बुधवार, 24 दिसंबर 2008

अगर टर्मिनेटर जीसस के काल में पहुंच जाता तो क्या होता

क्या आपने टर्मिनेटर फ़िल्म देखी है? यदि हां तो इस वीडियो में आपको जरूर मजा आयेगा. 
अगर टर्मिनेटर जीसस के काल में पहुंच जाता तो क्या होता? देखिये इस वीडियो में.



मंगलवार, 23 दिसंबर 2008

फ़ेसबुक ओर्कुट भी हिंदी में – दुनिया हिंदीमय हो गई

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आज एकाएक पता लगा कि फ़ेसबुक हिंदी में हो गई. मैं तो दंग रह गया. गूगल अपने आप को हिंदीमय कर ही रहा है. माइक्रोसाफ़्ट विंडोज लाइव के एप्लीकेशन और साइट हिंदी में हो गई है, लिनक्स भी हिंदी, और अब फ़ेसबुक और ओर्कुट भी.

एक समय था कि इन्ही कंपनियों की वजह से अंग्रेजी को बढ़त मिली. अंग्रेजी जानने वाले हिंदी भाषियों का मजाक बना लेते थे. कम्प्यूटर यानि अंग्रेजी. आज भी कई जगह ऐसा मिल जायेगा. मैं हिंदी मीडियम में जब था तो कुछ इंग्लिश मीडियम के बच्चों ने भी मेरा मजाक बनाया था. लेकिन लगता है कि अब यही कंपनिया हिंदी को फ़िर से भरपूर सम्मान दिलाने में कामयाब हो जायेंगी.

फ़ेसबुक तो आपसे ट्रांसलेशन में मदत भी मांग रहा है.

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ओर्कुट हिंदी में

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विंडोज लाइव हिंदी में

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मैं गणित में फ़ेल क्यों हुआ?

बहुत दिनों से केवल तकनीकी विषयों पर ही लिख रहा था. आज सोचा कि कुछ और बात की जाये. वैसे तो मैं अच्छे नंबरों से पास होने वाला विद्यार्थी था पर ११वीं में सप्लीमेंट्री आ गया. पता है किसमें, गणित में. और पता है क्यों क्योंकि मुझे उसका उपयोग समझ में नही आया. असल में दिक्कत ये थी कि मेरे दिमाग की प्रोग्रामिंग दूसरों से थोड़ी अलग हुई है. मैं हर चीज को क्यों कैसे करके सोचता हूं. मैंने शिक्षा में एक बड़ी कमी पाई है कि उसमें किसी भी चीज का उपयोग नही बताया जाता है. उदाहरण के लिये हम भौतिकी, रसायन, गणित क्यों पढ़ते हैं? क्या कुछ बनाने के लिये? नही! बल्कि अच्छे नंबरों से पास होने के लिये और किसी प्रतियोगी परीक्षा में चुने जाने के लिये.

जब भौतिकी में वेक्टर पढ़ाया गया तो मेरे सिर के ऊपर से निकल गया. वो तो भला हो “टिम बर्नर ली” का जिन्होने इंटरनेट बनाया नही तो वेक्टर कभी समझ नही आता. मुझे ये तो पता था कि फ़ोर्स एक वेक्टर है क्योंकि इसमें एक दिशा होती है. पर वेक्टर को समझने के लिये ये काफ़ी नही था. फ़िर इंटरनेट में मुझे एक gif एनीमेशन मिला जिसमें एक नाव और पानी के बहाव की मदत से वेक्टर को समझाया गया था. जब मैने उसे देखा तब जाकर कुछ पल्ले पड़ा.

किसी तरह गणित में लाग के सवाल लगाना आने लगा. लेकिन यहां भी वही समस्या थी कि लाग का करें क्या? अचार तक तो डालकर खा नही सकते हैं. किसी टीचर से पूछो तो बताता था कि ये जो गणित आप पढ़ रहे हो ये साइंटिफ़िक कैल्कुलेशन में काम आयेगी. अब वो कैल्कुलेशन क्या है ये तो मुझे पता नही था. स्कूल छूटते ही लाग भी दिमाग से निकल गया.

अभी कुछ दिनों पहले मुझे अपनी साइट के लिये टैग क्लाउड बनाना था. नीचे वाले चित्र में आप उसे देख सकते हैं.

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इसमें होता ये है कि कोई भी टैग जितनी बार उपयोग में लाया जाता है उसी के अनुसार उसका फ़ांट साइज निर्धारित होता है. मैने इंटरनेट में इसके बारे में खोज बीन की तो कुछ लेख मिले उनमें से एक लेख में टैग क्लाउड बनाने का फ़ार्मूला दिया था. वो लाग के ऊपर आधारित था. मुझे पहली बार लाग के उपयोग के बारे में पता लगा. मैने फ़ार्मूला उपयोग किया और टैग क्लाउड तैयार हो गया. लेकिन अब मैं स्कूल वाला लाग भूल चुका था. अत: उस फ़ार्मूले की कार्य प्रणाली समझ में नही आई.

अब लगता है कि काश स्कूल में इसी तरह के छोटे छोटे उदाहरण लेकर अगर हमें पढ़ाया होता तो लाग समझ में आ गया होता. और इसका फ़ार्मूला ऐसा भी नही था कि ११वी १२वी का विद्यार्थी ना समझ सके.

अगर कभी मुझे शिक्षा मंत्री बनने का मौका मिला तो सबसे पहले मैं उस एजुकेशन सिस्टम को ठीक करूंगा जिसे हम मैकाले के समय से गरिया रहे हैं पर सुधार नही रहे हैं. हमारे बाप-दादाओं ने भी स्कूली निबंध में यही लिखा था कि एजुकेशन सिस्टम खराब है, मैं भी यही लिख रहा था और हमारे आने वाली पीढ़ी भी यही स्कूली निबंध लिख रही है कि एजुकेशन सिस्टम खराब है.

गुरुवार, 18 दिसंबर 2008

कुछ ज्यादा ही हिन्दी हो गई. एच टी एम् एल भी हिन्दी मे!

