रविवार, 29 अप्रैल 2007

CCleaner करेगा आपके कंप्यूटर की गंदगी को साफ



कंप्यूटर
में विन्डोज़ को इंस्टाल कराने के कुछ महीनो बाद वह धीरे धीरे डेरे चलाने लगता है। यह समस्या आम है। और जब समस्या है तो उसका हल भी है।

पेश है CCleaner. जिसके द्वारा जहाँ आप आपने कंप्यूटर पर ज़मी हुई कई महीनो की टूटी फूटी रजिस्ट्री की समस्या को हल कर सकते हैं, तो वहीँ आप कंप्यूटर में जमें कचरे वाली फ़ाइल को भी साफ कर सकते हैं । वैसे तो विन्डोज़ के Add/Remove Programs feechar के द्वारा हम प्रोग्रामों को Uninstall करते हैं पर CCleaner उससे भी तेज़ गति से प्रोग्रामों को हटाता है। ये Startup में लोड होने वाले प्रोग्रामों को भी Manage कर सकता है।

और इस प्रोग्राम की कीमत है मात्र $0 .

तो फिर देर किस बात की अभी download करें।

शनिवार, 28 अप्रैल 2007

इरफान व्यू के द्वारा बनायें अपना स्क्रीन सेवर

इरफान व्यू एक फ्री इमेज एडिटिंग सोफ्टवेयर है। हम इसके द्वारा अपने खुद की फोतोस का स्क्रीन सेवर बाना सकते हैं। सबसे पहले तो इसे Download करना पड़ेगा। इसे download कराने के लिए नीचे दिए बटन पर क्लिक करें ।
Get it from CNET Download.com!
आपको ये जानकार आश्चर्य होगा कि ये साइज़ में केवल १.१ एम् बी का है और काफी सारे काम कर सकता है। तो चलिये अगर आपने इसे download कर लिया है तो अब आगे बढते हैं। इसे install करने के बाद इसे शुरू करें ।



चित्र में दिखाए अनुसार हरे वाले बटन पर क्लिक करें।
अब जो dialogue box आपके सामने आये उसमे से image files को सेलेक्ट करें।
अब save as EXE/SCR पर क्लिक करें।
अब जो dialogue box आएगा उसमे Create SCR File चुने और जहाँ पर आप अपनी file सुरक्षित करना चाहते हैं उस जगह का नाम दें।
अब Create पर क्लिक करें।

स्क्रीन सेवर कैसे चलायें?
अपनी फ़ाइल को C:\Windows\System32 फोल्डर पर कापी कर दें।
अब desktop पर right click करके properties को चुनें और स्क्रीन सेवर टैब पर क्लिक करके स्क्रीन सेवर चुन लें।

कम्पोज़र है बेस्ट

अगर आप अपने ब्लॉगर में कोई HTML कोड डालना चाहते हैं तो Microsoft Frontpage आपको परेशानी में डाल सकता है । मैंने कल ही अपने अंग्रेजी वाले ब्लोग के लिए frontpage से टेबल बनाकर html code को पेस्ट कर दिया। अरे ये क्या पोस्ट तो १-२ कि मी नीचे नजर आ रही है। बहुत प्रयास किया पर कोई समाधान नही निकला। आज मैंने ओपन सोर्स कम्पोज़र को उठाया और उसमे टेबल डिज़ाइन किया । अब नोट पैड से कोड को कापी पेस्ट कर दिया। तब जाकर काम बना। वैसे जब frontpage कोड बनाता है तो वह अलग अलग लाइनों में होता है । और कम्पोज़र का कोड लगातार लिखा होता है। आप भी प्रयोग करके देखिए। पर एक समस्या तो हल हो गई। एक दूसरी रास्ता रोके खडी है, और वो ये कि internet explorer तो site को सही दिखाता है पर firefox में गड़बड़ हो जाती है। अगर आपके पास इस समस्या का कोई हल है तो अपनी कमेंट में ज़रूर बतायें।

बुधवार, 25 अप्रैल 2007

आपका अपना फ्री क्रियेटिव सुइट

वैसे तो अडोब ने क्रियेटिव सुइट ३ बाज़ार में ला दिया है । पर ये आम आदमी के लिए बहुत महंगा है। अब या तो पायरेसी की दुकान में मुह मारिये या फिर अगर आप पायेरेटेड साफ़्टवेयर नही पसंद करते हैं तो इन फ्री सॉफ्टवेयर को आजमा कर देख सकते हैं। आज ही मैंने अपने अंग्रेजी वाले ब्लोग में पूरी जानकारी के साथ(जितनी मुझी पता थी) सभी साफ्टवेयर के बारे में लिखा है। मेरी अंग्रेजी उतनी तो अच्छी नही है पर फिर भी प्रयास किया है ।
पिछले दो दिनों से रात भर इसी को लिख रहा था। (मेरा मतलब २ रातों से लिख रहा था दिन में तो मैं सोता हूँ)
Photoshop की जगह आप GIMP को प्रयोग में ला सकते हैं। यह भी बहुत सारे फिल्टरों को रखे हुए है। फ्री के लिहाज़ से GIMP में जो कुछ भी मिल रहा है वह बहुत है।

Vector Graphics के लिए एक काफी अच्छा फ्रीवेयर उपलब्ध है, Inkscape। जब आप इसे खोलेंगे तो आपको यह Corel DRAW की तरह दिखेगा।

