रविवार, 27 सितंबर 2009

Firefox 3.7 के लिये Windows Theme Mockups

विंडोज विस्टा/विंडोज ७

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विंडोज़ एक्सपी

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ध्यान रहे ये आखिरी डिजाइन नही है. मोजिला ने इन्हे आपके फ़ीडबैक के लिये निकाला है.

मुझे एक ही बात लग रही है इन चित्रों को देखकर कि फ़ायरफ़ाक्स के विंडोज़ एक्सपी वाले संस्करण के साथ बहुत नाइंसाफ़ी हो रही है. एक्सपी वाले संस्करण में कोई खास बदलाव नही दिख रहा है. वहीं विस्टा/७ वाले डिजाइनों में काफ़ी बदलाव समझ में आ रहा है.

दुनिया का पहला ३डी प्रिंटर

प्रिंटर से आप क्या करते हैं? एक २डी इमेज कम्प्यूटर में बनाते हैं फ़िर उसे कागज पर प्रिंट कर लेते हैं. पर अगर इमेज ३डी हो तो?

दुनिया का पहला ३डी प्रिंटर हाजिर है जनाब. अब देखिये जरा इसका प्रिंट आउटपुट:

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इस हाथ को बनाने में खर्च आया मात्र $4.73 का.

आश्चर्य हुआ ना? ये प्रिंटर ३डी माडल बना देता है. और पता है ये इनपुट के तौर पर आपका वही साधारण कागज ही लेता है. एक बार बनने के बाद आप इसे मनचाहे ढंग से रंग सकते हैं और खूबसूरत बना सकते हैं.

फ़िलहाल अभी यह प्रोटोटाइप के रूप में ही है. लेकिन बाजार में यह जल्द ही आयेगा.

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सभी तस्वीरें साभार: gizmodo.com

वीडियो साभार: tnerd.com

वीडियो फ़ाइलों को एक्जिक्यूटेबल्स में परिवर्तित करें

कई बार होता है कि हम किसी को कोई वीडियो फ़ाइल भेजते हैं और वो उसके कम्प्यूटर में चलती ही नही है. ऐसा सही प्लेयर या सही कोडेक इंस्टान नही होने से होता है. कई बार तो ऐसी समस्यायें हल हो जाती हैं पर अगर सामने वाला कम तकनीकी ज्ञान रखता हो तो सिरदर्द और बढ़ जाता है.

ऐसी स्थिति में उसे वीडियो फ़ाइल को एक्जिक्यूटेबल भेजना सही होगा ना? क्योंकि इसे चलाने के लिये तो किसी प्लेयर की जरूरत तो नही पड़ेगी.

जी हां! Make Instant Player एक ऐसा ही मुफ़्त साफ़्टवेयर है जिसकी मदत से वीडियो फ़ाइलों के एक्जिक्यूटेबल्स बनाये जा सकते हैं.

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असल में मेकइंस्टेंट प्लेयर आपकी वीडियो फ़ाइल को ओपेन सोर्स एमप्लेयर के साथ जोड़ देता है. जब एक्जिक्यूटेबल को रन कराते हैं तो एक शुरूआती स्क्रीन भी आती है जिसे स्प्लैश स्क्रीन कहा जाता है. इसे भी आप अपने मन मुताबिक बदल सकते हैं. आपको कोडेक्स को शामिल करने का भी विकल्प  दिया जाता है. लेकिन ध्यान रखें कि इससे आपकी फ़ाइल का आकार बड़ा हो जायेगा.

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आप इस साफ़्टवेयर को यहां से डाउनलोड कर सकते हैं: http://mulder.dummwiedeutsch.de/home/?page=projects#instplay

लिनक्स मे प्रिज्म का उपयोग करना

मोजिला प्रिज्म से वेब आधारित अनुप्रयोगों को ब्राउजर से अलग डेस्कटाप पर चलाया जा सकता है।
प्रिज्म क्यो?
वेब अनुप्रयोग समय के साथ शक्तिशाली हुए हैं। लोग अब इनका पहले से अधिक प्रयोग करने लगे हैं। उदहारण के लिए:
  • फीड पढने के लिए : गूगल रीडर
  • ईमेल के लिए : जी मेल
  • सोशल नेटवर्किंग : फेसबुक
  • इमेज सम्पादन/वेक्टर ग्राफिक्स/ आडियो एडिटिंग के लिए : एविरी सुइट
आदि।
लोग अब इन्हे उसी प्रकार प्रयोग करना चाहते हैं जैसे की किसी डेस्कटॉप अनुप्रयोग को करते हैं।
ये अनुप्रयोग फ्लैश या जावास्क्रिप्ट पर बने होते हैं। अत: ये आपके ब्राउजर को धीमा भी कर सकते हैं। या ब्राउजर क्रैश भी हो सकता है। पर अगर ऐसा हुआ तो दूसरी टैबो मे खुले पेज भी बंद हो जायेंगे।
अत: ये जरूरी है कि ऐसे अनुप्रयोग अलग विण्डो मे चलें। बिना किसी एड्रेस बार या मीनू बार के। इसके अलावा हर अनुप्रयोग का एक शार्टकट भी होना चैये ताकि आप एक क्लिक से उसे शुरू कर सकें.
यही कारण है कि प्रिज्म को विकसित किया गया।

