शनिवार, 29 दिसंबर 2007

उबंटू लाइनेक्स में बराहा स्थापित करें.

उबंटू लाइनेक्स में लैंगवेज सपोर्ट इंस्टाल् करने के बाद भी हिंदी टायपिंग में दिक्कत आती है क्योकि इसमें दो तरह से टाइप करने की सुविधा होती है इनस्क्रिप्ट और फ़ोनेटिक. फ़ोनेटिक में कुछ काम तो चल जाता है पर इसमे भी दिक्कत आती है. क्योंकि अगर 'अ' टाइप करना हो तो एफ़ दबाना पडता है. विंडोज् में मैं बराहा का प्रयोग करता हूं. कई दिनो से इंटरनेट में लाइनेक्स के लिये बराहा खोज रहा था. एक दिन मिल ही गया. इसे इंस्टाल करना बेहद आसान है।







सबसे पहले बरहा मैप्स को यहां से डाउनलोड करें: http://oriya।sarovar.org/download/baraha-maps.zip

इस ज़िप फ़ाइल मे आपको बहुत सी मिम फ़ाइले मिलेगी. इसमे से हिन्दी वाली (hi-baraha.mim)को एक्सट्रैक्ट कर लें और /usr/share/m17n पर कापी कर दें.

ध्यान रखें कि आपके कम्प्यूटर में SCIM तथा scim-m17n पैकेज इंस्टाल होने चाहिये. इसके बाद ही hi-baraha.mim को कापी करें.

ऐसा हो सकता है कि ये फ़ाइल /usr/share/m17n पर कापी ना हो . अगर् ऐसा होता है तो रूट यूजर के रूप में लाग इन करें और m17n फ़ोल्डर की परमीशन बदल दें.

गुरुवार, 27 दिसंबर 2007

विनपेनपैक:हर तरह के फ़्री साफ़्टवेयरों का संग्रह

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पहले मैने अपने ब्लाग में पोर्टेबल एप्स का जिक्र किया था. उसमे मैने बताया था कि पोर्टेबल एप्स को बिना इंस्टाल किये चलाया जा सकता है. और ये फ़्री और ओपेन सोर्स हैं. पोर्टेबल एप्स सुईट की तरह ही मुझे एक और फ़्री पोर्टेबल साफ़्ट्वेयर सुइट मिला. इसका नाम है विन पेन पैक (WinPenPack). अगर हम पोर्टेबल एप्स की तुलना इससे करें तो पायेंगे कि इसका मीनू पोर्टेबल एप्स की तुलना में कम सुंदर है. वही अगर साफ़्टवेयरों की संख्या देखें तो विनपेन पैक बाजी मार लेता है. अब अगर साफ़्टवेयर ज्यादा होंगे तो पेन ड्राइव का साइज भी ज्यादा लगेगा. विनपेन एप्स को इंस्टाल करने के लिये आपकी पेन ड्राइव कम से कम १ जी बी की तो होनी ही चाहिये.

 

 

 

साफ़्टवेयर इतनी ज्यादा संख्या में हैं कि सबके नाम तो नही बता सकता पर कुछ प्रमुख साफ़्टवेयरों के नाम बता देता हूं.

GIMP
Firefox
Orbit Downloader(Download Manager)
Thunderbird
FileZila(FTP Client)
NVU(HTML editor)
Pidgin(Instent Messanger)
Infra Recorder (CD Writing)
uTorrent (P2P file sharing)
Audacity
VLC Media Player
Media Player Classic
CCleaner
HijackThis
CalmWin AntiVirus
Regseeker(Registry Repair)
7Zip(File Compression)
Scribus(Desktop Publishing)
Open Office
AbiWord

Notepad++

मैने जितने साफ़्टवेयर इस लिस्ट में बताये हैं उससे कम से कम १० गुना साफ़्टवेयर  तो होंगे ही.

एक तरह से देखा जाये तो एक बार इसे लेने के बाद हर तरह के साफ़्टवेयर मिल जाते हैं. मुझे विनपेन पैक डिजिट मैग्जीन के दिसंबर माह के संस्करण मे मिला. आप चाहें तो पत्रिका खरीदकर इसे पा सकते हैं पर अगर आपके पास तेज इंटरनेट कनेक्शन है तो आप इसे यहां से डाउनलोड भी कर सकते हैं:

http://www.winpenpack.com

नव वर्ष की शुभकामनायें.