आज गूगल वेब मास्टर टूल्स की हेल्प मे मैंने एक पेज देखा तो मजा आ गया। गूगल इतनी जोर शोर से अपने आपको हिन्दीमय कर रहा है कि एच टी एम एल कोड को भी हिन्दी मे कर डाला।
ये देखिये स्क्रीन शॉट



<मेटा नाम="robots" सामग्री="noindex">
<मेटा नाम="googlebot" सामग्री="noindex">

समझने वाला तो समझ जाएगा पर गलती तो गलती है।
जहाँ तक है ये गलती जल्द ही सुधार ली जायेगी।
हमें तो मजा लेना और ब्लागियाना था सो वो कर लिया। बाकी गूगल जाने।

डायनेमिक आई पी वालों के लिए रिमोट डेस्कटॉप फ्री मे


मेरे पास एयरटेल वाला डायनेमिक आईपी ब्रॉडबैंड कनेक्शन है। ऐसा ही मेरे चाचा के पास भी है। पर दिक्कत ये होती थी की अगर कभी उन्हें कम्पयूटर मे कोई दिक्कत आ जाए तो बार -२ स्क्रीन शाट भेज भेज कर समस्या सुलझाना पड़ता था। इससे काफ़ी असुविधा होती थी। विन्डोज़ की रिमोट डेस्कटॉप को उपयोग नही कर सकता था क्योकि उसके लिए स्टैटिक आई पी वाला इन्टरनेट होना चाहिए। काफ़ी दिनों से कोई साफ़्टवेयर तलाश रहा था की आज मेरे दोस्त ने मुझे टीम व्यूअर के बारे मे बताया। मैंने झट से डाउनलोड किया। और चालू कर दिया। टेस्टिंग करने के लिए मेरे दोस्त और मैंने अपने अपने कंप्यूटरों मे इसे डाला (ये आकर मे करीब १.८ एम् बी का है) फ़िर इसके द्वारा जनरेट किए गए आईडी और पासवर्ड एक दूसरे को बता दिए। और अगले ही पल मैं घर मे इधर बैठकर अपने दोस्त की डेस्कटॉप मे काम कर रहा था।
हम दोनों खुशी के मारे कूद पड़े। जल्दी जल्दी मैंने अपने चाचा को फोन किया उन्हें भी इसके बारे मे बताया। फ़िर उन्होंने ने भी टीम व्यूअर इंस्टाल कर लिया। जैसे ही मैंने उनका आईडी और पासवर्ड अपने कम्पयूटर मे डाला उनकी डेस्कटॉप मुझे दिखाई देने लगी।
इधर जब मैं माउस चलता तो उधर उन्हें भी स्क्रीन मे माउस चलता दिखता।
वो भी बल्ले बल्ले करने लगे। भाई हमारी एक बड़ी समस्या का समाधान हो गया था।
अब जो काम वो नही कर पाते थे वो मैं यहीं पर बैठे बैठे उनके कम्पयूटर को चलाकर पूरा कर सकता हूँ।

ख़ास बात:
ये १००% फ्री साफ़्टवेयर है।
ये ४ तरह के कनेक्शन बनता है : फुल कंट्रोल, प्रेजेंटेशन, फाइल शेयरिंग और वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क।
२ प्रकार के अथेंटिकेशन को सपोर्ट करता है. विन्डोज़ और टीम व्यूअर।
आप कनेक्शन स्पीड के अनुसार पिक्चर क्वालिटी कंट्रोल कर सकते हैं।
जिस कम्पयूटर मे कनेक्शन साधा जाता है उसमे बैठा उपयोगकर्ता भी उसी दौरान माउस कंट्रोल कर सकता है।
रजिस्ट्रेशन की जरूरत नही। आईडी पासवर्ड अपने आप जनरेट होते हैं।
दो कंप्यूटरों के बीच कनेक्शन इनक्रिप्ट होता है.

इसे यहाँ से डाउनलोड करें>> http://www.teamviewer.com

रविवार, 14 दिसंबर 2008

सूमो पेंट लाया फोटोशाप जैसा इंटरफेस ब्राउजर मे



सूमो पेंट एक फ्रीवेयर आनलाइन चलने वाला ताकतवर इमेज एडिटिंग प्रोग्राम है। इसका इंटरफेस काफ़ी कुछ फोटो शाप से मिलता जुलता है। हालांकि इसे पूरी तरह से फोटोशाप का विकल्प नही कहा जा सकता है पर इतना कुछ फ्री मे मिल जाए बहुत है। सूमो पेंट के साईट मे लोगो ने अपने अपने आर्ट वर्क भी जमा किए हैं।
सूमो पेंट लेयर, फिल्टर, इफेक्ट्स, शेप्स आदि को सपोर्ट करता है।
सबसे बढ़िया बात ये की इसे प्रयोग मे लाने के लिए आपको रजिस्ट्रेशन की जरूरत नही पड़ती है।
ये प्रोग्राम फ्लैश बेस्ड है और ब्राउजर मे चलता है। ब्राउजर मे चलने के कारण ये क्रॉस प्लेट फार्म बन जाता है। सुनो सुनो लाइनेक्स गीको आप सभी के लिए एक बढ़िया इमेज एडिटिंग प्रोग्राम आया है.
इस प्रोग्राम को आप यहाँ पा सकते हैं
http://www.sumopaint.com


क्रिसमस के वालपेपर डाउनलोड करें, स्लाइड शो लगाएं

त्यौहार के मौके पर क्रिसमस के खूबसूरत वालपेपर डाउनलोड करें।
Christmas Christmas Christmas
Christmas Christmas Christmas
Christmas Christmas

आप इनका स्लाइड शो विजेट भी अपने ब्लॉग मे लगा सकते हैं
कोड यहाँ से जनरेट करें
http://www.vibgyorlife.com/widgets/default.aspx

गूगल बोला याहू मालवेयर फ़ैलाता है

इस स्क्रीन शाट को देखिये. गूगल के अनुसार याहू क्या करता है. इतना कुछ करने के बाद भी ये संदेहास्पद साइट नही है. पर हम इसका क्या अर्थ निकालें? आप अपने विचार टिपियाइये:



सुरक्षित ब्राउज़िंग

के लिए निदान पृष्ठ yahoo.com

yahoo.com के लिए वर्तमान सूचीबद्धता स्थिति क्या है?

यह साइट वर्तमान में संदेहास्पद रूप में सूचीबद्ध नहीं है.

जब Google इस साइट पर गया तब क्या हुआ?

पिछले 90 दिनों में साइट पर हमारे द्वारा परीक्षित 76863 पृष्ठों में से, 120 पृष्ठों के कारण हानिकारक सॉफ़्टवेयर उपयोगकर्ता की सहमति के बिना डाउनलोड किए गए और स्थापित किए गए. Google पिछली बार 2008-12-13 को इस साइट पर गया था, और पिछली बार 2008-12-13 को इस साइट पर संदेहास्पद सामग्री मिली थी.