लिनक्स मे प्रिज्म इंस्टाल करना।
लिनक्स मे प्रिज्म इंस्टाल करना बहुत आसन है।
अनुप्रयोग/ऍप्लिकेशन मीनू मे क्लिक करके एड रिमूव प्रोग्राम मे जाएँ।
यहाँ prism लिखकर खोजें। ये आपको मिल जाएगा. अब इंस्टाल कर लें.

"एड रिमूव प्रोग्राम्स" मे आपको प्रिज्म के लिए जीमेल, फेसबुक आदि भी मिलेंगे। आप चाहें तो उन्हें भी इंस्टाल कर सकते हैं।

एक बार इंस्टाल होने के बाद आप प्रिज्म अनुप्रयोग अपने इन्टरनेट मीनू से शुरू कर सकते हैं।
एक बात और, यदि आप कोई अन्य वेब अनुप्रयोग प्रिज्म मे जोड़ना चाहते हैं तो इन्टरनेट मीनू मे "प्रिज्म" लांचर मे क्लिक कीजिये। इससे आपको इस प्रकार का एक डायलाग बाक्स मिलेगा.


इसमे आप अपने वेब अनुप्रयोग का यूआरएल भरिये, उसका नाम भरिये और डेस्कटॉप शार्टकट को सक्षम कर दीजिये।
ओके मे क्लिक कीजिये। आपका अनुप्रयोग एक अलग विण्डो मे खुल जाएगा। और इसका शार्टकट भी डेस्कटॉप मे आ जाएगा।



प्रिज्म क्रास प्लेटफार्म है। आप इसे विन्डोज़ मे भी इंस्टाल कर सकते हैं.

गनोम मीनू को संपादित करना - एक नया सब मीनू बनाना

आज हम लिनक्स के गनोम मीनू को संपादित करना सीखेंगे। इसके लिए हम एक नया मीनू बनायेंगे और उसमे एक नया शार्टकट जोडेंगे।
तो शुरू करते हैं:
सबसे पहले अनुप्रयोग मीनू में राईट क्लिक करके "मीनू संपादित करें(Edit Menus)" विकल्प में क्लिक करें।


अब दाएँ ओर के पैन में अनुप्रयोग में क्लिक करें। फ़िर "नया मीनू" विकल्प वाले बटन पर क्लिक करें। इससे आपको एक नया डायलाग बॉक्स मिलेगा। इसा डायलाग बॉक्स में अपने नए मीनू का नाम भरें। आप फोल्डर जैसे दिखने वाले बटन पर क्लिक करके अपने मीनू का आइकन भी बदल सकते हैं। अब ओके या ठीक बटन पर क्लिक करें।



तो अब आपका मीनू बन गया। लेकिन अभी ये अनुप्रयोग मीनू में दिखाई नही देगा क्योंकि इसके भीतर कोई शार्टकट नही है.



अब दाएँ ओर तरफ़ वाले पैन में जाकर अपने मीनू को चुन लें। फ़िर "नया मद" नाम के बटन पर क्लिक करें। अब आप अपना शार्टकट बना सकते हैं। यहाँ पर उदहारण के लिए गिम्प साफ़्टवेयर का शार्टकट बना रहे हैं। इसके लिए हमने नाम वाले बॉक्स के आगे "Gimp Program" तथा उसका कमांड "gimp" भरा है। अब आप ओके या ठीक बटन पर क्लिक करके डायलाग बॉक्स बंद कर सकते हैं।



अब जब आप अपना अनुप्रयोग मीनू देखेंगे तो आपको अपना नया सब मीनू उसमे दिखाई देगा।

इस लेख में मेरा जो लिनक्स है वो हिन्दी में दिखाई दे रहा है। अपने उबंटू को हिन्दीमय करने के लिए मेरी ये प्रविष्टि पढ़ें उबंटू लाइनेक्स को हिंदीमय करें

मंगलवार, 22 सितंबर 2009

अब वेब डेवलपमेंट पर हिंदी ब्लाग

आज ही से एक नया ब्लाग वेब डेवलपमेंट पर शुरू कर रहा हूं. अभी अभी एक पोस्ट प्रकाशित की है जोकि वेब डेवलपमेंट की बुनियादी “थ्योरी टाइप” जानकारी है. इस नये ब्लाग का पता है: http://webtutsbyankurgupta.blogspot.com/

मुझे एक दिक्कत हो रही है कि मैं कहां से शुरू करूं? सामान्य html से या सीधे php के टुटोरियल्स से. आप क्या क्या जानना चाहते हैं टिप्पणियों के जरिये बताइये. अगर कोई विषयों की रूपरेखा बना सकें तो और भी अच्छा रहेगा.

