रविवार, 2 अगस्त 2009

हिंदी में तकनीकी लेखन के लिये सहयोग करें

मैने एक जगह पढ़ा था कि आज का समय विज्ञान और तकनीक का है. और जिस भाषा में विज्ञान और तकनीक संबंधी जानकारी भरपूर मात्रा में उपलब्ध होगी तथा जिस भाषा को जानने में रोजगार मिल सकेगा उसे ही सबसे ज्यादा उपयोग किया जायेगा. कहा जाता है “रोटी की भाषा” हमेशा मातृभाषा होनी चाहिये पर हमारे यहां वो अंग्रेजी है. चीन और जापान जैसे देश जो हमसे अधिक विकसित हैं, अपने यहां अपनी मातृभाषा का प्रयोग करते हैं.

वहीं भारत में अगर…

  1. कम्प्यूटर सीखना है तो… अंग्रेजी
  2. विश्व स्तरीय अच्छी किताबें पढ़ना है तो… अंग्रेजी
  3. इंटरनेट से अच्छा ज्ञान प्राप्त करना हो तो… अंग्रेजी
  4. प्रतियोगी परीक्षा में पास होना है तो… अंग्रेजी
  5. इंटरव्यू में पास होना है तो… अंग्रेजी
  6. मोटी तन्ख्वाह वाली नौकरी पानी है तो… अंग्रेजी
  7. सामाजिक प्रतिष्ठा बनानी है तो… अंग्रेजी

हिंदी कहां है?

हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं में अच्छा तकनीकी लेखन बहुत ही कम मिलता है(जैसे कम्प्यूटर, इंजीनियरिंग आदि).

भारत में आईटी गुरू कितने सारे हैं पर उतना आई टी के क्षेत्र का ज्ञान हिंदी या अन्य भारतीय भाषा में उपलब्ध नही है? कारण भी है. हिंदी में अभी अच्छी कमाई नही है.

मेरा विचार है कि किसी भी अन्य भाषा को सीखने का तभी कोई अर्थ निकलता है जब हम उस भाषा में उपलब्ध ज्ञान को अपनी भाषा में अपने लोगों तक पहुंचा पायें. यही वह उद्देश्य था जिसकी वजह से मैनें नवमी कक्षा से अपना माध्यम हिंदी से अंग्रेजी कर दिया ताकि मैं अंग्रेजी सीख सकूं और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध ज्ञान को हासिल कर सकूं.

आज मैं कम्प्यूटर और साफ़्टवेयरों से संबंधित हिंदी में अधिक से अधिक जानकारी उपलब्ध करवाना चाहता हूं.ये जानकारी अभी केवल अंग्रेजी में उपलब्ध है. आप इस ब्लाग में जो कुछ भी देखते हैं उसके अलावा मैं अभी कुछ और काम भी कर रहा हूं जो कि ब्लाग में दिखाई नही देता है. जैसे ये स्क्रीन शाट देखिये:

image

कोड इग्निटर एक लोकप्रिय पीएचपी फ़्रेमवर्क है. मैं इसका डाक्यूमेंटेशन हिंदी में करने में लगा हुआ हूं. अभी काम जारी है. ये जब पूरा हो जायेगा तो सबको आनलाइन उपलब्ध होगा.

मन में और भी कई योजनायें हैं. पर हां, इनसे पैसा नही कमाया जा सकता है क्योंकि अभी हिंदी में उतना पैसा नही है.

नई सूचनाओं को हासिल करने,  नये प्रयोग करने  और उनको आनलाइन उपलब्ध करवाने में हार्डवेयर/साफ़्टवेयर तथा इंटरनेट में काफ़ी खर्च आता है.

उदाहरण के लिये, सीनेट और पीसी वर्ल्ड जैसी कंपनियां भारी पूंजी रखती हैं. इन्हे एक भी प्रयोग करना हो तो सारा हार्डवेयर/साफ़्टवेयर तुरंत हाजिर हो जाता है. लेकिन इनके द्वारा उपलब्ध किया जाने वाला ज्ञान अंग्रेजी में होता है.

अगर मैं विडोज सर्वर से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाना चाहूं तो सबसे पहले मुझे एक अलग कंप्यूटर लेना पड़ेगा फ़िर एक विंडोज सर्वर का ट्रायल/डेवलपर/पूर्ण लाइसेंस इंस्टाल करना पड़ेगा. इंटरनेट/किताबों के माध्यम से उसकी पढ़ाई करनी पड़ेगी.

इसी तरह अगर मैं एक टुटोरियल लिखना चाहूं जिसमें ये बताया हो कि लाइनेक्स को पेन ड्राइव में कैसे इंस्टाल करते हैं तो सबसे पहले मुझे एक 400-500 रुपये की यूएसबी पेन ड्राइव खरीदनी पड़ेगी. और लाइनेक्स डाउनलोड करने के लिये हजारों रुपये मासिक का ब्राडबैंड तो लगेगा ही.

और हां ये सारा काम मैं आठ दस घंटे की नौकरी के साथ नही कर सकता हूं. यानि कि इस स्थिति में मेरी जीविका के लिये आय का स्रोत भी कुछ नही रहता है. अत: इस कठिन कार्य के लिये आप सभी से सहयोग की गुजारिश है. हिंदी में अधिक से अधिक तकनीकी लेखन में सहयोग के लिये आप जितना चाहें उतना पेपाल से दान कर सकते हैं. कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा नही है. पेपाल का डोनेट बटन साइड बार में दिया हुआ है.