हानिकारक सॉफ़्टवेयर में 87 scripting exploit(s), 69 trojan(s), 18 adware(s) शामिल है. सफल संक्रमण ने लक्षित मशीन पर औसतन 6 नई प्रक्रियाओं को पैदा किया.

हानिकारक सॉफ़्टवेयर, asmkuang.cn/, lineacount.info/, divinets.cn/ सहित 221 डोमेन(नों) पर होस्ट किए जाते हैं.

110 डोमेन(नों) इस साइट के आगंतुकों को मैलवेयर वितरित करने के लिए मध्यस्थ का काम करती प्रतीत होती है, जिसमें taiwanlottery.com.tw/, 89.28.13.0/, clicksoverview.com/ शामिल है.

This site was hosted on 42 network(s) including AS24429 (CNNIC), AS14779 (INKTOMI), AS36752 (YAHOO).

क्या इस साइट ने मध्यस्थ के रूप में काम किया है जिसके परिणामस्वरूप मैलवेयर का वितरण और अधिक हुआ है?

पिछले 90 दिनों से, yahoo.com, 321dh.cn/ समेत 1 साइट(टों) के संक्रमण के लिए मध्यस्थ के रूप में काम करती हुई प्रतीत हुई.

क्या इस साइट ने मैलवेयर होस्ट किया है?

हाँ, पिछले 90 दिनों में इस साइट ने हानिकारक सॉफ़्टवेयर होस्ट किया है. इसने 68ka.com/, 3721.com/, hai163.cn/ समेत 12 डोमेन(नों) को संक्रमित किया.

अगले चरण:

शुक्रवार, 12 दिसंबर 2008

गूगल क्रोम बीटा से बाहर. फ़ाइनल रिलीज. अभी डाउनलोड करें.



जी हां!  गूगल का क्रोम ब्राउजर बीटा से बाहर हो चुका है यानि कि फ़ुल्ली फ़ाइनल वर्जन डाउनलोड के लिये हाजिर है. सामान्यत: बीटा साफ़्टवेयर सालों बीटा में रहते हैं पर ये तो कुछ महीनों में ही अपने फ़ाइनल वर्जन में पहुंच गया.
आपको बता दूं कि गूगल क्रोम की सबसे अच्छी बात इसका जावास्क्रिप्ट इंजन है, जो कि तेजी से जावास्क्रिप्ट रन करता है. इसके अलावा मुझे सबसे अच्छी बात ये लगी कि इसमें विबग्योरलाइफ़.काम बिल्कुल सही दिख रही है किसी प्रकार के बदलाव की जरूरत नही. इंटरनेट एक्सप्लोरर में ना तो विजेट्स चलते हैं और ना ही इसके ८वें संस्करण में साइट सही तरीके से दिखती है. क्रोम का लाइनेक्स संस्करण अभी बन रहा है जल्द ही वो भी रिलीज होगा. क्रोम हिंदी में भी उपलब्ध है. इसके लाइट वेट होने और फ़ायर फ़ाक्स के सारे फ़ीचर्स की वजह से इसे मैं अपना ब्राउजर बना रहा हूं. आप अपनी बताइये. इंटरनेट एक्सप्लोरर के लिये खतरे की घंटी बज गई है. फ़ायर फ़ाक्स वैसे ही IE के लिये आंख का कांटा था अब ये बची खुची कसर पूरी कर देगा.

आप गूगल क्रोम यहां से डाउनलोड कर सकते हैं
http://www.google.com/chrome

अपडेट:

गूगल क्रोम में एक दिक्कत: माइक्रोसाफ़्ट ए एस पी डाट नेट के फ़ोरम के टेक्स्ट एडीटर को ये रेंडर नही कर पाता है.
इसी प्रकार जो मैने टेक्स्ट एडीटर विबग्योर लाइफ़ के कंट्रोल पैनल में लगाया है उसे भी ये नही दिखा पाता है.
ये एडीटर है free text box.


मंगलवार, 9 दिसंबर 2008

स्क्रीन सेवर को वालपेपर्स की तरह चलायें



स्क्रीनटुड्रीम एक फ़्री पोर्टेबल साफ़्टवेयर है जिसकी मदत से आप अपने पसंदीदा स्क्रीन सेवर को वालपेपर के रूप में लगा सकते हैं. और बढि़या ये कि ये आपके काम करते वक्त भी चलता रहेगा.
एनीमेटेड डेस्कटाप जबर्दस्त तो लगती ही है.

इसे यहां से डाउनलोड कर सकते हैं
http://dreamscene.org/download.php

माइक्रोसाफ़्ट एक्सेस २००७ से एस क्यू एल सर्वर में डाटा ट्रांसफ़र करना

माइक्रोसाफ़्ट एक्सेस २००७ के डाटाबेस अपसाइजिंग विजार्ड से हम अपने एक्सेस के डाटा को एस क्यू एल सर्वर में बेहद आसानी से ट्रांसफ़र कर सकते हैं.
इस टुटोरियल में हमारे पास एक एक्सेस की फ़ाइल है जिसमें ३ टेबल हैं. और हम उनमें से २ को एस क्यू एल सर्वर में ट्रांसफ़र करेंगे. तो चलिये शुरू करते हैं.

सबसे पहले अपना डाटाबेस खोलिये और यहां जाइये
"Database tools>Move Data>Sql Server".

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अब अपसाइजिंग विजार्ड खुल जाएगा. यहां चुनिये "Create A new database" क्योंकि एस क्यू एल सर्वर में हम एक नया डाटाबेस बनाने जा रहे हैं और उसे एक्सेस की टेबल्स से भरेंगे. अब नेक्स्ट पर क्लिक करें.

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इस पेज में हमें सर्वर का नाम भरना है. और यूजर नेम पासवर्ड भी. मैं लोकल सर्वर में काम कर रहा हूं अत: इसमें मैं ट्रस्टेड कनेक्शन का उपयोग करूंगा. हमें यहां डाटाबेस का नाम भी भरना होता है. अत: उसे भरने के बाद नेक्स्ट पर क्लिक करें.

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अब विजार्ड आपसे टेबलों को चुनने के लिये कहेगा. उन्हे चुनें और नेक्स्ट पर क्लिक करें.