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अद्यतन

मैंने यह सोचा है कि हर पोस्ट को मैं एक अलग पाठक वर्ग के लिये तैयार करूंगा. कुछ पोस्टें एकदम नये लोगों के लिये होंगे तो कुछ मध्यम स्तर के डेवलपरों के लिये तो कुछ एडवांस्ड लोगों के लिये.

कुछ पोस्टें एक के बाद एक सीरीज के तौर पर भी प्रकाशित की जा सकती हैं.

ई फ़ेसबुक तो चमकता है

एक मजेदार ट्रिक. आप इसे अपने दोस्तों को दिखाकर वाहवाही लूट सकते हैं. इसके लिये करना ये होगा कि अपना फ़ेसबुक पेज खोलें फ़िर निम्नलिखित बटने एक एक करके दबाते जायें:

UP-UP-DOWN-DOWN-LEFT-RIGHT-LEFT-RIGHT-B-A-<Enter>

अब माउस से पेज में क्लिक करें. आपको कुछ ऐसा इफ़ेक्ट दिखाई देगा:

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फ़ेसबुक में लुटेरों की भाषा

ये बात तो दुनिया जानती है कि फ़ेसबुक बहुत सी भाषाओं को समर्थन देता है. पर आपने क्या इस भाषा में कभी ध्यान दिया है? English - Pirates

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इससे आपका पेज कुछ ऐसा दिखने लगता है.

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सोमवार, 21 सितंबर 2009

डिज्नी अप एक्टिविटी पैक अपने बच्चों के लिये डाउनलोड करें

डिज्नी ने अपनी “अप” फ़िल्म के प्रमोशन के लिये एक एक्टिविटी पैक मुफ़्त उपलब्ध कराया है. यह एक पीडीएफ़ फ़ाइल है जिसका प्रिंट लेकर आप उसे उपयोग कर सकते हैं.

इस एक्टिविटी पैक में अंतर ढूंढो़, रास्ता ढूंढ़ो आदि जैसे बच्चों के लायक खेल हैं.

इसे डाउनलोड करने के लिये यहां जायें:

http://www.vibgyorlife.com/article/article.aspx?cid=9&id=946

 

इसके अलावा आप अप फ़िल्म के वालपेपर्स भी डाउनलोड कर सकते हैं

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http://www.vibgyorlife.com/gallery/cat3.aspx?cid=1&ssid=512

 

Disney’s Up की विशेष माइक्रो साइट:

http://www.vibgyorlife.com/moviesites/Default.aspx?msid=19

मेडल फ़ोल्डर में रखें अपने शार्टकट्स

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मेडल फ़ोल्डर एक मुफ़्त और छोटी सी यूटिलिटी है जिसके द्वारा आप अपने रोजमर्रा में काम आने वाली फ़ाइलों एवं फ़ोल्डरों के शार्टकट्स तेजी से प्राप्त कर सकते हैं.

किसी फ़ाइल, एप्लिकेशन या फ़ोल्डर को इसके मीनू में जोड़ना ड्रैग ड्राप करने जैसा है.

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इस छोटी सी यूटिलिटी को यहां से डाउनलोड किया जा सकता है http://www.medalware.com/medalfolders.php

रविवार, 20 सितंबर 2009

IBM ने अपने कर्मचारियों को MS Office छोड़ने के लिये 10 दिनों की मोहलत दी

imageIBM को तो आप जानते ही होंगे. आपको बता दूं कि IBM का अपना खुद का आफ़िस सुईट है: Lotus Symphony. लोटस सिंफ़नी, ओपेन आफ़िस पर आधारित क्लोज्ड सोर्स परंतु मुफ़्त आफ़िस सुईट है. यह आफ़िस सुईट लगभग २००८ से ही बाजार में उपलब्ध है. लेकिन अभी तक IBM खुद एम एस आफ़िस का प्रयोग कर रहा था. अभी हाल ही में उसने अपने कर्मचारियों को आदेश दिया है कि वो जल्द से जल्द MS Office छोड़कर Lotus Symphony का प्रयोग शुरू कर दें. अब एक ना एक दिन तो यह निर्णय लेना ही था. भई जब आप अपने खुद के साफ़्टवेयर को उपयोग नही कर रहे हैं तो दूसरों को उसे उपयोग की सलाह कैसे दे सकते हैं. कर्मचारियों को इसके लिये दस दिनों का समय दिया गया है.

