रविवार, 28 अक्तूबर 2007

उबंटू लाइनेक्स ७.१0 गस्टी गिब्बन आयो रे.

उबंटू लाइनेक्स ७.१० गस्टी गिब्बन उबंटू लाइनेक्स का सबसे अद्यतन संस्करण है। ये १८ सितम्बर को लांच हुआ। मैं तो इसके लिए इतना पागल था कि १८ तारीख को बार बार इंटरनेट पर चेक कर रहा था कि कब इसका डाउनलोड उपलब्ध हो। आज कि पोस्ट में मैं आपको इसके नए फीचर्स के बारे में बताने जा रहा हूँ।
कुछ भी हो इसे देखने के बाद मैं यही कह सकता हूँ कि बिल्लू भैया के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। उबंटू ७.१० में पूरा प्रयास किया गया है कि इससे विन्डोज़ विस्टा को टक्कर दी जाये।
compiz अब डिफाल्ट रुप से शामिल: डेस्कटाप इफेक्ट्स के लिए आपको कुछ इंस्टाल करने की जरूरत नही है। कोम्पिज़ इसमे पहले से ही इंस्टाल किया होगा। ये आपके ग्राफिक कार्ड को चेक करेगा और देखेगा कि क्या इसमे कोम्पिज़ चल सकता है अथवा नही। अगर च सकता है तो आप डेस्कटाप इफेक्ट्स का मजा ले पायेंगे । और अगर नही चल सकता है तो उबंटू की बेसिक डेस्कटाप तो है ही।








डेस्क्बार एप्लेट: विन्डोज़ विस्टा में जिस प्रकार सर्च सिस्टम है उसका ये ओपन सोर्स विकल्प है इसके द्वारा लाइनेक्स आपके कम्प्यूटर में उपलब्ध फाइलों को इंडेक्स करता रहता है और जैसे ही आप कोई शब्द टाइप करते हैं आपके सामने परिणाम तुरंत हाजिर हो जाते हैं।



और
तो और वालपेपर को भी नही छोडा इन्होने
उबंटू लाइनेक्स और विन्डोज़ विस्टा का वालपेपर


फास्ट यूजर स्विचिंग
उबंटू ७.१० में फास्ट यूजर स्विचिंग केवल एक क्लिक से। मेरे स्क्रीन शॉट में केवल एक ही यूज़र दिख रहा है क्यूंकि एक ही यूजर है।


विन्डोज़ की तरह ही डाक्यूमेंट्स पिक्चर म्यूजिक वीडियो फोल्डर :जैसा कि विन्डोज़ में हमे फाइलों को व्यवस्थित करने के लिए माई डाक्यूमेंट्स , माई पिक्चर्स आदि जैसे फोल्डर दिए जाते हैं ठीक उसी तरह उबंटू ७.१० में भी डाक्यूमेंट्स पिक्चर म्यूजिक वीडियो फोल्डर पहले से ही दिए गए हैं

GNOME 2।20: उबंटू ७.१० में जीनोम २.२० है जो कि अपने साथ अन्य ढेर सारे फीचर लेकर आया है। अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

जीनोम २.२० मे नया क्या ?

जीनोम २.२० जीनोम का लेटेस्ट संस्करण है जो कि उबंटू लाइनेक्स ७.10 के साथ आता है। जीनोम २.२० उबंटू में काफी नए फीचर्स को जोड़ रहा है। आइये जाने क्या खास है इसमे।

इवाल्यूशन अटैचमेंट वार्निंग : अगर आप कोई मैसेज टाइप कर रहे हैं जिसमे अटैचमेंट नाम का कोई शब्द है और उसे बिना किसी अटैचमेंट के साथ भेजते हैं तो आपको एक चेतावनी मिलेगी कि आपके मैसेज में अटैचमेंट नही है। है ना कूल फीचर।








जीनोम इमेज व्यूअर : अब इसमे आप किसी फोटो की प्रापर्टीज़
में
उसके मेटा डाटा में XMP डाटा को भी देख सकते हैं। एक्स एम् पी डाटा वो होता है जिसे कैमरा या स्कैनर फोटो लेते वक्त फोटो के साथ स्टोर कर देता है। उदाहरण के लिए कैमरा का माडल , एक्सपोज़र, फोकल लेंथ, आदि। इसके अलावा आप फोटो को किसी अन्य साफ्टवेयर में भी आसानी से खोल सकते हैं क्योंकि इसमे ओपन विथ ... कमांड को फाइल मीनू के साथ जोड़ दिया गया है।





डाक्यूमेंट व्यूअर: अब ये पीडीऍफ़ फाइलों के फार्म्स को भी सपोर्ट करता है। यानी कि आप सीधे पीडीऍफ़ फार्म्स को भर सकते हैं।








फाइल ओपन का डायलाग बॉक्स : जिस फाइल को आप खोलना चाहते हैं वो मिल नही रही? क्या करेंगे ? लेंस लेकर खोजेंगे? उसकी जरूरत नही पड़ेगी। जीनोम लाया है सर्च फीचर अब ओपन के डायलाग बॉक्स में। काम तो तेज़ हो ही गया ना।










हार्ड ड्राइव का प्रापर्टीज़ डायलाग बॉक्स:

विन्डोज़ की तरह ही अब आप ग्राफिकल रुप से देख सकते हैं कि हार्ड ड्राइव में कितनी जगह खाली है।








एपीयारेंस कंट्रोल पैनल : पिछले संस्करण में थीम, फोंट्स, बैकग्राउंड, इंटरफेस आदि में बदलाव के लिए हमे प्रिफरेंस मीनू के अलग अलग आप्शनो मे क्लिक करना पड़ता था। जीनोम २.२० में एपीयारेंस कंट्रोल पैनल बनाया गया है। इससे आप सारी चीजों में बदलाव एक ही डायलाग बॉक्स से कर सकते हैं।







स्क्रीन सेवर : जीनोम २.२० मे अन्य लोग आपके लिए मैसेज छोड़ सकते हैं जब आपका कंप्यूटर स्क्रीन सेवर से लाक हो और आप अपने कम्प्यूटर पे ना हों। जब आप दोबारा पासवर्ड डालकर उसे अनलाक करेंगे तो आपको मैसेज मिलेंगे।

और हाँ ये तो केवल ट्रेलर है इसके अलावा भी अन्य बहुत सी फीचर इसमे उपलब्ध हैं उन्हें जानने के लिए यहाँ जाएँ।