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यह एक महत्वपूर्ण चरण है. विजार्ड आपसे पूछता है कि आप कौन कौन से एट्रीब्यूट्स एक्सपोर्ट करना चाहते हैं. हम इन्हे अपनी जरूरत के मुताबिक चुन सकते हैं. पर इस बार इन्हे ऐसा ही छोड़ रहे हैं.

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इस चरण में आपसे पूछा जाता है कि आप
modify existing application
create new application
not to change application

यहां पर
not to change application चुनिये.

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ये आखिरी चरण है. फ़िनिश पर क्लिक करें और अपसाइजिंग शुरु करें

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अपसाइजिंग खत्म होने के बाद एक्सेस आपको रिपोर्ट दिखायेगा.

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आप एसक्यूएल सर्वर मैनेजमेंट स्टूडियो का प्रयोग करके नये डाटाबेस को देख भी सकते हैं

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सभी तरह की फ़ाइलें प्ले करेगा आलप्लेयर



कितना बुरा लगता है जब आप कोई मीडिया फ़ाइल डाउनलॊड करते हैं और फ़िर पता लगता है कि वो प्ले ही नही हो रही है. क्यों? कोडक नही है ना!
ओफ़्फ़!
आल प्लेयर में आप करीब करीब हर फ़ार्मेट प्ले कर सकते हैं वो भी बिना कोडक इंस्टाल किये.
हां के-लाइट जैसे हल हैं पर ये भी कोडक इंस्टाल करता है.
इस प्लेयर से आप MKV, DivX, Xvid, Flash, Quicktime, DVD,MP3 and FLAC फ़ाइलों को प्ले कर सकते हैं.

डाउनलोड का पता है
http://www.allplayer.org/index_en.htm

विंडोज ७ जैसा वर्ड पैड पायें विस्टा और एक्सपी में



विंडोज ७ का वर्ड पैड आफ़िस २००७ के जैसे रिबन इंटरफ़ेस के साथ आ रहा है. लोगों ने अपना दिमाग भिड़ाना शुरु कर दिया और एक डेविएंट आर्ट के उपयोगकर्ता ने एक वर्ड पैड २००९ के नाम से साफ़्टवेयर बनाया है. इसमें टैब सिस्टम, रिबन इंटरफ़ेस भी है.

आप इसे यहां से डाउनलोड कर सकते हैं
http://solo-dev.deviantart.com/art/Wordpad-2009-105410281
लेकिन इसके लिये आपको डाट नेट फ़्रेमवर्क ३.५ इंस्टाल करना पडे़गा.
उसे यहां से डाउनलोड करें http://www.microsoft.com/downloads/details.aspx?FamilyId=333325FD-AE52-4E35-B531-508D977D32A6&displaylang=en

रविवार, 23 नवंबर 2008

विंडोज इम्बेडेड थीम इंस्टाल करें एक्स पी पर


ऐसी थीम्स काफ़ी कम हैं जिन्हे बिना uxtheme.dll को बिना पैच किये चलाया जा सकता है. ऐसी ही एक थीम है जो कि विंडोज इम्बेडेड के साथ आती है. पर कुछ लोगों ने इसे लीक कर दिया है अत: इसे आप विंडोज एक्सपी और २०-३ में भी चला सकते हैं.
ये रहा पता:
http://rapidshare.com/files/152117594/Official_Embedded_Theme_for_Windows_XP_and_2003.zip

http://rapidshare.com/files/152117971/Official_Embedded_Theme_for_Windows_XP_and_2003.zip

http://rapidshare.com/files/152117594/Official_Embedded_Theme_for_Windows_XP_and_2003.zip

अपने राइट क्लिक मीनू को ताकतवर बनायें Moo0 राइट क्लिकर से.



ये छोटी सी यूटिलिटी आपके राइट क्लिक मीनू में ढेरों नये विकल्प जोड़ देती है. जैसे नया फ़ोल्डर बनाना, फ़ेवरेट में किसी फ़ोल्डर को डालना, कमांड प्रोम्प्ट खोलना आदि.

डाउनलोड और इंस्टाल करके एक बार जरूर देखें.
http://www.moo0.com/

अपना बूट मीनू संपादित करें स्टार्ट अप मैनेजर से



सामान्यत: जब कभी बूट मीनू में कोई बदलाव करना होता है तो हमें menu.lst फ़ाइल को संपादित करना पड़ता है. ये काम काफ़ी रिस्की होता है और ये भी संभावना रहती है कि आप अपने सिस्टम को खराब ना कर दें.
स्टार्ट अप मैनेजर नाम की ये यूटिलिटी इस काम को करने का एक आसान, सुरक्षित और ग्राफ़िकल तरीका देती है.
इसे आप
sudo apt-get install startupmanager
कमांड देकर इंस्टाल कर सकते हैं.

इंस्टालेशन के बाद
System>Administration >Startup Manager में जायें और बूट मीनू का संपादन शुरू कर दें.


विंडोज विस्टा का साइडबार विंडोज एक्सपी में




असली विंडोज विस्टा का साइड बार विंडोज एक्सपी में इंस्टाल करें.
जी हां! अब आप असली विंडोज विस्टा का साइड बार अपनी एक्सपी मशीन में इंस्टाल कर सकते हैं.
डेविएंट आर्ट के एक उपयोग कर्ता नें ये पैकेज जारी किया है. इसमें ३ एप्लीकेशन्स हैं तीनों को इंस्टाल करना पडेगा.
और हां, आप इसमें विंडोज विस्टा के सारे गैजेट्स भी चलते हैं

डाउनलोड का पता है

http://joshoon.deviantart.com/art/Windows-Sidebar-Real-one-Pack-75626472?loggedin=1

लाइव मेश के वालपेपर्स


विंडोज लाइव की टीम ने ये लाइव मेश के वालपेपर्स रिलीज किये हैं. डाउनलोड करें और डेस्कटाप सजायें.

पता है: http://dev.live.com/downloads/resources/LiveServicesBackgrounds.zip

अगर मैट्रिक्स विंडोज एक्स पी में चलती तो कैसा होता

आपने मैट्रिक्स और टर्मिनेटर फ़िल्में देखी तो होंगी. इनमें एक खास बात नोट करने वाली है वो ये कि ये मशीने और साफ़्टवेयर ट्रायल वर्जन में नही आते, ये कभी क्रैश नही होते और ना ही ये एरर रिपोर्ट भेजने के लिये आपसे पूछते हैं.
अब सोचिये जरा अगर मैट्रिक्स माइक्रोसाफ़्ट विंडोज एक्स पी में चलती तो कैसा होता. देखिये ये वीडियो और मजा लीजिये.