लेकिन जब आईबीएम के तीन लाख साठ हजार कर्मचारी MS Office को छोड़ेंगे तो निश्चित तौर पर माइक्रोसाफ़्ट को झटका तो लगेगा ही.

अगर आप भी लोटस सिंफ़नी का उपयोग करना चाहते हैं तो इसे यहां से मुफ़्त डाउनलोड कर सकते हैं:

http://symphony.lotus.com

शुक्रवार, 18 सितंबर 2009

$25 का WinX DVD Ripper मुफ़्त में डाउनलोड करें [आफ़र सीमित समय के लिये]

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WinX DVD Ripper आपकी डीवीडी फ़िल्मों को avi,mp4,mpeg,wmv,flv,3gp,iphone आदि के फ़ार्मेट्स में रिप करने का साफ़्टवेयर है.

सामान्यत: इसकी कीमत करीब $25 होती है. पर अभी से तीस सितम्बर तक यह मुफ़्त में डाउनलोड के लिए उपलब्ध है.

जल्दी करें आफ़र सीमित समय के लिये है.

http://www.winxdvd.com/specialoffer/sep09.htm

 

इसके पहले भी मैंने इसी प्रकार के आफ़रों के बारे में आपको बताया था (ये सभी आफ़र सीमित समय के लिये थे):

Sitepoint: Freelancing की किताब मुफ्त डाउनलोड

Technology Nerd ने दिया System Mechanic को फ़्री

अपना Firefox Extension कैसे बनायें. मुफ़्त ईपुस्तक!

गूगल ने रिकैप्चा को खरीदा [आइये समझें रिकैप्चा को]

गूगल ने अभी हाल ही में रिकैप्चा को खरीद लिया है. रिकैप्चा वेबसाइटों को आनलाइन कैप्चा लगाने की सुविधा प्रदान करने वाली सेवा है.

आपने इसे कई साइटों में कुछ ऐसे देखा होगा:

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पहले रिकैप्चा को समझते हैं. रिकैप्चा असल में पुरानी पुस्तकों को डिजिटल रूप में परिवर्तित करने की सेवा है. पर ये काम कैसे करती है?

सामान्यत: किसी किसी किताब के किसी पृष्ठ को डिजिटल रूप देने के लिये उसे स्कैन करना पड़ेगा. लेकिन ये स्कैन की हुई कापी स्टोर करने में आकार में बड़ी हो जाती है तथा इसमें से शब्दों को खोजा नही जा सकता है. अत: इसमें से जानकारियां भी नही खोजी जा सकती हैं.

अत: इस समस्या का हल निकालने के लिये ओसीआर की मदत ली जाती है. ओसीआर यानि कि आप्टिकल कैरेक्टर रीडर. लेकिन ये भी पूरी तरह से शब्दों को पढ़ने में सक्षम नही है. और जब किताबें पुरानी हों और उनका प्रिंट खराब हो तब तो ओसीआर कुछ पढ़ ही नही पायेगा.

इसे समझने के लिये इस चित्र पर गौर फ़रमाइये:

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केवल इंसान ही ऐसे शब्दों को पढ़ सकते हैं. अत: ओसीआर का काम कैप्चा के जरिये मनुष्यों से करवाया जाता है. क्योंकि मनुष्य ही खराब प्रिंट वाले अक्षरों को पढ़ सकते हैं. लेकिन लेकिन जब मशीन को शब्द का अर्थ ही नही पता है तो वह यह कैसे जानेगी कि आपने जो टाइप किया है वह सही है?

यही रिकैप्चा का आइडिया  है. आपको कैप्चा के रूप में दो शब्द दिये जाते हैं एक वो जिसका मतलब मशीन को पता नही है और दूसरा वो जिसका मतलब मशीन को पता है.

जब आप कैप्चा को हल करते हैं तो एक शब्द से मशीन ये निश्चित करती है कि आप मनुष्य हैं ना कि कोई रोबोट/प्रोग्राम और दूसरे शब्द के से मशीन उसका मतलब सीखती है.

दुनियाभर में प्रतिदिन करीब २०० मिलियन कैप्चा हल की जाती हैं. और किसी सामान्य व्यक्ति को इसे हल करने में करीब १० सेकेंड लगते हैं. जो कि मामूली है. पर इससे एक लाख पचास हजार घंटों का काम प्रतिदिन हो जाता है. और इस प्रकार पुरानी हो चुकी पुस्तकों के ज्ञान को डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जाता है.

गूगल रिकैप्चा को खरीदकर गूगल बुक्स के लिये किताबों का डिजिटलीकरण करेगा.