और भी है...
उबंटू .१० मे नया क्या : विन्डोज़ विस्टा को टक्कर

एड्सेंस लगायें ब्लाग से पैसे कमायें

मुझे कुछ लोगों के ई मेल मिले जो एडसेंस अपने ब्लाग या साइट मे लगाना चाह रहे थे पर उन्हे कुछ परेशानी आ रही थी आज इस पोस्ट मे उन्ही का निदान करने जा रहा हूं. चलिये शुरूआत करते हैं:
अगर आपने एडसेंस खाता नही बनाया है तो सबसे पहले बनाइये. ध्यान रखिये कि पहली साइट का नाम ध्यान से डालिये. मुझे जो ई मेल मिले उसमे लोग इसी बात से परेशान थे कि उन्हे अनसपोर्टेड लैंग्वेज का उत्तर मिलता था.
यहां मैं बता दूं कि गूगल एडसेंस हिंदी को सपोर्ट नही करता है. अत: एक अंग्रेजी मे कोई ब्लाग अथवा साइट बनायें और उसका पता दें. जब आपका एडसेंस खाता बन जाये तो फ़िर आप उसे अपनी हिंदी साइट अथवा ब्लाग मे प्रयोग कर सकते हैं.
एडसेंस को अपने ब्लाग अथवा साइट मे लगाना
अब जब आपका खाता बन चुका है तो अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर साइन इन करें.
अब आपको कुछ इस तरह का पेज मिलेगा.





इसमे एडसेंस सेटअप मे जायें.
अब इसमे ४ विकल्प आते हैं:



Adsense for Content: इसके द्वारा आप सामान्य टेक्स्ट अथवा इमेज एड के लिये कोड बना सकते हैं.
Adsense for Search: इसके द्वारा आप अपनी साइट मे सर्च फ़ीचर जोड़ सकते हैं जब कोई आपकी साइट मे खोज बीन करता है तो सर्च रिज़ल्ट्स मे एड भी दिखाये जायेंगे जिनमे प्रति क्लिक पर आपको भुगतान प्राप्त होगा.
Referral: गूगल अथवा अन्य के प्रोडक्ट्स को प्रमोट करना. इसमे आपको प्रति क्लिक पर भुगतान नही मिलता पर किसी कार्य के संपन्न होने पर भुगतान मिलता है उदाहरण के लिये जब कोई फ़ायर फ़ाक्स विथ गूगल टूलबार पर क्लिक करता है तो आपको पैसा नही मिलता है पर जब कोई उसे क्लिक करके डाउनलोड कर लेता है तो फ़िर आपको पैसा मिलता है. रिफ़रल की खास बात ये है कि इसमे आपको ज्यादा पैसा मिलता है.
Adsense For Mobile: अगर आप अपनी मोबाइल साइट मे एड लगाना चाहते हैं तो ये विकल्प आपके लिये है.
समझाने के लिये मैं Adsense for Content का उदाहरण लूंगा. अन्य के लिये भी करीब करीब वही तरीका है.
तो चलिये Adsense for Content पर क्लिक करते हैं. अब आपके पास ये पेज आता है.
इसमे आपसे पूछा जाता है कि आप लिंक यूनिट लगाना चाहते हैं अथवा एड यूनिट. लिंक यूनिट मे क्लिक करने पर उससे संबंधित एड दिखाये जाते हैं वहीं एड यूनिट मे सीधे आपके विजिटर दूसरी साइट मे पहुंच जाते हैं.
यहां मैं एड यूनिट का जिक्र कर रहा हूं. इसमे भी ३ विकल्प आते हैं
text ads
text and image ads
image ads
Text ad से केवल अक्षरों वाले एड दिखते हैं. Image Ad से चित्रॊं वाले एड दिखते हैं. और अगर आप दोनो चुन लेते हैं तो समय समय पर दोनो प्रकार के एड आपकी साइट पर दिखेंगे. वैसे एडसेंस गुरूओं का मानना है कि टेक्स्ट एड ज्यादा अच्छे रहते हैं.
अब आगे बढ़ते हैं. हमने यहां text ad only चुना है. अब Continue पर क्लिक करते हैं.
इस पेज मे आपसे एड का साइज पूछा जाता है और उसका रंग.
आपके लिये कौन सा साइज अच्छा रहेगा इसके लिये इस पेज मे जायें.
इसके बाद आती है बारी रंगो की कुछ लोगों का कहना है कि डिफ़ाल्ट गूगल पैलेट ठीक रहता है पर एडसेंस गुरू कहते हैं कि आपको रंग आपकी साइट से मिलते जुलते चुनने चाहिये. और हां बार्डर नही रखना चाहिये. इससे एड भी आपकी साइट का हिस्सा दिखता है.
एड का बैक ग्राउंड उसी रंग का होना चाहिये जिस रंग का आपका पेज बैकग्राउंड है. इससे एड आपके पेज के साथ मिल जाता है और विजिटर उसे आपके पेज का हिस्सा मानने का धोखा खाता है. और हां मैं (जो आपको ये सब बता रहा हूं )सब कुछ जानते हुए भी एक बार धोखा खा गया था.
सबसे नीचे आपको एक और विकल्प मिलता है कि अगर आपकी साइट के लिये कोई एड ना हो तो क्या दिखाया जाये. इसमे बाई डिफ़ाल्ट Show Public Service Ad रहता है. यानि कि अगर आप ये विकल्प चुनते हैं तो अगर आपके साइट के लिये गूगल के पास कोई एड नही होगा तो वो ये एड दिखायेगा पर इनमे क्लिक होने पर आपको कोई पैसा नही मिलेगा. समाजसेवा के नाम पर तो ठीक है पर अगर बनिया बुद्धि लगाई जाये तो ये पता चलता है कि इन एड्स पर क्लिक होने पर बिना कुछ पाये अपना विजिटर खो देंगे.
अतः अगर आप चाहें तो उस जगह को खाली जगह से भर सकते हैं. इसके लिये Fill space with a solid color विकल्प को चुने.
continue पर क्लिक करें.
अब आपको चैनल के लिये पूछा जाता है.

