare: Easy Filehosting

मैकाले की शिक्षा पद्धति
RapidShare: Easy Filehosting

एलिजाबेथ की भारत यात्रा
RapidShare: Easy Filehosting

विज्ञापनों का बालमन पर प्रभाव
RapidShare: Easy Filehosting

गोरक्षा और उसका महत्व
http://rapidshare.com/files/119507729/15—-Goraksha_Aur_Uska_Mahatv_1_of_1_.mp3

पोखरण परीक्षण
http://rapidshare.com/files/119525451/16—-Pokhran_Parikshan_aur_arthik_dighbandhan_1_of_1.mp3

अर्थव्यवस्था में मंदी का कारण और निवारण
http://rapidshare.com/files/119516563/11—-Arthvyavastha_Me_Mandi_Ke_Kaaran_Aur_Nivaran_1_of_2.mp3
http://rapidshare.com/files/119516564/12—-Arthvyavastha_Me_Mandi_Ke_Kaaran_Aur_Nivaran_2_of_2.mp3

पेटेंट कानून और दवाओं पर हमला
http://www.rajivdixit.com/?p=92
सीटीबीटी और भारतीय अस्मिता
http://rapidshare.com/files/119708684/17—-CTBT_Aur_Bharathiya_Asmitha_1_of_2.mp3
http://rapidshare.com/files/119708686/18—-CTBT_Aur_Bharathiya_Asmitha_2_of_2.mp3

अर्थव्यवस्था को सुधारने के उपाय
http://rapidshare.com/files/119711907/19—-Arthvyavastha_Ko_Sudhaarneke_Upaay_1_of_2.mp3
http://rapidshare.com/files/119711908/20—-Arthvyavastha_Ko_Sudhaarneke_Upaay_2_of_2.mp3

खेती और किसानों की गुलामी
http://rapidshare.com/files/120203981/21—-Khethi_Aur_Kisano_Ki_Ghulami_1_of_3.mp3
http://rapidshare.com/files/120203983/22—-Khethi_Aur_Kisano_Ki_Ghulami_2_of_3.mp3
http://rapidshare.com/files/120214394/23—-Khethi_Aur_Kisano_Ki_Ghulami_3_of_3.mp3

महात्मा गांधी को श्रद्धांजली
http://rapidshare.com/files/120214395/31—-Mahatma_gandhi_ko_shradhanjali_1_of_1.mp3

प्रतिभा पलायन पर पुणे इंजीनियरिंग कालेज में व्याख्यान
http://rapidshare.com/files/120220394/24—-Prathiba_palaayan_–_Pune_Engg_College_speech_1_of_2.mp3
http://rapidshare.com/files/120220395/25—-Prathiba_palaayan_–_Pune_Engg_College_speech_2_of_2.mp3

स्वदेशी आंदोलन में गणेश उत्सव का महत्व
http://rapidshare.com/files/120225337/26—-Svadeshi_Andholan_Me_Ganesh_Utsav_Ka_Mahatva_1_of_2.mp3
http://rapidshare.com/files/120225339/27—-Svadeshi_Andholan_Me_Ganesh_Utsav_Ka_Mahatva_2_of_2.mp3

भारत पर विदेशी आक्रमण - कारगिल युद्ध
http://rapidshare.com/files/120230037/28—-Bharath_par_videshi_akraman_Kargil_yudh__1_of_3.mp3
http://rapidshare.com/files/120230038/29—-Bharath_par_videshi_akraman_Kargil_yudh__2_of_3_.mp3
http://rapidshare.com/files/120236645/30—-Bharath_par_videshi_akraman_Kargil_yudh__3_of_3_.mp3

आतंकवाद और उसका निवारण - वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला
http://rapidshare.com/files/120236648/33—-Aathankvad_aur_uska_nivaran_WTC_attack__1_of_3.mp3
http://rapidshare.com/files/120240111/34—-Aathankvad_aur_uska_nivaran_WTC_attack__2_of_3.mp3
http://rapidshare.com/files/120240114/35—-Aathankvad_aur_uska_nivaran_WTC_attack__3_of_3.mp3

