शनिवार, 30 मई 2009

गूगल वेव – अगर ईमेल २१वीं सदी में खोजा जाता तो वो कैसा होता

अगर ईमेल २१वीं सदी में खोजा जाता तो वो कैसा होता? गूगल वेव इसी सवाल का जवाब है. गूगल ने हाल ही में अपने नये प्रोडक्ट गूगल वेव का प्रदर्शन किया जिसकी रिकार्डिंग यह है.

गूगल वेव के द्वारा आप एक साथ कई लोगों के साथ एक ही डाक्यूमेंट्स में काम कर पायेंगे.  गेम्स खेल पायेंगे. और तो और रियल टाइम ट्रांसलेशन भी है. अभी यह करीब ४० भाषाओं को सपोर्ट कर रहा है.

सबसे बड़ी बात ये फ़्री और ओपेन सोर्स है. यानि कि आप अपना वेव अपने सर्वर में इंस्टाल कर सकते हैं. और आपका वेव अन्य वेव्स से संपर्क भी कर सकेगा. गूगल वेव साल के अंत तक उपलब्ध होगा.

कोई सुपर हीरो असली समस्याओं से क्यों नही लड़ता है?

आप कार्टून्स तो देखते ही होंगे. स्पाइडर मैन से लेकर बेन टेन तक सभी सुपर हीरो ऐसी समस्याओं से लडते हैं जो कि असल में हैं ही नही. जैसे एलियन या केमिकल्स से बना राक्षस. आतंकवाद, भ्रष्टाचार, भुखमरी आदि से कोई नही लड़ता. जबकि ये दुनिया की असली समस्यायें हैं. हां आयरन मैन फ़िल्म में थोडी मात्रा में आतंकवाद से लड़ाई दिखाई गई थी. पर असल में वो आतंकवाद से नही बल्कि एक आतंकवादी और कंपनी के पार्टनर से सुपर हीरो की लड़ाई थी. बैटमैन कुछ हद तक चोर उचक्कों से लड़ता दिखाई देता है. पर फ़िल्म या कार्टून में उसका असली विलेन कुछ ज्यादा ही अजीब होता है. ऐसे विलेन असली दुनिया में नही मिलेंगे.

इससे तो यही समझ में आता है कि इन सुपर हीरोज की शक्तियां असली दुनिया में किसी काम नही आयेंगी.