साधारण
भाषा मे: चैनल यानि कि आप जो एड लगाने जा रहे हैं वो किस साइट मे लगायेंगे. अगर आपने चैनल नही बनाया है तो आप Add new channel मे क्लिक करके नया चैनल बना सकते हैं. और उसे चुन सकते हैं. हलांकि इसमे आप कोई भी नाम दे सकते हैं पर इससे ये पता चलता है कि फ़लां नाम के चैनल से कितनी आमदनी हो रही है. ध्यान रखें कि एक चैनल के सारे एड उसी चैनल से संबंधित साइट मे लगायें. इससे आप कभी कन्फ़्यूज नही होंगे. और आपको सारा डेटा सही मिलेगा.
अब Continue मे क्लिक करें. आपको एक जावा स्क्रिप्ट कोड मिलेगा इसे कापी कर लें. और अपनी साइट मे जहां आप एड लगाना चाह रहे हैं वहां पेस्ट कर दें.
ब्लाग मे कैसे एड लगायें.
ब्लागर मे टेम्प्लेट टैब मे क्लिक करें और पेज एलीमेंट मे क्लिक करें. अब जहां आप एड लगाना चाह रहे हैं वहां पर के "एड पेज एलीमेंट" मे क्लिक करें. और फ़िर HTML/JavaScript वाला विकल्प चुने. अब यहां उस कोड को पेस्ट कर दें.
और हो गया.

गुरुवार, 18 अक्तूबर 2007

पीसी को बनायें फ़ुर्तीला २ – स्टार्ट अप ते़ज़ करें

जब आप कम्प्यूटर शुरू करते हैं तो शुरुआत मे कुछ जरूरी (कुछ गैर जरूरी) प्रोग्राम्स लोड होते हैं, जैसे एंटी वायरस, याहू मैसेंजर(बाई डिफ़ाल्ट ये स्टार्ट अप मे लोड होता है) आदि। जब हम कोई साफ़्टवेयर इंस्टाल करते हैं तो कुछ साफ़्टवेयर अपनी किसी प्रोसेस को स्टार्ट अप मे जोड़ देते हैं. इनमे से कुछ प्रोसेसेस हमारे काम की होती है. पर जो नही होती है वो फ़ालतू मे मेमोरी खाती है, कम्प्यूटर को धीमा करती है और स्टार्ट अप के समय को ज्यादा करती है.

आज मैं पीसी को बनाना फ़ुर्तीला मे इसी के बारे मे चर्चा करने जा रहा हूं.
स्टार्ट अप फ़ोल्डर को खाली करें.
इसके लिये स्टार्ट > आल प्रोग्राम्स > स्टार्ट अप
जरा रुकिये, स्टार्ट अप मे राइट क्लिक करके चुनिये ’एक्सप्लोर’
अब जो भी प्रोग्राम आप हटाना चाहते हैं उसे चुनकर डिलीट कर दीजिये ठीक उसी तरह जैसे आप किसी और फ़ाइल को हटाते हैं.







अन्य स्टार्ट अप प्रोग्राम्स को हटायें
स्टार्ट > रन
अब टाइप करें msconfig और एन्टर प्रेस करें.
अब सिस्टम कांफ़िगरेशन यूटिलिटी का डायलाग बाक्स स्क्रीन पर आयेगा इसमे स्टार्ट अप टैब पर जायें.
इस डायलाग बाक्स मे आप तीन कालम देख सकते हैं. स्टार्ट अप आइटम मे उस प्रोग्राम का नाम लिखा होता है जो कि स्टार्ट अप पर लोड होगा. कमांड मे उस प्रोग्राम की हार्ड डिस्क लोकेशन भी देख सकते हैं. और उसकी रजिस्ट्री लोकेशन को आप लोकेशन कालम मे देख सकते हैं,
जो भी प्रोग्राम आप स्टार्ट अप मे लोड नही करना चाहते हैं उसके चेक बाक्स को अनचेक कर दें.
अब एप्लाई मे क्लिक करें.
अब ओ के मे क्लिक करें
जब आप ओ के मे क्लिक करते हैं तो कम्प्यूटर आपसे पूछता है कि क्या आप कम्प्यूटर को रिस्टार्ट करना चाहते हैं. आप चाहें तो बाद मे भी रिस्टार्ट करें अथवा आप तुरंत रिस्टार्ट करके बदलाव देख सकते हैं।


कई मामलो मे आप किसी प्रोग्राम का स्टार्ट अप अपने प्रोग्राम की प्रिफ़रेंस मे जाकर सेट कर सकते हैं. जैसे कि याहू मैसेंजर को अगर आप स्टार्ट अप से डिसेबल करते हैं तो जब भी आप याहू मैसेंजर शुरू करेंगे तो ये फ़िर से स्टार्ट अप मे अपने आप को जोड़ लेगा. अतः इसे डिसेबल करने के लिये याहू मैसेंजर के मैसेंजर मीनू मे प्रिफ़रेंस मे क्लिक करें. अब जनरल कैटेगरी के अंतर्गत Automatically Start Yahoo Messanger के चेक बाक्स को अन चेक कर दें. इसी तरह से अन्य साफ़्टवेयरों मे भी देखें।


गैरजरूरी सर्विसेस को डिसेबल करें
जैसा कि मैने आपको ऊपर बताया उसी प्रकार सिस्टम कांफ़िगरेशन यूटिलिटी का डायलाग बाक्स खोल लें.
इस बार सर्विसेस टैब पर जायें.
Hide All Microsoft Services के चेक बाक्स मे क्लिक करें ताकि माइक्रोसाफ़्ट की सर्विसेस ना दिखाइ दें. केवल अन्य सर्विसेस दिखाई दें.
अब आप उन सर्विसेस को चेक बाक्स अनचेक करके उन सर्विसेस को रोक सकते हैं पर इसके लिये भी आपको
एक रिस्टार्ट की जरूरत होगी.
कुछ सर्विसेस बहुत जरूरी होती हैं जैसे कि एंटी वायरस और लाइसेंसिंग. अगर मैं अपने कम्प्यूटर से फ़्लेक्सनेट लाइसेंसिंग सर्विस को डिसेबल कर दूं तो मैं एडोबी क्रियेटिव सुइट का प्रयोग नही कर सकता हूं. अतः केवल उन्ही सर्विसेस को हटायें जो गैरजरूरी हों.
विशेष सर्विसेस
विंडोज़ इंडेक्सिंग सर्विसेस : ये सर्विसेस आपके कम्प्यूटर की हर फ़ाइल का हिसाब किताब रखती है यानि कि इंडेक्स बनाकर रखती है. इससे फ़ाइलों को सर्च फ़ीचर से खोजना तेज़ हो जाता है.
अगर आप बार बार कम्प्यूटर के सर्च फ़ीचर का इस्तेमाल नही करते हैं तो इसे डिसेबल किया जा सकता है.
विंडोज़ थीम सर्विस : विंडोज एक्स पी मे जो सुंदर थीम रहती है वो इसी प्रोसेस के चलने के कारण रहती है. अगर आपका पीसी धीमा हो रहा है तो आप इसे आराम से डिसेबल कर सकते हैं. कोई दिक्कत नही बस आपको विंडोज़ क्लासिक लुक देखना पडे़गा. थीम हट जायेगी.