स्विस बैंकों में भारत की लूट
http://rapidshare.com/files/120243478/36—–Swiss_bankon_mein_bharath_ki_loot_1_of_3.mp3
http://rapidshare.com/files/120243480/37—-Swiss_bankon_mein_bharath_ki_loot_2_of_3.mp3
http://rapidshare.com/files/120243481/38—-Swiss_bankon_mein_bharath_ki_loot_3_of_3.mp3

दुनिया का सबसे तेज़ इंसानी कैलकुलेटर

मंगलवार, 29 जून 2010

फेयर एंड लवली की महिमा

पहला विज्ञापन: फेयर एंड लवली लगाने से आप इतने गोरे हो जाते हैं कि किसी फिल्म के निर्माण के दौरान किसी हीरो को फिल्म से निकलवाकर खुद हीरो बन सकते हैं।



दूसरा विज्ञापन: फेयर एंड लवली लगाने से आप इतने गोरे हो जाते हैं कि सब आपकी फोटू खींचने को उतावले हो जाते हैं।



तीसरा विज्ञापन: फेयर एंड लवली लगाने से आप इतने गोरे और सुंदर हो जाते हैं कि आप आसानी से माडल और ब्रांड एम्बेसडर बन सकते हैं। जो लोग काले या गेहुंए होते हैं वो कुरूप होते हैं।



चौथा विज्ञापन: सफलता और प्रसिद्धि के लिए गोरा होना जरूरी है और जो लोग गोरे नही होते वो निचले दर्जे के लोग होते हैं।



पांचवां विज्ञापन: इसमें बताया जा रहा है कि नौकरी और तरक्की के लिए क्वालिफिकेशन(योग्यता) से बढ़कर भी कुछ जरूरी होता है... और वो पता है क्या है? चमड़ी का गोरा रंग। जिससे सामने वाले को प्रभावित किया जा सकता है। इसलिए नौकरी पाने के लिए फेयर एंड लवली लगाइए।





छठा विज्ञापन: गोरे रंग से आप फिल्म स्टार बन सकते हैं और हां गोरा रंग आपको एवार्ड भी दिला देता है



ई देखिए। यदि ओबामा जी इसे लगाते तो ऐसे लगते

















फेयर एंड लवली का मालिक कौन है पता है ? हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड।
और ये हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड का मालिक ब्रिटेन की कंपनी यूनिलीवर लिमिटेड है।
अब आते हैं इसके ब्रांडो पर :
  • एक्स(वही जिसके विज्ञापनों में बताया जाता है कि एक्स की खुशबू से औरतें आपके साथ सोने को एक पैर से तैयार हो जाएंगी)
  • लिप्टन
  • लक्स
  • सर्फ़ (दाग अच्छे हैं)
  • सनसिल्क
  • रेक्सोना (हरपल साथ निभाए)
  • डोव
  • ब्रुक बॉन्ड
  • ब्रू
  • किसान जैम/केचअप आदि
  • लाइफ बॉय 
  • विम
  • पियर्स साबुन
  • पान्ड्स
  • फेयर एंड लवली
  • वैसलीन
  • क्वालिटी वाल्स आइसक्रीम
आदि आदि इत्यादि

इन ब्रांडों उत्पादों का भारत में जमकर इस्तेमाल होता है। मैं तो उस वक्त दंग रह गया जब देखा कि हमारे द्वारा रोजमर्रा के उपयोग किये जाने वाले ज्यादातर उत्पाद यूनिलीवर के हैं। यानि कि हमारी जेबों से इतनी भारी मात्रा में धन केवल एक कंपनी विदेश ले जा रही है। तो बाकी का मिलाकर क्या होगा?

एक दिन मैंने किराने की दुकान वाले से देशी विदेशी सामानों के बारे में पूछा तो उसने कहा कि यदि देशी विदेशी देखोगे तो कुछ खा नही पाओगे। यानि कि ज्यादातर उत्पाद विदेशी कंपनियों के हैं। आप यूनिलीवर के उत्पादों से ही अंदाजा लगा सकते हैं। बाजार पटा पड़ा है विदेशी कंपनियों के उत्पादों से।

अब भई ब्रिटेन की कंपनी है तो वो तो बोलेगी ही कि जो लोग गोरे नही होते उनकी कोई हैसियत नही होती।

