बुधवार, 11 अप्रैल 2007

१२ साल तक स्कूल में क्या सीखा ?

अभी कुछ दिनो पहले मेरी परीक्षाओं के प्रवेश पत्र मिल रहे थे। उसी समय हमारी प्रिन्सिपल नें हम सबका उत्साह बढ़ाने के लिये हम सबको पेन गिफ्ट किये । मुझे ये बात बहुत अच्छी लगी। पर पता है, एक लड़्के ने पेन को उलट पलट कर देखा और कहा कि अरे ये तो केवल १० रुपये का ही है। मेरे विचार में ये आया कि १२ साल से नैतिक शिक्षा में यही बताया जाता है कि उपहार को कीमत से नही तौला जाता और आज जब कि स्कूल में तुम्हारा आखिरी दिन है और तुम ऐसी बात कह रहे हो तो इसका मतलब कि तुमने १२ साल में कुछ नही सीखा।

तो दोस्तों ऐसी है हमारी शिक्षा पद्धति। हम परीक्षा में प्रश्नोत्तर तो कर लेते हैं पर जब असली जीवन में उनको उतारने कि बात आती है तो पीछे हट जाते हैं।

3 टिप्‍पणियां:

  1. बिल्कुल सही बात जओ आपकी उपहार और पुरुस्कारों का मूल्य मायने नहीं रखता बल्कि उनका महत्व मायने रखता है। मुझे याद है मुझे भी जिंदगी में पहला पुरुस्कार स्कूल में दो रुपए का स्टिक ईजी पेन मिला था। उस समय दो रुपए इतने कम भी न होते थे। :)

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  2. bhai linex ka kaun sa verson sahi hai kaise indtall kare cd kanha se milegi windows linex sath kaise chale batane ka kast kare

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