रविवार, 14 अक्तूबर 2007

पीसी को बनायें फ़ुर्तीला १ - जरा साफ़ सफ़ाई हो जाये

उपयोग करते करते कुछ महीनो मे विंडोज धीमा हो जाता है. इसे तेज करने के कई तरीके हैं जिनमे
से कुछ तरीकों की इस
पोस्ट मे चर्चा की जायेगी.


डिस्क क्लीनअप
जब आप इंटरनेट सर्फ़ करते हैं तो जो कुछ भी आप अपने ब्राउजर मे देखते हैं वह पहले आपके कम्प्यूटर मे डाउनलोड होता है, फ़िर आपको ब्राउजर मे दिखाई देता है. धीरे धीरे ये डाटा आपके कम्प्यूटर मे जमा होते जाता है. इससे निजात पाना जरूरी है. इसके अलावा विभिन्न टेम्पररी फ़ाइलें, पुरानी फ़ाइलें जिन्हे कंप्रेस (केवल एन टी एफ़ एस फ़ाइल सिस्टम)किया
जा सकता है आदि को आप डिलीट कर सकते हैं
.

विंडोज मे डिस्क क्लीन अप नाम की एक यूटिलिटी होती है जिसके द्वारा आप अपने कम्प्यूटर की साफ़ सफ़ाई आसानी से कर सकते हैं. इसके लिये जायें:
स्टार्ट >
आल प्रोग्राम्स>एसेसरीज>सिस्टम टूल्स>डिस्क क्लीनअप

अब अपनी वो ड्राइव चुने जिसकी झाड़ फ़ूंक करनी है. थोड़ी देर मे आपको कम्प्यूटर बतायेगा कि कम्प्यूटर मे कितनी जगह खाली की जा सकती है. जिन चीजों को आप हटाना चाहते हैं उन्हे चुने (सभी को चुना भी जा सकता है मैं ऐसा ही करता हूं) और ओके मे क्लिक करें. इसके लिये आप Ccleaner का प्रयोग भी कर सकते हैं. ये इस काम को ज्यादा बेहतर तरीके से करता है


सिस्टम रिस्टोर की फ़ाइलों को हटायें.

सिस्टम रिस्टोर विंडॊज़ का एक ऐसा फ़ीचर है जो कि हमे आपात स्थिति मे कम्प्यूटर को समय से पीछे जाने मे मदत करता है. इसका हर रिस्टोर प्वाइंट विंडोज़ की सेटिंग्स और फ़ाइलों को स्टॊर रखता है. जिससे कि आप आपात स्थिति मे पिछ्ली
सेटिंग्स को वापस ला सकें
. ये एक तरह से विंडोज का टाइम मशीन होता है. हर रिस्टॊर प्वाइंट हार्ड डिस्क मे जगह लेता है. धीरे धीरे ये कई गीगा बाइट की जगह ले लेता है. अगर आपका कम्प्यूटर अच्छा चल रहा है तो आप कम्प्यूटर की अच्छी स्थिति मे उसे डिसेबल करके फ़िर से इनेबल कर सकते हैं.
इससे सारे रिस्टोर प्वाइंट हट जायेंगे और आपको काफ़ी जगह मिल जायेगी.


ध्यान रहे सिस्टम रिस्टोर को इनेबल जरूर कर लें. जब आप इसे डिसेबल करते हैं तो सारे रिस्टॊर प्वाइंट हट जाते हैं और जब आप इसे इनेबल करते हैं तब एक नया रिस्टोर प्वाइंट बन जाता है. इस काम को करने के लिये निम्न लिखित निर्देशों का पालन करें:-
१) माई कम्प्यूटर मे राइट क्लिक करें और प्रापर्टीज़ मे जायें.
२) सिस्टम रिस्टोर टैब मे जायें
3) Turn off system restore on all drives
के चेक बाक्स मे क्लिक करें.
४) अब एप्लाई मे क्लिक करें
.
थोड़ा समय लगेगा फ़िर सारे रिस्टोर प्वाइंट हट जायेंगे. अब फ़िर से उसी चेक बाक्स मे क्लिक करेंगे तो एक नया रिस्टोर प्वाइंट बन जायेगा. बाकी रिस्टॊर प्वाइंट हट जाने से काफ़ी जगह मिल जायेगी.


फ़ोंट्स को हटायें.
ज्यादा फ़ोंट्स भी सिस्टम को धीमा कर देते हैं.
अतः वही फ़ोंट्स इन्स्टाल करें जिनकी जरूरत हो.
एक बार तो मेरा सिस्टम बैठ गया था.
फ़ोंट्स को हटाने के लिये C:\Windows\Fonts
फ़ोल्डर मे जायें यहां फ़ोंट्स फ़ाइलों मे क्लिक करके ये देख लें कि कौन सा आपके काम का नही है.
जो काम के नही हों उन्हे एक अलग फ़ोल्डर बनाकर उसमे रख दें ये फ़ोल्डर आप माई डाक्यूमेंट्स
मे भी बना सकते हैं
.







ना उपयोग होने वाले प्रोग्रामों को हटायें
.
अक्सर होता ये है कि हम साफ़्टवेयरों को इन्स्टाल करते जाते हैं और फ़िर बाद मे हटाना भूल जाते
हैं
. इससे ये साफ़्टवेयर बेहिसाब जगह घेरते
जाते हैं
. अतः विंडोज़ के एड रिमूव प्रोग्राम्स
का प्रयोग करें इसके लिये ...
स्टार्ट >
कंट्रोल पैनल > एड रिमूव प्रोग्राम्स मे जायें
विंडॊज की ये यूटिलिटी शुरू होने मे समय लेती है अत: Ccleaner का प्रयोग करें इससे साफ़्टवेयर
हटाना ते़ज़ हो जाता है
. इसके बारे मे और अधिक जानकारी मैने इस पोस्ट मे दी है.