Hinustan Unilever LTD के उत्पादों की पूरी सूची
http://en.wikipedia.org/wiki/List_of_Unilever_brands

शुक्रवार, 14 मई 2010

ईवीएम मशीन को तो एक बच्चा भी हैक कर सकता है

ईवीएम मशीन को तो एक बच्चा भी हैक कर सकता है। इसे हैक करने के एक नही बल्कि कई तरीके हैं और बेहद आसान भी। ये वीडियो यही बता रहा है:

क्या आपको अपना चिट्ठा स्वयं के डोमेन नाम, होस्टिंग में स्थानांतरित कर देना चाहिए

क्या आप चिट्ठाकारी गंभीरतापूर्वक कर रहे हैं? या केवल शौकिया?

यदि आप शौकिया चिट्ठाकारी कर रहे हैं या उसे मन की भड़ास निकालने का माध्यम बनाकर उपयोग कर रहे हैं तो मुफ्त की वर्डप्रेस डॉट काम या ब्लॉगस्पाट जैसी सेवा आपके लिए ठीक रहेगी। किंतु यदि आप अपने लेखन के प्रति गंभीर हैं तो यह प्रविष्टि आपके लिए है।

एक नियम हमेशा याद रखिए, दुनिया में मुफ्त में कुछ नही मिलता है। आखिर गूगल ब्लागर नाम की सेवा मुफ्त में क्यों दे रहा है? गूगल इतना बेवकूफ तो नही है। असल में फंडा ये है कि आपको गूगल लिखने के लिए जगह उपलब्ध कराता है फिर आपके लिखे का प्रयोग करके एडसेंस के जरिए खूब कमाता है। ये बात और है कि आपको भी उस कमाई का एक हिस्सा मिलता है। किंतु वो हिस्सा कितना प्रतिशत है ये गूगल किसी को नही बताता है।

बेशक आप अपने ब्लॉगस्पाट पर स्थित चिट्ठे की सामग्री के स्वामी हैं पर डोमेन नाम तथा प्लेटफार्म का मालिक गूगल है। यदि ब्लॉगस्पाट पर आपका चिट्ठा एक दिन काफी मुनाफे वाला हो गया तो आप उसे बेच नही सकते हैं। इसके अलावा गूगल ब्लॉगस्पाट की सामग्री पर स्वयं नियंत्रण करता है। और जब चाहे आपका चिट्ठा मिटा सकता है। अब यदि आपने काफी मेहनत करके लेख लिखे हैं और भगवान न करे कि कोई ऐसी घटना आपके साथ हो जाए तो पूरी मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
खुद के होस्ट किए गए चिट्ठे में सभी चीजें आपकी होती हैं। डोमेन नेम और प्लेटफार्म भी। गूगल आपके खुद के होस्ट किए गए चिट्ठे को मिटा भी नही सकता है।

ब्लॉगस्पाट आपको सबडोमेन देता है। ब्लॉगस्पाट पर ढेरों चिट्ठे हैं जिनमें से कई सारे आलतू फालतू सामग्री वाले भी हैं। कई स्पैम करने की उद्देश्य से शुरू किए गए हैं। अत: ऐसी स्थिति में आपका खुद का डोमेन नाम आपकी विश्वसनीयता पैदा करता है।

कई विज्ञापनदाता केवल तभी चिट्ठे पर विज्ञापन देते हैं जब वह स्वयं के डोमेन नाम पर हो। कोई मुफ्त होस्टिंग पर नही। स्वयं के डोमेन नाम और होस्टिंग होने से विज्ञापनों के लिए भी रास्ते खुल जाते हैं।


डोमेन नाम और वेब होस्टिंग महंगी नही पड़ती है। पांच-छ: सौ रुपए सालाना में डोमेन नाम और करीब दो हजार सालाना तक में वेब होस्टिंग आप खरीद सकते हैं।
कुछ लोग केवल डोमेन नाम खरीद लेते हैं परंतु होस्टिंग की बजाए ब्लागर के ही प्लेटफार्म को उपयोग करते हैं। मेरा विचार है कि आप एक बार वर्डप्रेस डॉट ओआरजी को डाउनलोड करके लोकल सर्वर में चलाकर देखें। वर्डप्रेस के आगे ब्लॉगर की कोई औकात नही है। जितनी सुविधाएं वर्डप्रेस आपको देता है ब्लॉगर नही देता है। और इसकी सुविधाओं को प्लगिन और टेम्प्लेटों के सहारे जितना चाहे विस्तारित किया जा सकता है।
और फिर वर्डप्रेस ही क्यों? आप यदि स्वयं की होस्टिंग रखते हैं तो उसमें कुछ भी चला सकते हैं, जूमला, ड्रुपल, बी२एवाल्यूशन, फोरम स्क्रिप्ट जैसे पीएचपीबीबी आदि। यानि कि विकल्प ही विकल्प खुले होते हैं। आप जितना चाहें आगे बढ़ सकते हैं।