बुधवार, 26 दिसंबर 2007

सीडी रोम ड्राइव के कान्टेक्स्ट मीनू में इंसर्ट आप्शन जोड़ें

विंडोज में सीडी रोम को खोलने के लिये सीडी/डीवीडी रोम के कांटेक्स्ट मीनू में इजेक्ट आप्शन होता है. आइये देखें कि उसमें इंसर्ट आप्शन कैसे जोड़ें. ये आप्शन सीडी रोम को अंदर डाल देगा.

सबसे पहले cdeject.zip फ़ाइल को tinyurl.com/38xklh से डाउनलोड करें. इसमे एक dll फ़ाइल होगी. इस फ़ाइल को c:\windows\system32 पर कापी कर दें.

अब नोटपैड खोलें और उसमे ये कापी पेस्ट कर दें:

 

Windows Registry Editor Version 5.00

[HKEY_CLASSES_ROOT\CLSID\{02A07E80-EFA2-11D4-8306-A7EBD4C50C7C}]
@="CDEject Context Menu Shell Extension"

[HKEY_CLASSES_ROOT\CLSID\{02A07E80-EFA2-11D4-8306-A7EBD4C50C7C}\InprocServer32]
@="C:\\WINDOWS\\system32\\cdeject.dll"
"ThreadingModel"="Apartment"

[HKEY_CLASSES_ROOT\Drive\shellex\ContextMenuHandlers\{02a07e80-efa2-11d4-8306-a7ebd4c50c7c}]
@="{02a07e80-efa2-11d4-8306-a7ebd4c50c7c}"

 

इस फ़ाइल को किसी भी नाम से सेव कर दें. पर ध्यान रखें कि फ़ाइल का एक्स्टॆंशन .reg ही हो.

अब इस फ़ाइल में डबल क्लिक करके इसे रन करायें. इससे ये आपसे एक परमीशन मांगेगा. ओके में क्लिक करें.

और हो गया.

 

अब आपको अपने सी डी रोम के कांटेक्स्ट मीनू में इंसर्ट आप्शन मिलेगा.

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यह जानकारी अंग्रेजी में यहां उपलब्ध है: http://www.thinkdigit.com/forum/showthread.php?t=35982

गुरुवार, 20 दिसंबर 2007

कुत्ता कमीना डाट नेट

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साइट के लिये हमेशा यूनिक नाम सोचना चाहिये पर ये तो यूनिक की हद हो गई. साइट का नाम है कुत्ता कमीना डाट नेट.

इंटरनेट में घूमते घूमते ये साइट मिली. सोचा आप सभी का मनोरंजन कर दूं,

क्यों मजा आया ना.

सोमवार, 10 दिसंबर 2007

लाइनेक्स का स्टार्ट मीनू : मिंट मीनू

एक दिन मैंने लाइनेक्स मिंट ट्राई किया। उसमे मुझे सबसे अच्छा लगा उसका मिंट मीनू। इसे हम लाइनेक्स का "स्टार्ट मीनू" कहें तो ज्यादा अच्छा होगा। फिर मैंने सोचा कि अगर ये उबंटू में भी इंस्टाल हो जाये तो कितना अच्छा हो। इंटरनेट पर खोज बीन की तो मुझे इसका डेबियन पैकेज मिल गया। ये रहा उसका लिंक: http://www.linuxmint.com/repository/daryna/mintmenu_2.8_i386.deb

डेबियन पैकेज होने से इंस्टाल करने में मुझे कोई दिक्कत नही आई। बस क्लिक किया और हो गया।

मिंट मीनू के फीचर्स :
ये कुछ कुछ विस्टा के स्टार्ट मीनू जैसा है। जैसे कि आपको अपने प्रोग्राम्स तक पहुँचने के लिए सब मीनू नही खोलने पड़ते हैं। आप अपने पसंदीदा प्रोग्राम्स को फेवरेट में रख सकते हैं। अगर ज्यादा प्रोग्राम्स हैं तो आप उनका केवल नाम लिखकर सर्च भी कर सकते हैं। और हाँ आप इसका नाम भी बदल सकते हैं।