रजिस्ट्री रिपेयर करें.
रजिस्ट्री विंडोज आधारित कम्प्यूटरों मे एक डाटाबेस होता है जिसमे कि विंडोज़ की सारी जानकारी
स्टोर रहती है
. जब आप कोई साफ़्टवेयर इसमे इन्स्टाल करते हैं तो वह साफ़्टवेयर उसमे
अपनी एंट्री डाल देता है
. जब आप साफ़्टवेयरों को हटाते हैं तो कुछ एंट्रीज रजिस्ट्री मे रह जाती हैं.
अत: उन्हे हटाना जरूरी होता है. अगर फ़्रीवेयर की बात करें तो एड्वांस विंडो केयर पर्सनल और सीक्लीनर आप प्रयोग कर सकते हैं. पर
अगर आप पैसे खर्च कर सकते हैं तो पी सी टूल्स का रजिस्ट्री मैकेनिक आजमायें
.




डिस्क डिफ़्रैगमेंटर
जब आप कम्प्यूटर मे काम करते हैं तो विंडोज़ आपकी लगातार घूमती हार्ड डिस्क मे डाटा राइट करता रहता है. जब आप किसी फ़ाइल को कई बार सेव करते हैं तो विंडोज जहां भी डिस्क मे जगह पाता है वहां पर फ़ाइल के उस हिस्से को सेव कर
देता है
. इससे एक ही फ़ाइल के टुकड़े हार्ड
डिस्क मे कई जगह फ़ैल जाते हैं
. इन्हे
फ़्रैगमेंट कहा जाता है
. जब् कम्प्यूटर उन फ़ाइलों को एक्सेस करने की कोशिश करता है तो उसे इसके कई टुकडो़ को अलग अलग जगह से ढूंढ़्ना पड़्ता है इससे गति धीमी हो जाती है.
इन फ़्रैगमेंट्स को ठीक करना डिफ़्रैगमेंटेशन कहलाता है.डिफ़्रैग्मेंटेशन की प्रक्रिया मे विंडोज़ हार्ड डिस्क से फ़ाइलों के टुकड़ों को अलग अलग जगह से लाकर एक जगह लगा देता है. डिस्क डिफ़्रैगमेंट करने के लिये विंडोज मे डिस्क डिफ़्रैगमेंटर नाम की एक यूटिलिटी होती है इसे आप स्टार्ट>
आलप्रोग्राम्स> एसेसरीज़ > सिस्टम टूल्स > डिस्क डिफ़्रैगमेंटर
अब पहले अपनी ड्राइव को चुने > एनालाइज पर क्लिक करें > अगर आपसे विंडोज डिफ़्रैगमेंट का
अनुरोध करता है तो डिफ़्रैगमेंट मे क्लिक कर दें
. वैसे आप ये काम सीधे डिफ़्रैगमेंट मे क्लिक करके भी कर सकते हैं.
रेखाओं का मतलब
लाल
: फ़्रैगमेंटेड फ़ाइलें
नीली
: वो फ़ाइलें जो फ़्रैगमेंटेड नही हैं.
हरी
: वो फ़ाइले जिन्हे इधर उधर मूव नही कराया जा सकता है
सफ़ेद
: हार्ड डिस्क की खाली जगह

FAT32 फ़ाइल सिस्टम मे फ़्रैग्मेंट्स ज्यादा बनते हैं. NTFS मे कम बनते हैं. अतः मेरी यही सलाह है कि NTFS फ़ाइल सिस्टम को प्रयोग करें.NTFS आपको फ़ाइलों को कंप्रेस करने की भी सुविधा देता है.

शुक्रवार, 12 अक्तूबर 2007

उबंटू लाइनेक्स के लिए बेहतरीन साफ्टवेयर - 3

गूगल डेस्कटॉप
गूगल ने अपना डेस्कटॉप सर्च वाला साफ्टवेयर लाइनेक्स के लिए भी उपलब्ध कराता है। हालांकि लाइनेक्स संस्करण मे साइड बार को नही जोडा गया है पर फिर भी ये अपना मुख्य काम (जो फाइलों की खोज बीन करना है) वो तो करता है। गूगल की सर्च टेक्नोलाजी से तो सभी परिचित हैं तो आप समझ ही सकते हैं कि लाइनेक्स एनवायरमेंट मे खोज बीन इससे काफी आसान अगर आप हो जाती है।
गूगल डेस्कटॉप को आप सिनैप्टिक पॅकेज मैनेजर से तो इंस्टाल कर ही सकते हैं पर अगर आप इसे अलग से डाउनलोड करना चाहें तो इसका डेब और आर पी एम् पॅकेज यहाँ उपलब्ध है।










गूगल पिकासा
पिकासा के द्वारा आप अपने कम्प्यूटर मे रखे चित्रों और फोटों को व्यवस्थित कर सकते हैं और जब चाहें उन्हें ढूँढ सकते हैं। ये साफ्टवेयर आपको फोटो एडिटिंग की भी सुविधा देता है। आप अपनी फोटोज़ को इन्टरनेट पर शेयर भी कर सकते हैं। गूगल पिकासा को भी आप सिनैप्टिक पॅकेज मैनेजर से इंस्टाल कर सकते हैं पर इसके डेब और आर पी एम् पॅकेज भी आप डाउनलोड कर सकते हैं। इन्हें आप यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं।





गूगल अर्थ
विन्डोज़ मे चलने वाला आपका प्रिय साफ्टवेयर गूगल अर्थ अब लाइनेक्स मे भी उपलब्ध है। अब तो इसमे आकाश मे झांकने की भी सुविधा दे दीं गई है। इसकी बिन फ़ाइल को आप यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं।

अगर आप सिनैप्टिक पॅकेज मैनेजर का प्रयोग करते हैं तो अगर गूगल के साफ्टवेयर हो सकता है कि उसमे दिखाई ना दें। इसके लिए आपको गूगल साफ्टवेयर रिपोसिट्रीस को जोड़ना होगा इसके लिए यह पोस्ट पढ़ें




गूगल अर्थ की बिन फ़ाइल को इंस्टाल करने की विधि
टर्मिनल विंडो को खोलें। इसके लिए Accessories > Terminal मे जाएँ।
जिस बिन फ़ाइल को आपने डाउनलोड किया है वह जिस डायरेक्टरी मे है उस डायरेक्टरी मे जाएँ। इसके लिए आपको ये कमांड देना होगा अगर वो फ़ाइल डेस्कटाप पर है
cd /home/yourname/Desktop
अब ये कमांड दें।
sh GoogleEarthLinux.bin