हां एक बात जरूर है इतनी सुविधाओं के साथ थोड़ी मेहनत भी करनी होती है जैसे कि नियमित तरीके से डाटाबेस बैकअप लेना। फाइलों का बैकअप लेना आदि। पर ये कोई बहुत बड़ी भारी बात नही है। नियमित ध्यान देना अच्छा रहता है।
रही बात सुरक्षा की तो सामान्यत: वर्डप्रेस, जूमला आदि सुरक्षित हैं। पूरी दुनिया में इन्हे खूब प्रयोग किया जाता है। कभी कभार कुछ सुरक्षा खामियां जरूर निकल आती हैं लेकिन ये खामियां जल्द ही दूर भी कर दी जाती हैं।

तो क्या किया जाए?
वेब होस्टिंग तथा डोमेन नाम के लिए आप निम्न लिखित कंपनियों से संपर्क कर सकते हैं:

http://dewlance.com/
http://way4host.com/

आप स्वयं भी वर्डप्रेस स्थापित करके और कुछ फ्री टेम्प्लेट स्थापित करके मिनटों में चिट्ठा शुरू कर सकते हैं। पर यदि आप अपने मन मुताबिक डिजाइन चाहते हैं या ब्लॉग की बजाए वेबसाइट जैसा रंगरुप चाहते हैं तो किसी वेब डिजाइनर की सहायता लेनी होगी। मैं स्वयं भी आपको वर्डप्रेस आधारित वेबसाइटें बनाकर दे सकता हूं। अभी अपनी स्वयं की साइट यहां (http://blogs.antarjaal.in/takneek) चला रहा हूं। मेरा संपर्क सूत्र है: ankurgupta555 (at) gmail (dot) com

खराब सीडी से मोबाइल रखने का खांचा बनाएं

यदि आपकी कोई सीडी या डीवीडी खराब हो गई हो तो उसे फेंकने की जरूरत नही है। आप चाहें तो उसका मोबाइल स्टैंड बना सकते हैं।
यह देखिये वीडियो:

लिनक्स आइसक्रीम भी बना सकता है। क्या आपका ओएस ऐसा कर सकता है?

लिनक्स केवल पर्सनल कम्प्यूटरों को ही नही चलाता बल्कि विभिन्न अन्य प्रकार की भी मशीनों में भी प्रयोग किया जाता है। "मूबेला" एक लिनक्स पर चलने वाली आइसक्रीम बनाने वाली मशीन है जिसे अभी फिलहाल न्यू इंग्लैंड में जांचा परखा जा रहा है। यह रेडहैट लिनक्स पर चल रही है तथा इसमें आप स्पर्श स्क्रीन के जरिए अपनी आइसक्रीम आर्डर किए जा सकते हैं।
इस वीडियो को देखें:

गुरुवार, 29 अप्रैल 2010

एक छोटे से कमरे में आप क्या क्या बना सकते हैं?

एक छोटे से कमरे में आप क्या क्या बना सकते हैं? गेरी चांग नें एक छोटे से कमरे में रसोई, बैठक, सोने का कमरा, नहाने का टब और हाँ होम थियेटर भी बना लिया| यह कमरा कुल चौबीस रूपों मे बदल सकता है| इस वीडियो को देखिए:

सोमवार, 26 अप्रैल 2010

हिन्दी में प्रोग्रामिंग : एक प्रयोग

आप सभी तो जानते ही होंगे कि कम्प्यूटर केवल १ और ० की भाषा समझता है। चूंकि कम्प्यूटर के क्षेत्र में सारा विकास पश्चिम में हुआ अत: इसकी उच्च स्तरीय भाषाएं अंग्रेजी में ही बनी।
आज मैं एक प्रयोग करके देख रहा था। और मजा भी आया। यद्यपि सभी उच्च स्तरीय भाषाएं अंग्रेजी में ही हैं। पर अपन यदि हिन्दी भी उसमें घुसेड़ दें तो?
ये देखिए विजुअल सी शार्प में हिन्दी भाषा में क्लासें, आब्जेक्ट और मेथड।
ये प्रोग्राम बिना किसी दिक्कत के काम किया।
यानि कि हम चाहें तो अपने साफ़्टवेयर के स्रोत कोड की क्लास लाइब्रेरियों को चाहें तो हिन्दी में रख सकते हैं। अब ये तो अपनी अपनी सुविधा है कि हम किस भाषा का प्रयोग करते हैं। पर हिन्दी का भी विकल्प होने से काफी अच्छा महसूस हो रहा है।

शुक्रवार, 23 अप्रैल 2010

एक ओर पानी की किल्लत है और दूसरी ओर लोग सड़कों को नहला रहे हैं

आजकल देखता हूं कि हमारे मुहल्ले का करीब करीब हर परिवार सुबह या शाम को पाइप से पूरी सड़क नहलाने में लगा रहता है। मुझे गर्मी में ऐसा करना बिल्कुल ही अजीब लगता है। क्या लोगों को पानी की कीमत नही पता है? सड़क को पानी से नहलाकर वो कितनी देर तक ठंडक पैदा कर लेंगे?
अभी तक मैंने अपनी गली के लोगों को ऐसा करते देखता था आज तो हद उस समय हो गई जब मैंने मुख्य सड़क को नहलाते हुए देखा, जिसपर लगातार मोटर गाड़ियां आ जा रही थीं।
एक ओर लोग प्यासे मर रहे हैं और दूसरी ओर लोग इस प्रकार पानी बर्बाद कर रहे हैं।

यदि आपको कोई इसका सही कारण पता हो तो बताएं। वैसे गर्मी में जब पानी की कमी हो जाती है ऐसे में मुझे यह एक बेहद घटिया काम लग रहा है।

सोमवार, 5 अप्रैल 2010

हिन्दी को चाहिए खूबसूरत फॉन्ट

मैं जब से कम्प्यूटर के क्षेत्र में हूँ तब से हिन्दी के लिए एक ही फॉन्ट देखता आ रहा हूँ : "कृति देव"।
अंग्रेजी में ग्राफिक डिजाइनिंग आदि का काम करना हो तो एक से एक खूबसूरत फॉन्ट मिल जाते हैं परंतु हिन्दी के लिए उतने ही प्रकार के फॉन्ट नही मिल पाते हैं।
कृतिदेव में कोई कमी नही है, परंतु ये पर्याप्त नही है। यानि कि और भी विभिन्न प्रकार के फौन्ट बनने चाहिए।

इसी प्रकार अंग्रेजी में वेबसाइट बनाना हो तो Arial, Verdana, Times, Georgia आदि फॉन्टों से साइट जोरदार दिखने लगती है परंतु हिन्दी में हमें कम्प्यूटर में मौजूद डिफाल्ट हिन्दी फॉन्ट जैसे कि "मंगल" आदि से काम चलाना पड़ता है।

यदि आपकी जानकारी में अन्य आकर्षक हिन्दी फॉन्ट हों तो मुझे भी बताएं। ग्राफिक डिज़ाइनरों से भी मेरा अनुरोध है कि वो इस दिशा में भी थोड़ी पहल करें।

[अद्यतन]
अभी अभी मुझे पता लगा कि विंडोज़ ७ में तीन नये हिन्दी फौन्ट शामिल हुए हैं: अपराजिता, कोकिला एवं उत्साह। इससे निश्चित रूप से हिन्दी वेबसाइटों को और भी खूबसूरती मिलेगी क्योंकि विंडोज़ में पहले से ही उपस्थित होने की वजह से ज्यादातर लोगों को दिखाई देंगे।