इंस्टालेशन करना और लगाना
जैसा कि मैंने आपको पहले बताया कि ये एक डेबियन पैकेज है तो आपको इसे इंस्टाल करने के लिए केवल क्लिक करना होगा। एक बार जब ये इंस्टाल हो जाये हो अपने किसी पैनल में राइट क्लिक करके एड टू पैनल चुने। मिंट मीनू आपको यूटिलिटी ग्रुप के अंतर्गत मिलेगा, उसे क्लिक करके चुने।
और हो गया।

मिंट मीनू का नाम बदलना
ये बहुत ही आसान है। बस मीनू के बटन पर राइट क्लिक कीजिए और प्रिफरेंस चुनिए। अब एप्लेट टेक्स्ट की वैल्यू को अपने मनपसंद शब्द से भर दीजिए। मैंने अपने कम्प्यूटर में इसे "स्टार्ट " रखा है।










तो फिर देर किस बात की आप भी इंस्टाल कीजिए। और अपने काम को तेज़ी से होते हुए देखिए।

शुक्रवार, 30 नवंबर 2007

विंडोज़ एक्सपी सर्विस पैक ३

क्या आपके पास विंडोज़ एक्स पी का सर्विस पैक ३ है? आप सोच रहे होंगे कि मैं winxpsp3setup ये क्या बात कर रहा हूं.

जी हां विंडोज़ एक्स पी का सर्विस पैक ३ अगले साल आने वाला है पर इसका रिलीज कैंडिडेट माइक्रोसाफ़्ट अपडेट की साइट पर बीटा टेस्टर्स के लिये उपलब्ध है. वैसे तो ये केवल बीटा टेस्टर्स के लिये है मगर आप इसे एक छोटे से हैक के द्वारा इन्स्टाल कर सकते हैं. इस फ़ाइल को आप यहां से डाउनलोड कर सकते हैं. इस फ़ाइल को रन करायें और आपकी रजिस्ट्री मे बदलाव आयेगा.  अब माइक्रोसाफ़्ट अपडेट की साइट में जायें तो आपको विंडोज़ एक्स पी का सर्विस पैक ३ मिल जायेगा. आकार में ये लगभग ७ एम बी का है. असल में होता ये है उपरोक्त फ़ाइल को चलाने के बाद माइक्रोसाफ़्ट की साइट को लगता है कि ये बीटा टेस्टर का कम्प्यूटर है. वैसे ये अभी फ़ाइनल रिलीज नही है अतः मैं यही सलाह दूंगा कि आप अगर अपने कम्प्यूटर में नये नये प्रयोग करना पसंद करते हैं तो ही इसे इन्स्टाल करें. मैने इसे इन्सटाल किया कोई भी समस्या नही आई. कम्प्यूटर बढ़िया चल winxpरहा है.

आपको एक और बात बताता हूं पीसी वर्ल्ड में प्रकाशित एक लेख के अनुसार सर्विस पैक ३ आपके सर्विस पैक २ वाले कम्प्यूटर की परफ़ार्मेंस १०% बढ़ा देता है.

अभी १-२ दिन पहले मैने दैनिक भास्कर में पढ़ा कि बिल गेट्स लाइनेक्स को नाकाम करने में विफ़ल रहे. मैने ये भी देखा कि ज्यादातर लोग विस्टा को उसकी ज्यादा कम्प्यूटर कांफ़िगरेशन की जरूरत के चलते उपयोग नही कर रहे हैं. मैं भी इसी वजह से उसे उपयोग नही कर रहा जबकि मेरा कम्प्यूटर विस्टा को चला सकता है. भई ३डी मैक्स एक्स पी में १ जीबी रैम में ठीक चलता है पर विस्टा में थोड़े ही चलेगा. मुझे लगता है कि माइक्रोसाफ़्ट को एक विंडोज का ऐसा संस्करण भी रिलीज़ करना चाहिये जो कम कांफ़िगरेशन में भी बढि़या चले. वायरस का जहां तक सवाल है तो मेरा अनुभव ये कहता है कि ज्यादातर वायरस लापरवाही के कारण आते हैं. उदाहरण के लिये एक बार मैने एक वीडियो को देखने के लिये उसमे क्लिक किया तो एक मैसेज आया कि एक एक्टिव एक्स कंट्रोल की जरूरत है. अगर मैं उसमे क्लिक करता तो वायरस हमला कर देता.