<<< इसके बाद आपको ये विंडो दिखाई देगी।
आप चाहें तो इंस्टालेशन पाथ बदल भी सकते हैं या फिर उसे वैसे ही रहने दें और Begin Install बटन पर क्लिक कर दें।

अगर कोई एरर नही आती है और सब कुछ ठीक ठाक हो जाता है तो बधाई हो गूगल अर्थ इंस्टाल हो गया।

वैसे तो इंस्टाल होने के बाद ये डेस्कटॉप पर अपना एक आइकन बनाता है पर अगर किसी कारण से ये डिलीट हो जाये तो इसे शुरू करने के लिए उस डायरेक्टरी मे जाएँ जिसमे आपने उसे इंस्टाल किया है डिफाल्ट मे home\yourname\google-earth होता है। यहाँ गूगल अर्थ के आइकन पर क्लिक करें और मजा लें गूगल अर्थ का लाइनेक्स पर।

गुरुवार, 11 अक्तूबर 2007

उबंटू लाइनेक्स मे गूगल लाइनेक्स रिपोसिटरीस को कैसे जोडे?

गूगल साफ्टवेयर रिपोसिटरीज़ के द्वारा हम गूगल लाइनेक्स साफ्टवेयरों को लाइनेक्स मे आसानी से इन्स्टाल कर सकते हैं। आइये देखें इसे कैसे करें?
सर्वप्रथम पॅकेज साइनिंग की को यहाँ से डाउनलोड करें ।

सिस्टम > एडमिनिस्ट्रेशन > साफ्टवेयर सोर्सेस मे जाएँ।

















साफ्टवेयर सोर्सेस की विंडो मे Authentication टैब मे जाएँ।
अब इंपोर्ट की फ़ाइल मे क्लिक करें और जो साइनिंग की हमने डाउनलोड की है उसे चुने।












अब थर्ड पार्टी साफ्टवेयर टैब मे क्लिक करें। इसमे एड बटन मे क्लिक करें। इससे एक डायलाग बाक्स आएगा।












डायलाग बाक्स मे ये लाईन पेस्ट करें:
deb http://dl.google.com/linux/deb/ stable non-free

और एड सोर्स मे क्लिक करें।









अब आप क्लोज मे क्लिक करें। अब आपको एक और डायलाग बाक्स मिलेगा जो कि आपसे पूछेगा कि उपलब्ध साफ्टवेयर आउट आफ डेट हो गए हैं तो क्या इसे दुबारा लोड किया जाये। इसमे रीलोड मे क्लिक करें।


बधाई हो ! काम हो गया।






बुधवार, 10 अक्तूबर 2007

नार्टन ३६० और नार्टन इंटरनेट सिक्योरिटी मे कौन बेहतर

आज मैं आपको नार्टन ३६० और नार्टन इंटरनेट सिक्योरिटी मे तुलना करके बताउंगा कि आपके लिये कौन सा उत्पाद सही है। किसमे क्या खास है और क्या खामी है।

नार्टन ३६० के बारे मे मैंने एक पुरानी पोस्ट मे भी लिखा है। अक्सर लोग इस बारे मे सोचते हैं कि जब नार्टन इंटरनेट सिक्योरिटी है तो नार्टन ३६० की क्या जरूरत? मेरा स्वयं का अनुभव है कि नार्टन इंटरनेट सिक्योरिटी नार्टन ३६० से बेहतर है लेकिन अगर आप होम यूजर हैं तो आपके लिये नार्टन ३६० ही बेहतर रहेगा। नार्टन ३६० मे आपको इंटरफ़ेस सीधा साधा मिलता है। वहीं नार्टन इंटरनेट सिक्योरिटी मे इंटरफ़ेस एडवांस्ड होता है। यानि कि आप चीजों को स्वयं चुन सकते हैं
norton 360

ऊपर के स्क्रीन शाट्स मे आप देख सकते हैं कि नार्टन ३६० आपको सीधे सीधे पी सी सिक्योरिटी, ट्रांसक्सन सिक्योरिटी, बैकअप और पी सी ट्यून अप के बारे मे बताता है। अगर आप स्कैन करना चाहते हैं तो सीधे स्कैन पर क्लिक करें। वहीं दूसरी तरफ अगर हम नार्टन इन्टरनेट सिक्यूरिटी को देखें तो वो भी यही करता है पर दूसरी भाषा मे यानी कि आटो प्रोटेक्शन, प्रोटेक्शन अपडेट, आटोमैटिक लाइव अपडेट, पर्सनल फायरवाल, स्पाइवेयर प्रोटेक्शन आदि आदि....। यानि कि ना०इ०सि० मे आपके हाथ मे ज्यादा कंट्रोल रहता है।

एक और बात अगर आप नार्टन इन्टरनेट सिक्यूरिटी उपयोग करते हैं तो आप किसी फ़ाइल मे राइट क्लिक करके उसे स्कैन कर सकते हैं, वहीं अगर आप नार्टन ३६० उपयोग करते हैं तो आप ऐसा नही कर सकते हैं। इसके बारे मे कंपनी का कहना है कि जब आप किसी फ़ाइल को सी डी या इन्टरनेट से डाउनलोड करते हैं तो नार्टन ३६० उसे अपने आप स्कैन कर लेता है वो भी बिना कम्प्यूटर की परफ़ार्मेंस को हाथ लगाये।

नार्टन ३६० आपको ट्यून अप यानी कि डिस्क क्लीन अप , डिफ़्रैग्मेंट जैसी सुविधायें देता है वहीं नार्टन इन्टरनेट सिक्योरिटी मे ये सुविधायें उपलब्ध नही हैं।

नार्टन ३६० आपको २ गीगाबाइट का आनलाइन बैकअप देता है नार्टन इ० सि० ये सुविधा नही देता है।

अगर आप ये सुविधायें नार्टन इ० सि० के साथ चाहते हैं तो आपको नार्टन सिस्टम वर्क्स प्रीमियर भी खरीदना चाहिये।

संक्षेप में,
अगर आप एडवांस उपभोक्ता और प्रोफ़ेशनल काम करते हैं तो आपको चाहिये नार्टन इंटरनेट सिक्योरिटी + सिस्टम वर्क्स
अगर आप घरेलू उपभोक्ता हैं तो आपके लिये नार्टन ३६० बेस्ट है।