किसी फ़ोल्डर की लोकेशन को ड्राउव बनाना

कभी कभी हमें कुछ ऐसे फ़ोल्डरों का बार बार उपयोग करना पड़ता है जो कि ड्राइव में काफ़ी नीचे तक धंसे होते हैं. इनकी लोकेशन में पहुंचना ही काफ़ी कठिन हो जाता है. तो जनाब हाजिर है इसका हल:
subst कमांड: ये कमांड डास मोड में उपलब्ध होता है.

subst

Example: subst f: g:\Music\New Albums\Suroor\


किसी ड्राइव लेटर को खत्म करने के लिये
subst f: /D

वैसे अगर ये करना आपको कठिन लग रहा हो तो एक जी यू आई यूटिलिटी है: visualsubst
इसके द्वारा ये काम काफ़ी आसान हो जाता है

ये रहा स्क्रीन शाट:


डाउनलोड करने का पता है http://www.ntwind.com/software/utilities/visual-subst.html
ये पोर्टेबल भी है यानि इंस्टाल करने का "नो - झंझट, सब कुछ फ़टाफ़ट"


विंडोज ७ के वालपेपर्स डाउनलोड करें

ये रहे हाई रेजोल्यूशन वालपेपर्स विंडोज ७ के.

डाउनलोड का पता है
http://depositfiles.com/en/files/mlcm455zw

उबंटू लाइनेक्स को बनायें विंडोज एक्स पी जैसा

एक गीक ने ये स्क्रिप्ट तैयार की है जिसे रन कराने पर ये लाइनेक्स का सब कुछ(थीम आदि) बदलकर विंडोज एक्स पी जैसा कर देती है. इसमें गड़बड़ केवल ये है कि इसमें अन इंस्टाल का आप्शन ही नही है. ट्राई जरूर कीजिये पर एक डमी एकाउंट बनाकर.


इसे डाउनलोड करने का पता है:
http://ubuntu.online02.com/node/14

बुधवार, 12 नवंबर 2008

सांग बर्ड का रिलीज कैंडिडेट डाउनलोड करें.



सांगबर्ड फ़्री, ओपेन सोर्स और क्रास प्लेट फ़ार्म मीडिया प्लेयर है. नये वर्जन की स्किन काफ़ी कुछ आइ ट्यून्स से मिलती जुलती है. इसमें स्मार्ट प्ले लिस्ट्स का सपोर्ट है. जिसका मतलब कि किसी प्लेलिस्ट में वही गाने शामिल होंगे जो किसी विशेष शर्तों का पालन करेंगे जैसे उनकी डेट, लंबाई आदि.
आप सांग बर्ड को इसके प्लग इन्स के द्वारा और भी बेहतर बना सकते हैं.
अच्छी परफ़ार्मेंस के लिये सांग बर्ड जी स्ट्रीमर प्लग इन का प्रयोग हर प्लेट फ़ार्म में करेगा.
अभी भी ये रिलीज कैंडिडेट है अत: बग्स की संभावना है.
आप इसे यहां से डाउनलोड कर सकते हैं http://wiki.songbirdnest.com/Developer/Articles/Builds/Nightly_Builds


रविवार, 9 नवंबर 2008

VibgyorLife.com नये रंग रूप में

आप लोग सोच रहे होंगे कि मैंने ब्लाग में पोस्ट करना क्यों छोड़ दिया था. कुन्नू जी नें पिछले(जो अब काफ़ी पुरानी हो चुकी है) पोस्ट में मुझसे पूछा था कि नई पोस्टें कब आयेंगी. चलिये बता देता हूं. आज से शुरुआत हो गई है।
अब सवाल आता है की मैं इतने दिनों तक क्या कर रहा था। जाकर देखिये विबग्योरलाइफ़.काम को सब बदल गया है.
असल में मैं साइट को नये सिरे से बना रहा था. बढ़िया बात ये है. कि अब मुझे कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम बनाना आने लगा है. जैसे आपके ब्लागर का डैशबोर्ड होता है वैसा विबग्योरलाइफ़. काम का भी है. जहां से मैं साइट अपडेट कर सकता हूं.
इसे मैं तीसरा संस्करण कहता हूं. मैं जब भी डाटाबेस से लेकर प्रोग्रामिंग तक सबमें काम करता हूं तो उसे एक वर्जन नं देता हूं. ये तीसरी बार हो रहा है अत: ये तीसरा संस्करण है. अब तो विब्ग्योरलाइफ़ का ब्लाग भी वहीं होस्ट हुआ करेगा. आप उसे यहां पर देख सकते हैं:
http://vibgyorlife.com/article/default.aspx?cid=11

नये फ़ीचर्स: जैसे आप ब्लागर में अपनी कमेंट्स पोस्ट कर सकते हैं उसी तरह नई विबग्योरलाइफ़ में भी कर सकते हैं. किसी भी फ़ोटॊ/वालपेपर/जोक/आर्टिकल को आप सीधे ईमेल भी कर सकते हैं. इसमें आप टैग क्लाउड भी देख सकते हैं. पिछले सात दिनों में क्या पापुलर रहा? तीस दिनों में क्या पापुलर रहा? सब कुछ अलग से दिखाई देगा. रैंडम इमेंजेज के थम्बनेल्स भी दिखाई देते हैं.

नया वर्जन क्यों? नये संस्करण में माइक्रोसाफ़्ट एस क्यू एल सर्वर का डेटाबेस है जो कि एक्सेस डेटाबेस से बहुत ताकतवर है. नई साइट को ज्यादा फ़ैलाया जा सकता है. मसलन जब मैने साइट अपलोड की तब इसमें ब्लाग नही था. लेकिन ब्लाग शुरू करने के लिये मुझे फ़िर से प्रोग्रामिंग में सिर खपाना नही पड़ा. पिछला संस्करण केवल २ ही रिजोल्यूशन के वालपेपर्स तक ही सीमित था. लेकिन अब जितने भी रेजोल्यूशन चाहें फ़ोटोग्राफ़्स के उपलब्ध कराये जा सकते हैं.