अगर आप किसी अन्य तरीके से सहयोग करना चाहते हैं तो मुझे image पर ईमेल कर बता सकते हैं.

15 टिप्‍पणियां:

  1. आपका प्रयास और चिंतन सराहनीय़ है । सामर्थ्यवान लोगों को आगे आना चाहिये ।

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  2. आपका प्रयास और चिंतन सराहनीय़ है

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  3. मै मदद कर सकता हूं पर जो मैने रिसेलर होस्टिंग एकाउंट खरीदा है उसके मंथली पैसे लगते हैं एक दिन लेट पेमेंट पर एकाउंट डिसेबल और 5 दिनो बाद एकाउंट बंद कर देते हैं|

    पर मै ईस तरह तूमहारी मदद कर सकता हूं जैसे फ्रि होस्टिंग दे कर | ईसके लिये यह बता देना कि तूमहारा मंथलि बैंडविथ और विजीटर कितने आते हैं अगर मेरे होस्ट आसानी से संभाल लेगा तो मै तूमहारे लिये एक एकाऊंट बना दूंगा और हां य़ह भी बताना कि वेब स्पेस कितना चाहीये :) ईससे तूमहारा $5-6/pm बचेगा यानी $70/year तक बचेगा :)





    अंकुर पेपल पर एकाउंट बनाए हो वही जानकारी उसमे देना जिसका प्रूफ रखे होगे जैसे Ankur Gupta और गलती से Ankur Gopta गलत लिख दिये तो बाद मे सबूत मांगेगा नाम बदलने का| कोई भी नाम या आदी कूछ भी उसमे भरना चाहे घर का एड्रेस हो तो वह भी सही ही भरना|

    और जानते हो पेपल के रूल्स तोडने पर $2500 से उप्पर तक पेनालीटी लग सकता है| ये पैसे लेने के लिये तूमहारे घर पर भी आ सकते हैं (उसके लिये पेपल एजेन्सी है)

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  4. या मेरे पास एडब्राईट मे $10 हैं वो चाहीये तो बताना ?
    मिनीमम पेआउट $5 है और $10 आराम से निकाल सकते हो|(दो साल कि कमाई एडब्राईट से सिर्फ $10 :))))))))

    haaaahahaaaa

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  5. कुन्नू भईया ये फ़्री होस्टिंग वाली बात जंची. जैसे ही कुछ नया तैयार होगा मैं संपर्क करूंगा. रही बात पेपाल की तो मैं ऐसी जगहों पर एकदम सही जानकारी भरता हूं.

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  6. कुन्नू भैया, मदत करने के लिये पूछने के लिये बहुत-बहुत-बहुत-बहुत धन्यवाद.

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  7. ठिक है अंकुर जि आप जैसे ही तैयार हो जाईयेगा मै आपको फ्रि होस्टिंग उसी वकत दे दूंगा|

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  8. बेनामी6/8/09, 11:42 pm

    Good dear keep it up.

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  9. अंकुर जी
    अच्छा लगा आपके ब्लोग पर आकर.
    बहुत अच्छा प्रयास है आपका.

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  10. बेनामी6/12/10, 4:12 pm

    हिन्दी के प्रसार् से जुडा हु . आपका प्रयास सराहनीय है. आपको सहायता सतत चहिए . यह कैसे सम्भव है इस पर हम सब को विचार करना है .साथ ही मै यह भी जानना चाहता हु हम सब जो लिखते है वह विकी पेदिया पर लोड किया हजय तो कैसे रहेगा . क़कारण ब्लोग तो लोग कम खोजते है विकिपेदिया अधिक.

    rajbhashaahikari@gmail.com

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  11. बेनामी6/12/10, 4:23 pm

    अपने Computer को यूनीकोड् मे बदले और भारतीय भाषाओ मे काम करने विधि जाने . इसॅक़ॆ लिये RAJBHASHA.NIC .IN पर क्लिक करे . सभी लोग हिन्दी या अपनी भषा मे मेल भेजे इस्से बडी कम्पनियान भी बाजार देख कर हमारा सहयोग करेगी
    rajbhashaahikari@gmail.com

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  12. अंकुर जी
    अच्छा लगा
    आपका प्रयास और चिंतन सराहनीय़ है
    bhuneshwar chandrakar
    kharora[mahasamund]

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  13. Start self publishing with leading digital publishing company and start selling more copies
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  14. लेकिन अंकित जी, अब हिंदी भाषा में लिखकर भी अच्छी कमाई की जा सकती है और, और इन्टरनेट पर हिंदी बहुत तेजी से आगे भी बढ़ रही है

    यह लेख जरुर पढ़े :
    तेजी से बढ़ रहा है इन्टरनेट पर हिंदी का प्रयोग
    http://www.hindiinternet.com/2015/11/blog-post_8.html

    इसमें गूगल द्वारा जारी आंकडे और वो कारण जिनसे हिंदी बड़ी तेजी से आगे बढ़ रही है दिए गए है

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