शनिवार, 27 मार्च 2010

“अंतरजाल डाट इन – तकनीक” चिट्ठे का शुभारंभ

सूचना और तकनीक आधारित अंतरजाल डाट इन http://www.antarjaal.in वेबसाइट शुरू की जा रही है। अभी इस साइट में तकनीक (http://blogs.antarjaal.in/takneek/) नामक चिट्ठे का प्रकाशन किया जाएगा। इस चिट्ठे पर आप विंडोज़, लिनक्स तथा इंटरनेट पर लेख, नुस्खे, मुफ्त डाउनलोड आदि पाएंगे।

image

इस चिट्ठे यानि कि ankurthoughts (अंकुर गुप्ता का हिन्दी ब्लाग) को बंद तो नही किया जाएगा परंतु अब तकनीकी विषयों पर ज्यादातर प्रविष्टियां अंतरजाल डाट इन पर ही प्रकाशित होंगी।

अभी अंतरजाल डाट इन शुरुआती अवस्था में है। भविष्य में और भी चीज़ें इसमें जुड़ती चली जाएंगी।

ब्लाग एग्रीगेटरों से निवेदन है कि वे “तकनीक” चिट्ठे की भी सामग्री अपनी साइट में दिखाना शुरू कर दें।

इस चिट्ठे के ईमेल सदस्यों से निवेदन है कि वे आगे से तकनीकी विषयों पर हिन्दी में जानकारी के लिए “तकनीक” चिट्ठे की सदस्यता ले लें।

आपके सुझाव सादर आमंत्रित हैं।

मंगलवार, 23 मार्च 2010

गूगल ने चीन में खोज परिणामों पर से नियंत्रण खत्म किया

imageimageगूगल ने अपने आधिकारिक चिट्ठे में घोषणा की है कि चीन में उन्होने खोज परिणामों पर से नियंत्रण हटा लिया है। जो उपयोगकर्ता Google.cn पर जाएंगे उन्हे Google.com.hk पर पुन:प्रेषित कर दिया जाएगा। Google.com.hk जो कि हांगकांग में स्थित सर्वरों द्वारा चलाई जा रही है पर खोज परिणाम बिना किसी नियंत्रण अथवा रोक के उपलब्ध होंगे। हांगकांग में बीजिंग वाले नियम कायदे लागू नही होते।  इसीलिए Google.com.hk पर पहले भी बिना किसी नियंत्रण के खोज परिणाम दिखाए जाते रहे हैं। हांग कांग के सर्वरों में भार बढ़ जाने के कारण उपयोगकर्ताओं को पृष्ठ लोड होने में धीमेपन अथवा पृष्ठ ना खुलने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

गूगल ने कहा है कि  चीन में स्थित अपने व्यापार संबंधी सभी निर्णय गूगल के संयुक्त राज्य अमेरिका के अधिकारियों द्वारा लिए जाते हैं। इनमें गूगल चीन का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी शामिल नही है। गूगल को आशा है कि चीन की सरकार उसके निर्णय का सम्मान करेगी परंतु यह भी संभव है कि चीन की सरकार किसी भी वक्त गूगल की सेवाओं पर रोक लगा दे। इसीलिए गूगल ने यह एक नया पृष्ठ बनाया है http://www.google.com/prc/report.html#hl=en जिसके जरिए लोग यह जान सकते हैं कि चीन में उसकी कौन सी सेवाएं उपलब्ध हैं और कौन सी नही।

रविवार, 21 मार्च 2010

अंतर्जाल तथा अंतरजाल में से कौन शब्द सही है

इंटरनेट को संस्कृत  में अंतर्जाल लिखें या अंतरजाल ? कौन सा शब्द सही होगा ?

भाषा विशेषज्ञ मदद करें.

मंगलवार, 16 मार्च 2010

टेम्प्लेट डिजाइनर से ब्लागर टेम्प्लेट बनाना हुआ आसान

जी हां गूगल ने अभी हाल ही में ब्लागर ड्राफ़्ट में एक और नई सुविधा जोड़ी है: टेम्प्लेट डिजाइनर. इसकी मदत से अब गैर प्रोग्रामर/गैर डिजाइनर लोग भी सुंदर टेम्प्लेट बना पाएंगे. ब्लागर ड्राफ़्ट खोलने के लिए आपको बस इतना करना है कि http://draft.blogger.com पर लाग इन करना है. इसके लेआउट टैब में आपको “टेम्प्लेट डिजाइनर” नाम से एक विकल्प मिलेगा. इसे क्लिक करें.