 

तो है ना रिकैप्चा कमाल की चीज!

बुधवार, 16 सितंबर 2009

DirPrint प्रिंट करेगा आपके फ़ोल्डरों की फ़ाइलों की सूची

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कई बार हमें किसी डायरेक्ट्री की अंदर की फ़ाइलों की लिस्ट प्रिंट करनी पड़ती है. पर पूरी की पूरी फ़ाइलों की लिस्ट बनाना बहुत कठिन काम है. DirPrint एक छोटा सा साफ़्टवेयर है जिसके द्वारा आप किसी डायरेक्ट्री के अंदर की फ़ाइलों की लिस्ट को प्रिंट कर सकते हैं या अलग से टेक्स्ट फ़ाइल के रूप में सुरक्षित कर सकते हैं.

इस छोटे से साफ़्टवेयर को आप यहां से डाउनलोड कर सकते हैं: http://users.adam.com.au/paulwh/DirPrint.html

गूगल स्ट्रीट व्यू गूगल मैप्स में कैसे काम करता है

गूगल जापान ने एक वीडियो प्रकाशित किया है जो कि यह बताता है कि गूगल स्ट्रीट व्यू कैसे काम करता है. कोशिश की गई है कि इसे सबसे आसान तरीके से समझाया जाये. वीडियो मजेदार है आप भी देखिये:

सोमवार, 14 सितंबर 2009

TechPoster में मिलेंगी ढेरों चीट शीट्स

क्या आप चीट शीट्स की तलाश में हैं? टेक पोस्टर में ढेरों मिल जायेंगी.

इधर देखें: http://posters.msug.vn.ua/default.aspx

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ये चीटशीट्स  कम्प्यूटर से संबंधित हैं जैसे फ़्लेक्स,लिनक्स, विम, यूनिक्स कमांड रिफ़रेंस कार्ड आदि के चीट शीट आपको यहां मिल जायेंगी.

pdf फ़ाइलों को अपने ब्लाग/वेबपेज में सीधे दिखायें

किसी भी पी डी एफ़ फ़ाइल को अपने वेबपेज या ब्लाग में एम्बेड करने या लगाने के लिये निम्न लिखित कोड कापी पेस्ट करना होगा. ध्यान रहे http://yoursite.com/yourfile.pdf की जगह आपको अपनी पी डी एफ़ फ़ाइल का पता लिखना है.

<iframe src="http://docs.google.com/gview?url=http://yoursite.com/yourfile.pdf&embedded=true" style="width:600px; height:500px;" frameborder="0"></iframe>

एम्बेड होने के बाद ये कुछ ऐसा दिखाई देगा.

PrtScr अब स्क्रीनशाट लेने का आसान साफ़्टवेयर

जीहां! PrtScr स्क्रीन शाट लेने के लिये एकदम नया और मजेदार तरीका पेश करता है. इस साफ़्टवेयर से आप चतुर्भुज या बहुभुज किसी भी आकार में स्क्रीनशाट ले सकते हैं. स्क्रीनशाट लेने के लिये प्रिंट स्क्रीन की का प्रयोग किया जा सकता है. एक बार स्क्रीनशाट लेने के बाद वह चित्र डेस्कटाप में तैरता हुआ दिखाई देता है. ये मजेदार लगता है.

ये साफ़्टवेयर बहुत छोटा सा है. इसे यहां से डाउनलोड कर सकते हैं:

http://www.fiastarta.com/PrtScr/Download.html

 

ये साफ़्टवेयर क्या कर सकता है यह समझने के लिये इस वीडियो को देखें:

रविवार, 13 सितंबर 2009

आखिरकार नवभारत टाइम्स को गलती सुधारनी पड़ी

मैंने अभी हाल ही में नवभारत टाइम्स के एक लेख के जवाब में एक पोस्ट लिखी थी. उस लेख में नवभारत टाइम्स को अपनी स्वयं की साइट में ही काफ़ी आलोचना का शिकार होना पड़ा था और इस ब्लाग में भी पाठकों ने काफ़ी आलोचना की थी.

आज हाल ही में प्रकाशित एक लेख से लगता है कि नवभारत टाइम्स को अपनी गलती का एहसास हुआ है. पिछले लेख के ठीक उलट आज एक दूसरा लेख प्रकाशित किया है नवभारत टाइम्स नें.