नार्टन ३६० के बारे मे और ज्यादा जानकारी के लिये यहां क्लिक करें।

सोमवार, 8 अक्तूबर 2007

उबंटू लाइनेक्स के लिए बेहतरीन साफ्टवेयर -२

वेब डिज़ाइन करें (nvu/kompozer) के साथ
कम्पोज़र एक WYSIWYG HTML एडिटर है जो कि जिसमे आप वेब साइट डिज़ाइन कर सकते हैं। ये विन्डोज़ और लाइनेक्स दोनो के लिए ही उपलब्ध है। ये mozilla के composer कम्पोनेंट पर आधारित सुइट है। इसमे वेबसाईट डिज़ाइन करने के लिए आपको HTML का ज्ञान आवश्यक नही है।







जी लेबल
जी लेब बिजनेस कार्ड और लेबल डिज़ाइन करने के लिए प्रोग्राम है। ये विभिन्न लेसर जैट और इंक जैट के साथ काम करने लायक बनाया गया है।










सुपर टक्स कार्ट
ये 3D रेसिंग गेम है। आपको जरूर पसंद आएगा।







वाइन विन्डोज़ इमुलेटर
वाइन के द्वारा आप कई विन्डोज़ प्रोग्रामों को लाइनेक्स मशीन पर चला सकते हैं। ये हर साफ़्टवेयर की तो गारंटी नही देता है। पर कई साफ़्टवेयर इसमे आसानी से चल जाते हैं, जैसे कि मैंने फोटोशाप इसके द्वारा चलाया था।









जारा (XARA) एक्सट्रीम
जारा एक्सट्रीम भी इंकस्केप की तरह वेक्टर ग्राफिक्स प्रोग्राम है। पर मुझे ये इंक स्केप से बेहतर लगता है। इसका इंटरफेस इंक स्केप से बेहतर है।











उपरोक्त सभी साफ्टवेयरों को आप सिनैप्टिक पॅकेज मैनेजर की सहायता से आसानी से इन्स्टाल कर सकते हैं.

उबंटू लाइनेक्स के लिए बेहतरीन साफ्टवेयर -1

डाउनलोडर फार एक्स
विन्डोज़ मे तो आप बड़ी फाइलों को डाउनलोड कराने के लिए डाउनलोड मैनेजरों का प्रयोग करते ही होंगे। पेश है लाइनेक्स के लिए डाउनलोड मैनेजर डाउनलोडर फार एक्स। इसमे आप डाउनलोडिंग
स्पीड चुन सकते हैं। डाउनलोड हो रही फाइलों को रोक सकते हैं फिर शुरू कर सकते हैं। यानी कि एक अच्छे डाउन लोड मैनेजर की सारी खूबियां वो भी फ्री मे।







स्क्रिबस से करें डेस्कटाप पब्लिशिंग
स्क्रिबस विन्डोज़, मैक ओ एस और लाइनेक्स तीनो के लिए उपलब्ध है। इसके द्वारा आप पेशेवराना काम कर सकते हैं। इसे आप अडोबी इन डिजाइन , पेजमेकर, क्वार्क एक्सप्रेस का फ्री विकल्प मान सकते हैं। इसके द्वारा आप PDF प्रस्तुतीकरण और फार्म भी बना सकते हैं।









एक्स एम् एम् एस
इसे हम लाइनेक्स का winamp भी कह सकते हैं । ये एम् पी ई जी १२३ लाइब्रेरी पर आधारित प्रोग्राम है जो कि एम् पी ३ फाइलों को प्ले कर सकता है। ये स्किन्स को सपोर्ट करता है जिसके द्वारा आप इसे और भी सुन्दर बना सकते हैं। इसके अलावा इसमे प्लग इन्स को इन्स्टाल करके इसमे और भी सुविधाएं जोडी जा सकती हैं।


इनक्स्केप
इनक्स्केप एक ताकतवर वेक्टर ग्राफिक डिजाइनिंग का प्रोग्राम है। ये वही काम करता है जो कि कोरल ड्रा जैसे प्रोग्राम करते हैं। ये विन्डोज़, मैक और लाइनेक्स तीनो के लिए ही फ्री मे उपलब्ध है। मैंने इसमे काम किया है और मैं कह सकता हूँ कि ये आपकी हर जरूरत को पूरा कर सकता है। ये फाइलों को एस डब्लू जी फॉर्मेट मे सेव करता है। इसमे बनाईं गई ड्राइंग को आप JPG, BMP, TIFF, PNG आदि फार्मेट मे सेव कर सकते हैं।





इन साफ्टवेयरों को आप उबंटू के सिनैप्टिक पॅकेज मैनेजर से आसानी से इन्स्टाल कर सकते हैं। अगर कोई साफ़्टवेयर ना दिखाई दे तो एक बार मैनेजर को रीलोड कर दें।


मेरा प्रोफाइल कोई और भी लिख रहा है

वैसे तो ब्लॉगर मे हम सभी का प्रोफाइल होता है। जिसमे हम अपने बारे मे बताते हैं। मेरे एक दोस्त ने जब हिंदी ब्लोगिंग के बारे मे जब खूब देखा पढा तो की बोर्ड और माउस लेकर उतर पडे हिंदी ब्लोगिंग के मैदान मे। अब सवाल था कि शुरू कहां से किया जाये? मुझसे पूछा तो मैंने बताया कि आज तुमने खाने मे क्या खाया से लेकर देश दुनिया की खबरों तक कुछ भी लिख सकते हो। पर मुझे क्या पता था कि इसके दिमाग मे क्या खिचड़ी पक रही है, कुछ नही मिला तो शुरुआत मुझसे ही कर दी। मेरा भूत भविष्य वर्तमान सब कुछ दे मारा ब्लॉग पर। इनका नाम है हिमांशु चौकीकर और ब्लॉग है http://himanshublogs.blogspot.com/

मेरी शुभकामनायें हिमांशु जी के साथ है । इंजीनियरिंग की पढाई कर रहे हैं। अतः अपने क्षेत्र से सम्बंधित लेख अगर वो हिंदी मे उपलब्ध कराएँ तो और भी अच्छा रहेगा।

आप सभी से निवेदन है कि उनके ब्लॉग मे जाकर उनके उत्साह वर्धन करें।

रविवार, 7 अक्तूबर 2007

अब इन्टरनेट एक्सप्लोरर ७ सबके लिये (पायरेटेड विंडोज के लिये भी)

माइक्रोसाफ़्ट ने ये घोषणा की है कि अब इन्टरनेट एक्सप्लोरर ७ को डब्लू जी ए से मुक्त किया जा रहा है और ये विंडोज़ की हर कापी पर इन्सटाल किया जा सकता है(पायरेटेड विंडोज़ पर भी)

एक साल पहले जब आई ई ७ विन्डोज एक्स पी (एस पी२) के लिये लांच हुआ था तब ये केवल उन्ही कम्प्यूटरों पर इन्स्टाल हो सकता था जिनमे असली विन्डोज़ डला होता था. इसे इन्स्टाल करने के पहले कम्प्यूटर को डब्लू जी ए टेस्ट से गुजरना पड़ता था जो कि विंडोज का एन्टी पायरेसी कम्पोनेंट है.