कुछ काम बाकी: अभी भी कुछ काम बाकी है. जैसे कि फ़ोरम की थीम बदलना, विजेट्स को दोबारा बनाना. टूलबार में भी काम बचा है. थोडा समय दीजिए वो भी जल्दी ही पूरा हो जायेगा.
आइये और मनोरंजन का लुत्फ़ उठाइये. हां कहीं पर कुछ गड़बड़ दिखे तो मुझे जरूर खबर कीजियेगा. साइट की टेस्टिंग में मदत मिलेगी.

बुधवार, 3 सितंबर 2008

गूगल ने लॉन्च किया धमाकेदार ब्राउजर


जी हाँ अब हिन्दी मे अच्छे ब्राउजर की कमी नही खलेगी। गूगल ने अपना क्रोम नाम से नया वेब ब्राउजर लौंच कर दिया है। बढ़िया बात ये की ये ओपन सोर्स है। तेज़ी से इंस्टाल होता है। तेज़ी से चलता है। इसमे टैब्स पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है। ये तेज़ी से काम करती हैं। आई ई मे मुझे धीमी टैब से सबसे ज्यादा समस्या होती है। और क्रोम टैब सिस्टम मे सबसे तेज़ है। इसका होम पेज आपके द्वारा सबसे ज्यादा देखे जाने वाले पेजों की लिस्ट रखता है। जिससे ब्राउजिंग तेज हो जाती है। फायर फाक्स की तरह आप एड्रेस बार से चाहे तो वेब पेज खोलें या सीधे सर्च .
करें।
इसमे स्टेटस बार जैसा कुछ नही है। नीचे मे स्टेटस अपने आप दिखता है और गायब हो जाता है. मीनू बार भी नही है। (जरूरत किसे है)
आप किसी टैब को खींच कर नई विण्डो मे बदल सकते हैं और चाहें तो दो विन्डोज़ की टैब्स को इधर उधर karke एक नई विण्डो बना सकते हैं।

इसका बीता वर्जन विन्डोज़ एक्स पी और विस्टा के लॉन्च कर दिया गया है। लाइनेक्स और मैक के आने वाला है।

डाउनलोड करने के लिए यहाँ जाएँ
http://www.google.com/chrome

सोमवार, 4 अगस्त 2008

पूरा सर्वर केवल १२ एम बी में

अभी एक दिन ये साफ़्टवेयर हाथ लगा. मैं तो दंग रह गया जब पता लगा कि इसमें एपाचे, पीएचपी, माईसीक्वेल और एसएमटीपी सर्वर हैं वो भी १२ एम बी के भीतर. नाम है: यू एस बी वेब सर्वर. ये है एक पोर्टेबर सर्वर. यानि कि इसे चलाने के लिये आपको इसे किसी मशीन में इंस्टाल करने की जरूरत नही है.

इस तरह के साफ़्टवेयर हम डेवलपमेंट के उद्देश्य से कर सकते हैं. जैसे आपको अगर पी एच पी सीखना है या उसमें कोई वेब एप्लीकेशन बनाना है तो आप इसका प्रयोग कर सकते हैं.

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सेटिंग्स सेक्शन में जाकर हम सर्वर के पोर्ट्स, डाटाबेस इंजन के पासवर्ड आदि बदल सकते हैं.

इसमें पीएचपी माई एडमिन भी है जिसके द्वारा आप माई सीक्वेल डाटाबेस में आसानी से काम कर सकते हैं.

ये साफ़्टवेयर निश्चित ही बेहतरीन डेवलपमेंट टूल है. अगर आप भी पीएचपी सीखना चाहते हैं तो इसे डाउनलोड जरूर कीजियेगा.

इसे यहां से डाउनलोड करें.

शनिवार, 2 अगस्त 2008

और तब आप जीत जायेंगे

आज मैने ये रेड हैट लाइनेक्स का ये एड देखा. इसका संदेश तो देखिये:

पहले वो आप पर ध्यान नही देंगे

फ़िर वो आप पर हंसेंगे

फ़िर वो आपसे लड़ेंगे

और तब आप जीत जायेंगे.

---------------- महात्मा गांधी

गुरुवार, 24 जुलाई 2008

लाइनेक्स मे आया मल्टी टच

माउस के बाद अगर जी यूं आई की दुनिया मे कोई अच्छी चीज हो रही है तो वो है टच टेक्नोलाजी। माइक्रोसाफ्ट तो विन्डोज़ ७ मे टच सिस्टम लगाने मे लगी है. मैं सोच रहा था की लाइनेक्स मे ऐसा हो रहा है या नही। आज नेट पर खोजा तो मिल गया । लाइनेक्स मल्टी टच मे कई उपयोगकर्ता एक साथ कई साफ्टवेयरों मे काम कर पायेंगे। इस प्रोजेक्ट का नाम है मल्टी प्वाइंटर एक्स सर्वर
टेस्टिंग और डेवलपमेंट के लिए उबंटू फेस्टी चुना गया है.
आप भी देखिये इसका वीडियो।


अधिक जानकारी के लिए यहाँ जाएँ http://wearables.unisa.edu.au/mpx/

मंगलवार, 22 जुलाई 2008

आइये जाने क्या है न्यूक्लियर डील

"कुलबुलाहट" ब्लाग में विजय जी ने एक अंग्रेजी में फ़ार्वाडेड ई मेल प्रकाशित किया है. इस ईमेल में न्यूक्लियर डील के प्रभावों और दुष्प्रभावों का जिक्र किया गया है. मैं उसी ईमेल को हिंदी में यहां प्रकाशित कर रहा हूं

…..

ये १२३एग्रीमेंट क्या है?

ये १२३एग्रीमेंट इसलिये कहलाता है क्योंकि ये अमेरिका के एटामिक पावर एक्ट के सेक्शन १२३ के अंतर्गत आता है.

चलिये देखें कि किस प्रकार इस करार के द्वारा भारत(भारतीयों) की स्वतंत्रता गिरवी रख दी जायेगी.

) इस करार के बाद अमेरिका भारत को परमाणु ऊर्जी बनाने के लिये पूरी मशीनरी, ईधन और तकनीक देगा.

) भारत २२ परमाणु ऊर्जा केंद्रों में कितनी ऊर्जा का उत्पादन होता है?कितना कहां सप्लाई होता है? क्या रिसर्च की जाती है? आदि सब कुछ गुप्त रखा जाता है. पर इस करार के बाद भारत को ये सारी जानकारी दुनिया के सामने खोलनी पडे़गी. इसके अलावा भारत के १४ प्लांट अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संगठन के निगाहों के नीचे आ जायेंगे.