पिछले लेख (नए भारत के लिए जरूरी है अंग्रेजी) की भाषा कुछ ऐसी थी:

ऐसे में क्या वे इस बात का प्रयास करेंगे कि आम जनता को वे भारतीय भाषाओं की महानता की नारेबाजी में नहीं उलझाएं और देश के विकास के लिए अंग्रेजी शिक्षा के युनिवर्सलाइजेशन को अपना अजेंडा बनाएं।

आज के लेख(जो भाषा अड़ गई, वो सड़ गई) की भाषा कुछ ऐसी है:

जो माता-पिता खुश होकर यह कहते हैं कि उनका बच्चा अंग्रेजी में तो बहुत अच्छा है मगर हिंदी कुछ कम ही जानता है, उनको यह बात समझनी चाहिए कि जब भी कोई भाषा डूबती है तो अपने साथ उससे जुड़े अनुभव, ज्ञान, जानकारी और संस्कृति लेकर डूबती है। अंतत: हिंदी का भविष्य हमारी आने वाली पीढ़ी के हाथों में ही तो है।

मैं एक ऐसे भारत की कल्पना नहीं करता जहां हिंदी पूरे देश में समान रूप से बोली जाए मगर ऐसे देश की कल्पना जरूर करता हूं जहां हिंदी के प्रति हीनभावना खत्म हो जाए।

दो विरोधाभासी लेखों के जल्दी जल्दी बारी बारी से प्रकाशित होने और पहले वाले लेख को काफ़ी आलोचना का शिकार होने की वजह से ऐसा लगता है कि नवभारत टाइम्स को अपनी गलती का एहसास हुआ है. और ये बात बहुत अच्छी रही कि दूसरा लेख प्रकाशित करके उसने गलती सुधारने का प्रयास किया.

शुक्रवार, 11 सितंबर 2009

तो क्या हम बेवकूफ़ हैं जो भारतीय भाषाओं को आगे लाना चाहते हैं.

आज नवभारत टाइम्स में एक लेख छपा है जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं:

लेख का शीर्षक है नये भारत के लिये अंग्रेजी जरूरी

 

लेख में कहा गया है: समाज को जड़ कर देने वाली जाति संस्था को तोड़ने का दम इंग्लिश शिक्षा में ही नजर आ रहा है।

 

मैं कहता हूं जाति संस्था के दुष्प्रभाव से होता क्या है? यही ना कि एक वर्ग अपने आप को तोप समझने लगता है और दूसरे को नीचा. क्या अंग्रेजी शिक्षा से ऐसा नही होता? होता है. अंग्रेजी ज्यादा जानने वाला अंग्रेजी कम जानने वाले को गंवार मानता है. यानि कि एक नये प्रकार की जाति व्यवस्था शुरू हो जाती है एक भारतीय और एक इंडियन के बीच.

 

आगे लिखा है इंग्लिश स्कूलों में पढ़ने वालों में से आधे से कुछ कम यानी 41 फीसदी नौकरी के लिए महाराष्ट्र से बाहर चले गए। जबकि मराठी स्कूलों में पढ़ने वालों में 11 फीसदी ही राज्य के बाहर नौकरी करने गए।

 

अरे उन ४१ प्रतिशत में से बहुत तो महाराष्ट्र क्या वो तो राष्ट्र के बाहर भी चले गये होंगे.

 

ये बात सत्य है कि अंग्रेजों से ज्यादा अंग्रेजी हमें अपना गुलाम बना चुकी है. और अंग्रेजी के बिना काम नही चल पाता है.

पर क्या पूरी तरह हथियार डालना अच्छा है(जैसा नाभटा के लेख में बताया जा रहा है)

या

हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं में अधिक ज्ञान को उपलब्ध कराना और उसमें रोजगार उपलब्ध करवाना.

 

और हां जब मैं गुस्से में ये लेख लिख रहा हूं तब मेरे मामा मेरे बगल में खड़े हैं और अपने एक साथी से फ़ोन में बात कर रहे हैं. वो और उनका साथी दोनो ही हिंदी भाषी हैं. पर बात अंग्रेजी(टूटी फ़ूटी, बिना सही व्याकरण के) में कर रहे हैं. बाकी आप खुद ही समझ सकते हैं कि मेरे दिमाग में क्या चल रहा होगा.

 

ध्यान रहे यहां केवल अंग्रेजी शिक्षा से मतलब केवल अंग्रेजी भाषा नही है.यहां अंग्रेजी शिक्षा से मतलब अंग्रेजी भाषा के साथ साथ पूरी की पूरी अंग्रेजियत से है.

 

हिंदी में तकनीकी लेखन के लिये सहयोग करें

विंडोज़ ७ का विज्ञापन [वीडियो]

विंडोज ७ अक्टूबर २२, २००९ को बाजार में आ रहा है.

