शुक्रवार, 11 मई 2007

और मैं हँस हँस के लोट पोट हो गया

भई अभी कुछ दिनों पहले की बात है। मैं टेलीविजन देख रहा था। कोई न्यूज़ सुनकर बहुत कम बार ही हंसी आती है , किस्मत की बात है उसदिन न्यूज़ सुनकर मजा आ गया। अरे भाई कोई कॉमेडी न्यूज़ नही थी। वैसे देखा जाये तो वह न्यूज़ चैनल पर न्यूज़ नही थी। तो सब दिल थाम के बैठो क्यूंकि मैं अब आपको वह न्यूज़ सुनाने जा रहा हूँ।
ये न्यूज़ थी एश्वर्या राय के बारे में क्यूंकि उन्होने हालीवुड की फिल्म द लास्ट लीजन में अंग प्रदर्शन किया।
न्यूज़ में कहा गया कि एश्वर्या राय ने अपने कैरियर के शुरूआती दौर में अंग प्रदर्शन नही किया तो अब क्यों। अब जनाब ध्यान दीजियेगा। एश्वर्या जीं की जितनी फिल्मो में किस्सिंग सीन थे सब को बडे आराम से दिखाया। धूम २ के किस्सिंग सीन को दिखाकर उसके बारे में ये कहा गया कि ये सीन अनावश्यक था। और विवेक ओबेराय के साथ वाले किस्सिंग सीन को दिखाकर कहा कि ये सीन कैमरे की करामात थी। (अरे भई, छाये वो कैमरे की करामात हो या असली, किस्सिंग सीन के शौकीनों को तो मजा मिल ही गया। किसी होलीवुड की फिल्म की तरह लगातार किस्सिंग सीन देखने को जो मिल रहे हैं। वैसे भी बालीवुड की फिल्म में एक या दो होते हैं और यहाँ तो एक साथ साबका मसाला मिल रहा है. चैनल वाले भी क्या करें आकिर TRP का मामला है यही सोच सोच कर मेरा हंसी के मारे बुरा हाल था )
और अब मिलते हैं ब्रेक के बाद ....


ब्रेक के बाद की बात मैं आपको नही बता सकता हूँ क्यूंकि जब एंकर ने कहा कि अब वह एश्वर्या राय की जीवन गाथा (आई मीन पैदाइश से लेकर शादी तक ) सुनाने जा रही है तो मैंने चैनल बदल दिया।




2 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छा है. उनका साधुवाद करो. हँसना हँसाना कोई साधारण घटना नहीं. स्वास्थय के लाभकारी. बधाई आप हँसे.

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  2. चलो हँसे तो सही, वरना समाचार देख कर रोना आता है.

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