image

ब्लागर टेम्प्लेट डिजाइनर आपको सर्वप्रथम ब्लाग की टेम्प्लेट का प्रकार चुनने को कहता है. आप चार प्रकारों में से कोई भी एक चुन सकते हैं. बढ़िया बात ये कि परिवर्तनों को आप उसी वक्त देख भी सकते हैं.

image

दूसरी टैब पृष्ठभूमि की है. इससे आप अपने ब्लाग की पृष्ठभूमि के चित्र को चुन सकते हैं. गूगल ने पृष्ठभूमि के लिए ढेर सारे चित्र पहले से ही उपलब्ध करवाए हैं. परंतु स्वयं का कोई चित्र अपलोड करने की सुविधा अभी नही है.

image

ब्लागरों को सबसे ज्यादा दिक्कत कालमों को लेकर होती थी. क्योंकि इसे बनाने के लिए एचटीएमएल तथा सीएसएस की जानकारी होना जरूरी है. गूगल ने इसे भी आसान बना दिया. पहले से कुछ कालमों के लेआउट बने बनाए उपलब्ध है. इनमें १,२,और ३ कालम वाले लेआउट भी हैं.

image

और हां आप इन कालमों की चौड़ाई भी बदल सकते हैं.

image

आखिरी विकल्प है “उन्नत”. इससे आप पृष्ठ के विभिन्न तत्वों का रंग तथा फ़ान्ट आकार बदल सकते हैं.

image

टेम्प्लेट डिजाइनर निश्चित तौर से गूगल की ओर से एक बढिया कदम माना जा सकता है क्योंकि इससे चिट्ठाकारों को अपने ब्लाग के डिजाइन को सुंदर बनाने में काफ़ी मदत मिलेगी.

सोमवार, 15 मार्च 2010

हिन्दी अखबार ही हिन्दी को डुबोने में लगे हैं

15032010246 15032010245

 15032010244 Picture 016

 Picture 017

ऊपर दिये गए सारे चित्र एक ही अखबार से हैं, हरिभूमि से। क्या आपको नही लगता कि एक हिन्दी के अखबार में अनावश्यक अंग्रेजी का प्रयोग किया गया है?

दैनिक भास्कर भी हरिभूमि की तरह हिन्दी में अंग्रेजी जमकर घुसेड़ रहा है। कल अपने दोस्त के यहां मैंने अखबार देखा लिखा था : Sunday दैनिक भास्कर।

ये वही अखबार है जो एक जमाने में लिखता था: “खुश हों कि आज रविवार है”। तो आज आपको रविवार की जगह “Sunday” क्यों लिखना पड़ रहा है?

दैनिक भास्कर की वेबसाइट देखिए:

image image

इसमें जमकर अंग्रेजी घुसेड़ी गई है. शहरों के नामों के साथ साथ लगभग सभी शीर्षक अंग्रेजी में लिखे गए हैं.

 

और इस कार्य में इन अखबारों का नेता बनकर उभरा है: नवभारत टाइम्स

image

http://navbharattimes.indiatimes.com/delhiarticleshow/5683610.cms

ये अखबार न तो हिन्दी लिखता है और ना ही अंग्रेजी. ये शुद्ध हिंग्लिश का प्रयोग करता है। (और हिंग्लिश का प्रयोग कोई उपलब्धि नही है बल्कि समस्या है)

ये अखबार अक्सर हिन्दी को डुबोने के लिए लोगों को जागरूक(?) करने के लिए लेख भी निकालता है।

***

अब एक और चित्र देखिए। अखबार में ये सरकारी विज्ञापन आया है। इसमें लिखा है : “तम्बाखू से मुख का कर्क रोग होता है”

 Picture 015

मैं इसका क्या अर्थ निकालूं? क्या इसमें मेरे जैसे लोगों का मजाक उड़ाया जा रहा है कि “बहुत हिन्दी हिन्दी करते हो। अब ये लो। ऐसी हिन्दी कि किसी को आसानी से समझ में ना आये” या सरकार चाहती ही नही कि लोग ये जानें कि तम्बाखू से कैंसर होता है।