बुधवार, 9 सितंबर 2009

दुनिया की सबसे खराब डिजाइन वाली वेबसाइटें

सबसे अच्छे डिजाइन वाली वेबसाइटों के बारे में हमेशा लिखा पढ़ा जाता है. अभी इंटरनेट में मैने एक लेख देखा जिसमें दुनिया के सबसे खराब डिजाइन वाली वेबसाइटों की चर्चा थी. देखना है? नीचे लिखे लिंक पर क्लिक करें.

http://www.manolith.com/2009/08/25/worst-website-designs/

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सोमवार, 7 सितंबर 2009

और इशारों इशारों में प्यार हो गया

आज फ़ेसबुक में मुझे एक बहुत ही मजेदार फ़िल्म मिली. इस फ़िल्म में एक भी डायलाग नही हैं पर यह पूरी कि पूरी लव स्टोरी है. फ़िल्म का नाम है साइन्स(Signs).

आप भी लुत्फ़ उठाइये:

बराहा में “ज्ञानी” वाला “ज्ञ” कैसे लिखें?

मैं हिंदी टाइप करने के लिये हमेशा बराहा का प्रयोग करता हूं. इसमें एक समस्या थी मैं ज्ञानी वाला ज्ञ नही लिख पाता था. इसके लिये मुझे गूगल इंडिक ट्रांसलेशन टूल का प्रयोग करना पड़ता था. अभी फ़ेसबुक में मैने ये समस्या कुछ लोगों के सामने रखी तो एक सज्जन नें मुझे इसके बारे में बताया.

ज्ञ लिखने के लिये टाइप करे : j~j

मैं ये जानकारी इसलिये प्रकाशित कर रहा हूं ताकि और लोगों को इस समस्या का सामना ना करना पड़े.

अद्यतन

पाठकों के द्वारा पूछी गई जानकारी को प्रस्तुत कर रहा हूं.

क्ष लिखने के लिये kSh लिखें.

पूर्ण विराम के लिये इन्टर बटन के ऊपर वाली बटन का इस्तेमाल शिफ़्ट के साथ करें.

अद्यतन - २

स्मृति लिखने के लिये smRuti लिखें.

की मात्रा जैसा कि ऊपर बताया गया है Ru से बनती है

लिखने के लिये भी Ru लिखें

अद्यतन – ३

चंद्र बिंदी के लिये ~M

अईयां (ञ) के लिये ~J

अंगा (ङ) के लिये ~G

रविवार, 6 सितंबर 2009

SevenVG Icon Pack अब Icon Tweaker के लिये भी

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विशाल भैया ने अपने ब्लाग में आइकान ट्वीकर के लिये सेवेन वीजी आइकान पैक के बारे में चर्चा की है. आइकान ट्वीकर एक मुफ़्त साफ़्टवेयर है जिसकी मदत से आप एक ही बार में अपने विंडोज के सारे आइकान बदल सकते हैं. यह पहले से ही ढेर सारी आइकान थीम्स के साथ आता है और आप अन्य थीम्स को एक क्लिक भर से इंस्टाल कर सकते हैं.

इस थीम को आप यहां से इंस्टाल कर सकते हैं: http://www.deviantart.com/download/135851032/SevenVG_IconTweaker_Pack_4_XP_by_Vishal_Gupta.zip

आइकान ट्वीकर आपको अलग से डाउनलोड करने की जरूरत नही है. वह इसी पैक में पहले से ही डला हुआ है.

SmoothDraw चित्रकारी करने के लिये मुफ़्त साफ़्टवेयर

स्मूथ ड्रा एक फ़्रीवेयर चित्रकारी करने का साफ़्टवेयर है. यह आकार में बहुत छोटा है और बहुत आसान भी.

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यह कई सारे ब्रशों के साथ आता है जैसे कि एयर ब्रश, क्रेयान, पेन, पेंसिल आदि. यह फ़ोटोशाप जैसे लेयरों की भी सुविधा देता है और क्छ बेसिक फ़िल्टरों की भी सुविधा उपलब्ध है इसमें.

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फ़ाइलें सुरक्षित करने के लिये बाई डिफ़ाल्ट यह स्मूथ ड्रा डाक्यूमेंट फ़ार्मेट का प्रयोग करता है पर आप फ़ाइलें जेपीजी,पीएनजी,बीएमपी,जीआईएफ़ आदि में भी सुरक्षित कर सकते हैं.

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उपयोग में आसान यह साफ़्टवेयर यहां से डाउनलोड किया जा सकता है:

http://www.smoothdraw.com/product/index.htm

और अब कैमरा भी ओपेन सोर्स

जी हां! स्टैनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की कम्प्यूटर ग्राफ़िक्स लेबोरेटरी में दुनिया का पहला ओपेन सोर्स कैमरा बनाया गया है. नाम है फ़्रैंकेनकैमरा.

Frankencamera

इसका अभी का प्रोटोटाइप कुछ खराब कैमरों के पुर्जों को जोड़कर बनाया गया है. इस कैमरे में नोकिया एन ९५ का कैमरा माड्यूल, एक सर्किट बोर्ड, कैनन के कुछ लेंसेज, और आपरेटिंग सिस्टम के लिय ओपेन सोर्स लिनक्स का इस्तेमाल किया गया है. इसका नाम फ़्रैंकेन इसलिये है क्योंकि ये सुंदर नही दिखता है.