प्रिंट पब्लिशिंग के लिए अडोब ने इनडिज़ाइन लॉन्च किया है। पर अगर आप फ्री में काम चलाना चाहते हैं तो Scribus बेस्ट है। दिखने में तो ये InDesign जैसा ही है। इसमे काम करना भी आसान है पर कुछ जगहों पर जैसे images को बड़ा छोटा करने में आपको कुछ परेशानी हो सकती है।
इससे आप सीधे ही पी डी एफ बाना सकते हैं।

अब जब पी डी एफ की बात हो ही रही है तो Primo PDF एक फ्री पी डी एफ मेकर है और Foxit एक फ्री पीडीएफ़ रीडर है। यह अडोब एक्रोबैट से हल्का है और तेज भी।

अब बारी आती है Web Designing की तो Kompozer आपका काफी कुछ काम कर सकता है।

Audio Editing के लिए आप Audacity को प्रयोग में ला सकते हैं। वैसे ये Podcasting के लिए काफी लोकप्रिय है ।

Video Editing के लिए Jahshaka(जह्शाका) काफी अच्छा प्रोग्राम है।

2D animation के लिए आप सिनफिग स्टूडियो को प्रयोग कर सकते हैं।

इन सबके बारे में और भी अच्छी तरह से जानने के लिए विजिट करें http://ankurblogs.blogspot.com/
यहाँ पर आपको इन साफ्टवेयरों को download करने के लिए Download Links भी मिलेंगे।

शनिवार, 21 अप्रैल 2007

आप ऐसा नही कर पाएंगे।

अगर आप विन्डोज़ के उपयोगकर्ता हैं तो aux, con, nul, PRN, COM1, और COM2 नाप के फोल्डर बनाने का प्रयास करें । आप ऐसा नही कर पाएंगे।

बुधवार, 18 अप्रैल 2007

ब्रिटेन तो हमसे भी 'इस' मामले में दो कदम आगे निकल गया



कल दैनिक भास्कर में एक न्यूज़ आयी थी ब्रिटेन टीनेज प्रेग्नेंसी में सबसे आगे है। । उसके नीचे रमण सिंह jii का बाल विवाह रोकने का एक एड भी आया था । दोनो को एक ही जगह पर देखने के बाद मेरे मन में विचार आया कि ब्रिटेन तो हमसे भी दो कदम आगे निकल गया । यहाँ तो "बाल विवाह" बस है। वहाँ तो "बाल बच्चे" भी है।

शनिवार, 14 अप्रैल 2007

आतंकवाद या कलयुगी राक्षसवाद

आतंकवाद से हम सभी परिचित तो हैं ही, मैंने इस पर एक रिसर्च कि और ये पाया कि इस आतंकवाद को कोई वार्ता समाप्त नही कर सकती है क्योंकी आतंकवादियों के दिमाग में ज़हर भरा होता है। ज़हर से मेरा मतलब कि ये लोग दरअसल में राक्षस हैं , प्राचीन में जब जब राक्षसों का आक्रमण बढ़ता था तो भगवान पृथ्वी पर जन्म लेते थे और वो एक बार उन्हें चेतावनी देते थें और फिर उनका सर्वनाश कर देते थे। अतः हम इन्हें कलयुगी राक्षस भी कह सकते है। प्राचीन काल के राक्षसों पर सामान्य सम्झायिसों का असर नही होता था ठीक उअसी तरह आज के समाया में आतंकवादियों पर वार्ता का असर नही होता है क्यूंकि लातों के भूत बातों से नही मानते। इस समय कुछ शांति छाई हुई है मुझे तो डर लग रह है कि कही कोई साजिश ना रची जा रही हो । ये बात बिल्कुल सही है कि हमारी भारतीय संस्कृति में सत्य अहिंसा कि बात कही गई है पर इनमे उन प्रसंगो का भी उल्लेख मिलता है जब भगवान ने पृथ्वी पर अवतार लेकर राक्षसों का विनाश किया । अतः अब ये बात हमारी सरकार को समझ लेनी चाहिऐ कि आतंकवाद अथवा राक्षसवाद की दवा की खोज अभी तक तो नही हुई है अतः इसका केवल एक ही इलाज है और वह है ऑपरेशन ।

बुधवार, 11 अप्रैल 2007

१२ साल तक स्कूल में क्या सीखा ?

अभी कुछ दिनो पहले मेरी परीक्षाओं के प्रवेश पत्र मिल रहे थे। उसी समय हमारी प्रिन्सिपल नें हम सबका उत्साह बढ़ाने के लिये हम सबको पेन गिफ्ट किये । मुझे ये बात बहुत अच्छी लगी। पर पता है, एक लड़्के ने पेन को उलट पलट कर देखा और कहा कि अरे ये तो केवल १० रुपये का ही है। मेरे विचार में ये आया कि १२ साल से नैतिक शिक्षा में यही बताया जाता है कि उपहार को कीमत से नही तौला जाता और आज जब कि स्कूल में तुम्हारा आखिरी दिन है और तुम ऐसी बात कह रहे हो तो इसका मतलब कि तुमने १२ साल में कुछ नही सीखा।

तो दोस्तों ऐसी है हमारी शिक्षा पद्धति। हम परीक्षा में प्रश्नोत्तर तो कर लेते हैं पर जब असली जीवन में उनको उतारने कि बात आती है तो पीछे हट जाते हैं।