) जो इंधन इन प्लांटों में बनेगा/रिसाइकिल किया जायेगा वो सीधे IAPO के अनुसार करना होगा.

यदि भारत न्यूक्लियर टेस्ट करता है तो ये करार खत्म हो जायेगा.

) अमेरिका पूरी मशीनरी, टेक्नोलाजी आदि सब कुछ वापस ले लेगा.

)लेकिन वो १४ प्लांट लगातार स्कैन किये जाते रहेंगे.

दूसरी तरफ़ अगर अमेरिका इनका उल्लंघन करता है तब भी ये करार बना रहेगा. यानि अमेरिका चाहे तो भारत को चांटे मार सकता है और भारत ये भी पूछ नही सकता कि उसे क्यों मारा गया.

भारत अमेरिका को करार तोड़ने पर कुछ भी नही कर सकता है.

ये है वो कैप्सूल जिसे आसानी से पढ़ा और पचाया जा सकता है:

ऊर्जा की आवश्यकता

आने वाले समय में भारत के विकास के लिये सबसे बड़ी जरूरत ऊर्जा होगी. इस करार में यही दलील दी गई है कि हमें ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने के लिये परमाणु ऊर्जा के उत्पादन में बढो़त्तरी करनी पडे़गी.

भारत के ऊर्जा उत्पादन के संबंध में ये रहे आकड़े:

तापीय ऊर्जा: ६६%

जल ऊर्जा: २६%

सौर तथा पवन ऊर्जा : %

वर्तमान में ६०० करोड़ रुपये खर्च किये गये इस के उत्पादन में

परमाणु ऊर्जा: %

अगर इसे ३ से ६ % तक बढ़ाने की कोशिश की जाये तो ५०,००० करोड़ रुपये और लगेंगे.

सामान्य सी बात है कि ये निर्णय लेना ज्यादा अच्छा होगा कि अन्य ३ ऊर्जा उत्पादन के तरीकों को बढ़ाया जाये ना कि महंगा और खतरनाक परमाणु ऊर्जा को.

यूरेनियम

हमें यूरेनियम दूसरे देशों से आयात करना पड़ता है. पोखरन परीक्षण के बाद वो मिलना बंद हो गया. अमेरिका के साथ इस करार को करने पर हमें अमेरिका से यूरेनियम तो मिलने लगेगा पर हमें ये भी बताना होगा कि किस पावर प्लांट से हम माल लेकर परमाणु बम बना रहे हैं

हम ये गुप्त जानकारी उन्हे क्यों बतायें? क्या किसी बाहरी व्यक्ति को ये मानीटर करने की आप अनुमति देते हैं कि आपके घर के हाल और रसोई में क्या हो रहा है?

अन्य अध्ययनों से ये पता लगा है कि भारत में यूरेनियम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. दिक्कत केवल जमीन के अधिग्रहण की है.

अगले ४० सालों में परमाणु ऊर्जा और बम बनाने के लिये 25,000 MT यूरेनियम की जरूरत होगी.

जबकि भारत में ये ७५,००० MT उपलब्ध हो.

प्लूटोनियम

वर्तमान में ३५% प्लूटोनियम परमाणु बम बनाने के लिये उपयोग किया जाता है. इस करार के बाद हमें केवल १०% की ही इजाजत रहेगी. वो होते कौन हैं हमें हमारी नेचुरल रिसार्सेज का उपयोग करने से रोकते हैं. ये तो उसी तरह हुआ कि आप १० डलियों को बना और खा सकते हैं पर आपको ३ की ही इजाजत है. ऐसा कैसे हो सकता है. और हम इसे स्वीकार कैसे कर सकते हैं.

थोरियम

जैसा कि डा. एपीजे अब्दुल कलाम के द्वारा बताया गया कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में थोरियम है. हम तो थोरियम के दुनिया के दूसरे सबसे बडे़ उत्पादक हैं. भारत को और ऊर्जा उत्पादन के लिये आगे खोज करनी होगी. आपकी जानकारी के लिए, दक्षिण भारत विशेष तौर पर कन्याकुमारी में थोरियम खूब उपलब्द्ध है.

भारत ईरान चीन

अमेरिका भारत-ईरान और भारत-चीन की नजदीकियां नही चाहता. क्योंकि अगर भारत-चीन के रिश्ते मजबूत होंगे तो दोनो ग्लोब के पूर्वी हिस्से में राज करने लगेंगे जिसे अमेरिका फ़ूट डालो शासन करो की नीति से खत्म करना चाहता है.

इस एग्रीमेंट को साइन करने से अमेरिका चाहता है कि भारत ऊर्जा उत्पादन में उसपर निर्भर हो जाये. ईरान से भारत के बीच गैस पाइप लाइन की भी बात चल रही है. जिसे अमेरिका पसंद नही करता है.

परमाणु ऊर्जा तकनीक.

चाहे ऊर्जा बनाई जाये या चाहे बम बनाया जाये. रेडियेशन को रोका नही जा सकता है. और तो और इसके कचरे को भी स्टोर करना महंगा और असुरक्षित है.

एक बार USA के Three Miles Island में दुर्घटना घटी थी. इस प्लांट को बंद करने में २०० करोड़ डालर खर्च हुये फ़िर भी ये पूरी तरह से बंद नही हुआ.

इसी तरह एक दूसरी घटना सोवियत यूनियन के सर्बिया प्लांट में भी घटी. यहां तक की अगली पीढ़ी के बच्चे भी रेडियशन से मुक्त नही हुये है.

किसी एटामिक पावर प्लांट को बंद करना उसे बनाने से कहीं ज्यादा महंगा होता है.

फ़्रांस

फ़्रांस के पास ५६ न्यूक्लियर पावर स्टेशन हैं जो कि देश की ७३% ऊर्जा की जरूरत को पूरा करते हैं. जैसे जैसे उत्पादन बढ़ रहा है वैसे वैसे उन्हे भी परमाणु कचरे और रेडियेशन से समस्या होने लगी है. वहां की सरकार अब ऊर्जा के उत्पादन को घटाने के बारे में सोच रही है.

निष्कर्ष

ऊपर दिये गये खतरों को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि करार करने और भारत को अमेरिका के हाथों सौपने के बजाय सौर और पवन ऊर्जा, और विशेष तौर पर जल ऊर्जा को बढ़ाने की जरूरत है. और ये नदियों को जोड़ने और बांध बनाने के द्वारा किया जा सकता है.