माइक्रोसाफ़्ट का कहना है कि इंटरनेट एक्सप्लोरर ७ सबसे ज़्यादा सुरक्षित ब्राउजर है. इंटरनेट एक्सप्लोरर ६ विन एक्सपी के साथ आया . पिछले ११ महीनो मे इसे २२ खामियों से मुक्त किया गया जिसमे से २० खामियां ज्यादा खतरनाक थीं. वही इंटरनेट एक्सप्लोरर ७ मे १३ खामियां पाई गई. उन खामियों को भी ठीक किया गया. इस खामियों मे से १० खतरनाक थी.

यह पहली बार है जब माइक्रोसाफ़्ट ने अपने किसी महत्वपूर्ण उत्पाद से डब्लू जी ए हटाया है. पर ये अन्य उत्पादों जैसे कि विंडोज मीडिया प्लेयर ११ और विंडोज डिफ़ेंडर मे रहेगा. लोगों का कहना है कि फ़ायर फ़ाक्स ने इंटरनेट एक्सप्लोरर का काफ़ी हिस्सा हथिया लिया है इसी वजह से माइक्रोसाफ़्ट को ये कदम उठाना पड़ रहा है.

और अब पोर्टेबल साफ़्ट्वेयरों का जलवा

ये पोर्टेबल साफ़्टवेयर है क्या?
पोर्टेबल साफ़्टवेयर से अभिप्राय उन साफ्टवेयरों से है जिनका साइज सामान्य से कम होता है और जिन्हे कम्प्यूटर पर बिना इंस्टाल किये चलाया जा सकता है। इन साफ्टवेयरों को आप अपनी यू एस बी ड्राइव मे लेकर कहीं भी ले जा सकते हैं और बिना इंस्टाल किये किसी भी कम्प्यूटर पर चला सकते हैं।


ओपन सोर्स पोर्टेबल साफ़्टवेयर।
ओपन सोर्स साफ़्टवेयर किसी भी आदमी की बेसिक जरूरत को पूरा कर सकता है। अब अगर ये पोर्टेबल रुप मे उपलब्ध हो जाएँ तो कैसा हो

जी हाँ ! पोर्टेबल एप्स को आप कहीं भी ले जा सकते हैं और किसी भी कम्प्यूटर पर बिना इन्स्टाल किये चला सकते हैं। ये ओपन सोर्स हैं और आपकी हर बेसिक जरूरत को पूरा करने मे सक्षम हैं।

इन्हें कैसे उपयोग करें?
पोर्टेबल एप्स को आप http://portableapps.com/suite से डाउनलोड कर सकते हैं।

ये एक ई एक्स ई फ़ाइल होती है उसे रन करें रन होने पर ये आपसे फैलने के लिए जगह मागेगा । अपनी यू एस बी पेन ड्राइव लगाएँ और उसका पता इसे दे दें।

जब ये आपकी पेन ड्राइव मे इन्स्टाल हो जाये तो आप तैयार हैं।
आप जब भी किसी कम्प्यूटर मे अपनी पेन ड्राइव लगायेंगे तो इसका आटो रन इसके मीनू को शुरू कर देगा। ये आपके टास्कबार मे दाईं तरफ घडी के पास दिखाई देगा। इसका मीनू विन्डोज़ के स्टार्ट मेनू से कम नही है। दाईं तरफ ये साफ्टवेयरों को दिखाता है और बाएँ तरफ ये डाक्यूमेंट्स म्यूजिक पिक्चर वीडियो जैसे फोल्डर और उनके लिंक्स देकर ये आपको फाइल्स मैनेज करने की सुविधा देता है। इसमे एक सर्च और बैकअप फीचर भी है।
सबसे नीचे ये यह बताता है कि आपकी यू एस बी पेन ड्राइव मे कितनी जगह बची हुई है।

मेरी व्यक्तिगत सलाह तो यही है कि हर किसी को अपनी पेन ड्राइव मे इसे इंस्टाल करके रखना चाहिऐ क्या पता कब क्या जरूरत पड़ जाये।

यानी कि आप जब किसी अन्य के कम्प्यूटर मे इन्टरनेट अथवा ईमेल का प्रयोग करें तो आपका अपना ब्राउजर और ई मेल क्लाइंट आपके साथ होगा। और हाँ इन्टरनेट हिस्ट्री भी कोई नही चेक कर सकता क्यूंकि आप तो अपना ब्राउजर अपने साथ ले जा चुके होंगे।

इसके तीन संस्करण उपलब्ध हैं :-
स्टैण्डर्ड एडिशन : इसमे आपको ये साफ़्टवेयर मिलेंगे :
क्लाम विन एंटीवायरस
मोजिला फ़ायर फ़ाक्स
गैम(जी आई ए एम) मैसेंजर
ओपेन आफ़िस
सुडोकू
मोजिला सनबर्ड
मोजिला थन्डरबर्ड
ये ५१२ एम बी की ड्राइव के लिये बढ़िया है
लाइट एडिशन: इसमे ओपेन आफ़िस की जगह एबीआई वर्ड होता है बाकी साफ़्टवेयर वही होते हैं. यह २५६ एम बी की ड्राइव के लिये है.
बेस एडिशन: इसमे आपको साफ़्टवेयर चुनना होता है. इसमे केवल आपको मीनू, बैक अप यूटिलिटी और फ़ोल्डर आइकान्स मिलते हैं. ये डाउनलोड मे लगभग १ एम बी का होता है. कम क्षमता वाली ड्राइवो के लिये ये एक अच्छा विकल्प हो सकता है
इसके अलावा अन्य बहुत सारे साफ़्ट्वेयर अलग से डाउनलोड के लिये उपलब्ध हैं. इनकी लिस्ट आप यहां से पा सकते हैं http://portableapps.com/apps
तो फ़िर देर किस बात की अभी डाउनलोड करें http://portableapps.com/suite

मंगलवार, 2 अक्तूबर 2007