रविवार, 30 सितंबर 2007

हमारे लाला जी .... हँसना मत

हमारे घर के पास एक लाला जी रहते हैं। ज्यादा तो वो फिल्मे देखते नही हैं पर एक दिन चले गए "नि: शब्द "
घर आये तो मैंने पूछा क्यों लाला जी अमित जी का कम कैसा लगा?
लाला जी : कौन अमित जी?
मैं: अरे आप अमित जी को नही जानते। इतने बडे स्टार हैं। आभी आप उन्ही की ही तो फिल्म देखकर आ रहे हैं। अमित जी यानी कि अमिताभ बच्चन ।
लाला जी: अरे तो ऐसे बोल ना। तू तो ऐसे बोल रहा है जैसे कि अमिताभ बच्चन तेरी बुआ का लड़का हो।
मैं: खैर बताइए कैसा लगा उनका काम?
लाला जी: अरे भाई , उनका काम बहुत बढ़िया है। अपने बच्चों की शादी कर दीं है अब दूसरों की बच्चियों के पीछे पडे हुए हैं।


वहीं पास मे शमशेर सिंह जी भी रहते हैं, पुलिस वाले हैं बहुत कड़क।
एक दिन उनकी मुलाक़ात रिचर्ड गेर से हो गई।
शमशेर सिंह : क्यों ये बता कि तुने शिल्पा की चुम्मी क्यों ली?
रिचर्ड : what you are saying? I can't understand.
शमशेर सिंह: हमारी भाषा नही आती, हमारी चुम्मी लेनी आती है।
रिचर्ड: वो हमारा नमस्ते करने का तरीका है।
शमशेर सिंह: अच्छा ये बता कि ये दोनो छोटे छोटे कौन हैं?
रिचर्ड: ये मेरे बच्चे हैं।
शमशेर सिंह: और ये जो लेडी खड़ी है ...
रिचर्ड: वो मेरी वाइफ है।
शमशेर: अरे जरा हमारी भी तो उनसे नमस्ते करवाइये.


क्या आपने जिद्दी मुर्गे की कहानी सुनी है?
नही।
तो मैं सुनाता हूँ
एक मुर्गा बुत जिद्दी था। उसका मलिक उसे पिंजरे मे डालता था पर वो इतना जिद्दी था कि वो पीछे से निकल आता।
उसे फिर से पिंजरे मे बंद किया पर वो इतना जिद्दी था कि फिर से पीछे से निकल आया।
अब की बार मालिक को ग़ुस्सा आ गया वो मुर्गे को काट के खा गया पर मुर्गा इतना जिद्दी था कि फिर से "पीछे" से निकल आया



स्रोत: द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेन्ज

3 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत नटखट हो तुम, अंकुर.. हा हा!!! यह लाला जी कौन हैं, कहीं मैं ही तो नहीं??

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  2. समीर जी. कमेंट के लिये धन्यवाद. वैसे ये लाला जी आप नही है.

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