ये करार सन२००५ में शुरू हुआ था जब मनमोहन सिंह अमेरिका गये थे. दो सालों में इस करार को करने के निर्णय ने राजनैतिक मोड़ ले लिया. ना ही इस सरकार नें नाही दूसरी सरकारों ने संविधान में संशोधन करके नदियों का राष्ट्रीयकरण नही कर सकी जिससे जल स्रोतों का पूरी तरह से उपयोग हो सके और उसका प्रयोग कृषि अथवा जल ऊर्जा के कार्यों में किया जा सके.

जब कोई जरूरतमंद की मदत करता है तो आप दोनो के बीच किसी तरह की समान शर्तों की आशा नही कर सकते हैं. पर

) मदत करने वाले की मंशाओं को दिमाग लगाकर देखना चाहिये क्योंकि वो आपके पीछे कब्र खोग सकता है.

) अपने संसाधनो को बेहतर तरीके से उपयोग करना और आत्मनिर्भर बनना बेहतर रहेगा.

भारत - चीन - अमेरिका

भारत संस्कृति, धर्म और शिक्षा के स्तर में सम्पन्न है।

चीन भी इसी तरह संस्कृति, धर्म और शिक्षा में सम्पन्न है.

अमेरिका की कोई संस्कृति नही है. वो केवल दूसरों पर अपनी ताकत दिखाना चाहता है. विशेष रूप से दक्षिण एशिया में. यूरोपियन देशों के यूरो को याद रखें और ये डालर से मजबूत है. अत: उनकी दाल यूरोप में नही गल रही है और वो भारत और पाकिस्तान में प्रयास कर रहे हैं.


रविवार, 20 जुलाई 2008

कौन सी साइट किस टेक्नोलाजी का प्रयोग कर रही है? जाने builtwith से

अक्सर ऐसा होता है कि हम ये जानना चाहते हैं कि कोई वेबसाइट किस टेक्नोलाजी का प्रयोग कर रही है. builtwith.com ऐसी ही सेवा दे रहा है. बस साइट का यूआरएल टाइप कीजिये और देखिये कि टेक्नोलाजी के मामले में साइट कितनी अच्छी है.

मैने अपनी साइट का नाम टाइप किया तो उसे मिली ५ में से ४ स्टार रेटिंग. मैं खूब खुश हुआ.  ये देखिये :

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हालांकि बेसिक आप्टीमाइजेशन रिपोर्ट में ३ स्टार मिले हैं.  जिसे मैं ठीक कर लूंगा.

आप भी एक बार चेक कीजिये: http://www.builtwith.com

गुरुवार, 10 जुलाई 2008

लाइनेक्स में CHM को PDF में बदलना

उबंटू लाइनेक्स में CHM फ़ाइलों को PDF में बदलने के लिये आपको chm2pdf नाम का पैकेज इंस्टाल करना होगा.
इसे इंस्टाल करने के लिये टर्मिनल में ये कमांड दें:
sudo apt-get install chm2pdf
chm2pdf कंमांड का सिंटेक्स कुछ ऐसा होता है
/usr/bin/chm2pdf [options] input_filename [output_filename]
इंस्टालेशन होने के बाद ये कमांड टर्मिनल में दें:
chm2pdf –-book yourfile.chm
यहां पर yourfile.chm आपकी सीएचएम फ़ाइल का नाम होगा.

बुधवार, 25 जून 2008

पीएचपी सीखना काम आ गया

मेरा फ़ोरम पीएचपी पर आधारित है. जब भी उसमें कुछ बदलाव करना होता था तो काफ़ी दिक्कतें आती थी. क्योंकि कुछ समझ में नही आता था. तब मैने फ़ैसला किया कि पीएचपी सीखना है. कुछ टुटोरियल्स की मदत ली और सीखा. phpBB में दो महत्वपूर्ण चीजें नही हैं वो हैं: Sitemap और RSS Feed.

इंटरनेट पर खूब छान बीन करने पर भी जब कुछ ना मिला तो सब अपने ही सिर में लाद लिया. और मैने फ़ोरम का गूगल साइट मैप और फ़ीड सिस्टम तैयार किया. ये दोनो ही डायनेमिक हैं यानि कि जैसे ही कोई नया थ्रेड फ़ोरम में खुलेगा वैसे ही दोनो चीजें अपडेट हो जायेंगी.

फ़ीड सिस्टम बनाने में काफ़ी दिक्कतें आई. मुख्य थी कि वो वैलिडेट नही हो रही थी. पर phpBB के सपोर्ट फ़ोरम में सारी समस्यायें हल हो गईं.

जैसे ही वैलिडेशन की बधाई मिली बड़ी खुशी हुई.

मुझे ये बताते हुये बेहद खुशी हो रही है कि अब आप विबग्योरलाइफ़ फ़ोरम की फ़ीड सब्सक्राइब कर सकते हैं. चाहें ईमेल से चाहे किसी फ़ीड रीडर से.

ईमेल से सब्सक्राइब करने के लिये बगल में ईमेल एड्रेस भरने का बक्सा बना है. आप फ़ोरम में जाकर सीधे वहां से भी फ़ीड सब्सक्राइब कर सकते हैं.

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सोमवार, 23 जून 2008

एक्सपी और विस्टा थीम फ़ायर फ़ाक्स ३ के लिये

फ़ायरफ़ाक्स ३ हर आपरेटिंग सिस्टम में अलग लुक के साथ है. यहां तक की विंडोज एक्सपी और विस्टा में भी ये अलग अलग थीम्स के साथ है. कुछ लोगों का कहना है कि मोजिला ने विंडोज एक्सपी वालों को हरे बटन वाली थीम देकर सजा दी है. खैर छोड़िये. अगर आपको हरे बटन वाली थीम पसंद नही आ रही है तो आप भी विस्टा थीम लगा सकते हैं.

ये रहा लिंक: https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/6839

और अगर आप विस्टा प्रयोग करते हैं और आप विस्टा थीम से बोर हो गये हैं तो आप एक्सपी वाली थीम भी लगा सकते हैं. ये रहा लिंक:

https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/7119

वैसे ये दोनो थीम लाइनेक्स में भी जोरदार तरीके से चलती हैं. ये देखिये:

vista and xp theme fireforx

vista and xp theme fireforx