आप सोच रहे होंगे कि ओपेन सोर्स होने से क्या होगा? अरे भई, ओपेन सोर्स होने से लोग इसके इमेज प्रोसेसेंग के एल्गोरिद्म को बदलकर मनचाहे रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे. और निकान और कैनन के इमेज प्रोसेसिंग एल्गोरिदम्स में लोगों को बंधना नही होगा. अब वे स्वतंत्र रहेंगे.

इसके अलावा लोग इसे दोबारा प्रोग्राम करके कुछ ऐसा बना सकते हैं कि कोई विशेष उपकरण जोड़े जाने पर इसकी सेटिंग्स बदल जायें.

अब देखते जाइये सब कुछ ओपेन सोर्स होने वाला है.

शुक्रवार, 4 सितंबर 2009

Sitepoint: Freelancing की किताब मुफ्त डाउनलोड करें (आफर केवल १० दिनों तक)



साईट पॉइंट ने अपनी लोकप्रिय पुस्तक The Principles of Successful Freelancing को मात्र १० दिनों के लिए मुफ्त मे डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराया है। सामान्यतया यह किताब करीब ३० डालर की आती है।
यह आफर सीमित समय के लिए है। जल्दी करें
डाउनलोड के लिए यहाँ जाएँ:
http://twitaway.sitepoint.com/

इन्हे भी पढ़ें:
Technology Nerd ने दिया System Mechanic का फ़्री लाइसेंस

मंगलवार, 1 सितंबर 2009

मुफ़्त में सुनें और डाउनलोड करें एमपी३ गाने [वेब एप्लिकेशन]

पायरेटेड सामग्री जो साइट उपलब्ध करवाये उसे हम गलत साइट मानते हैं. और जो पायरेटेड सामग्री सर्च करे उसे? उसे क्या कहेंगे?

अच्छा सर्च इंजन? या पायरेसी करने वाला सर्च इंजन? अगर ऐसा है तो गूगल दुनिया में पायरेसी फ़ैलाने के लिये सबसे अधिक जिम्मेदार है.

खैर मैं भी क्या बकवास कर रहा हूं. फ़िलहाल आपको एक नये सर्च इंजन के बारे में बताता हूं जो एमपी३ फ़ाइलों को खोजता है. इसके द्वारा आप उन फ़ाइलों को सीधे प्ले कर सकते हैं और डाउनलोड भी कर सकते हैं.

इस सर्च इंजन का नाम है: boostermp3.com

इसके लीगल वाले पेज में लिखा है कि हम केवल सर्च करते हैं. उपलब्ध सामग्री के कापीराइट से हमारा कोई लेना देना नही है.

इसके अलावा ये जिन साइटों से गाने डाउनलोड करने की सुविधा देता है वो लिंक सीधे एमपी थ्री फ़ाइलों के होते हैं. यानि कि ये दूसरों की बैंडविड़्थ की भी वाट लगाये रहता है.

इंटरनेट के विकास के साथ ही बहुत कुछ बदल गया है. अगर हम इस सर्च इंजन को पायरेसी करने वाला माने तो गूगल इस मामले में इन सबका दादा लगता है. पर उसे हम हमेशा पायरेसी के खिलाफ़ खड़ा पाते हैं(कम से कम ब्लागर और एडसेंस,एडवर्ड जैसी सेवाओं में). अत: सर्च सेवा के लिहाज से बूस्टर एमपी३ पायरेसी  नही कर रहा.

तो फ़िर कर कौन रहा है?

हम!

जो उसमे उन गानों को लिखकर खोजते हैं जिन्हे सुनने के लिये हमने पैसे नही दिये हैं.

हा हा हा!

हा हा हा!

हा हा हा!

तो फ़िर बूस्टर एम पी  ३ का जितना चाहे उपयोग कीजिये पर ध्यान रहे उन गानों को मत खोजियेगा जिनके लिये आपने पैसे नही भरे हैं. क्योंकि ना तो बूस्टर एम पी थ्री के पास उन्हे सुनाने का अधिकार है (और इसके लिये वो पहले ही पल्ला झाड़ चुका है) और ना ही आपके पास सुनने का.

हा हा हा!

हा हा हा!

हा हा हा!

वैसे केवल एमपीथ्री गाने ही नही आप उपयोगी आडियो फ़ाइलें भी खोज सकते हैं.

ये जानकारी मुझे मेक यूज आफ़ से प्राप्त हुई

http://www.makeuseof.com/dir/booster-online-mp3-finder/