विंडोज़ विस्टा में जो डेस्कटाप सर्च, मीडिया प्लेयर ११, इंटरनेट एक्सप्लोरर ७ और विंडोज़ फ़ोटो गैलरी जोड़े गये हैं वो भी काबिले तारीफ़ हैं. हालांकि ये सभी आप विन्डोज़ एक्स पी में भी इन्हे इंस्टाल किया जा सकता है. इसमे कुछ और भी चीज़ें जोड़ी जानी चाहिये जैसे:

माइक्रोसाफ़्ट आफ़िस का एक लिमिटेड संस्करण अथवा कोई ऐसा ही साफ़्टवेयर जो बेसिक वर्ड प्रोसेसिंग, स्प्रेड शीट और प्रेजेंटेशन का काम कर सके.

आज इंटरनेट पर कई फ़्री एंटी वायरस उपलब्ध हैं तो कोई एक फ़्री एंटी वायरस. वैसे तो माइक्रोसाफ़्ट ने भी विंडोज लाइव वन केयर के नाम से अपना आल इन वन सिक्योरिटी सुइट बाजार में निकाला है पर ये केवल ट्रायल में उपलब्ध है. इसे विंडोज विस्टा के साथ बंडल किया जाये तो और भी अच्छा रहेगा.

विंडोज लाइव सर्विसेज़ मे जो साफ़्टवेयर बंडल हैं उन्हे भी विस्टा के साथ जोड़ा जाना चाहिये जैसे कि विंडोज लाइव राइटर.

मुझे लगता है कि इन सुधारों से विंडोज की बिक्री में इजाफ़ा होगा.

मंगलवार, 27 नवंबर 2007

आक्सीजन आफ़िस या ओपेन आफ़िस प्रीमियम

image"आक्सीजन आफ़िस" इसके नाम पे मत जाइयेगा. इसे एक तरह से ओपेन आफ़िस का ज्यादा बेहतर संस्करण कह सकते हैं क्योंकि जब आप इसे उपयोग करेंगे तो आप इसका नाम ओपेन आफ़िस ही पायेंगे. आक्सीजन आफ़िस में आपको मिलेंगे ३४०० नये फोटॊज़ और क्लिप आर्ट  जिन्हे आप सीधे ड्रैग ड्राप करके गैलरी से अपने डाक्यूमेंट मे डाल सकते हैं. इसमे खूब सारी नई टेम्प्लेट्स भी डाली गई हैं जिनका उपयोग आप अपने काम को तेजी से करने में मदत करती हैं.







imageएक और बढ़िया फ़ीचर है विकिपीडिया सर्च, यानि कि आप डाक्यूमेंट में से किसी शब्द को चुनकर सीधे ही केवल एक क्लिक से उसके बारे में विकीपीडिया मे खोज कर सकते हैं और इसके लिये आपको ब्राउजर खोलना और यू आर एल टाइप नही करना पड़ेगा. वर्ड परफ़ेक्ट डाक्यूमेंट्स को स्मूथली इम्पोर्ट कर लेना और एक्सेल स्प्रैडशीट में विजुअल बेसिक को सपोर्ट भी इसकी खूबी है.  मैं तो यही कह सकता हूं कि आक्सीजन आफ़िस प्रो असल में ओपेन आफ़िस प्रीमियम है. तो फ़िर देर किस बात की अभी डाउनलोड करें.

डाउनलोड लिंक >>> http://www.download.com/3000-2070_4-10772250.html

सोमवार, 19 नवंबर 2007

लडे़ एडवायर/स्पाईवेयर से

आइये सबसे पहले जानते हैं कि एडवायर स्पाईवेयर क्या होते हैं.

एडवायर को हम इस तरह से परिभाषित कर सकते हैं: एडवायर ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो आपकी जानकारी के बिना आपके कम्प्यूटर में इंस्टाल होते हैं और एडवर्टाइज़मेंट्स दिखाते हैं. ये आपकी इंटरनेट एक्टिविटीज़ के बारे में सूचनायें इकट्ठा करते हैं और कंपनियों को भेजते हैं. कंपनियां इन सूचनाओं का प्रयोग आपको आपकी रूचि से संबंधित एड दिखाने में करती हैं.

स्पाईवेयर एडवायर से ज्यादा खतरनाक होते हैं. ये आपके कम्प्यूटर से सेंसिटिव इन्फ़ारमेशन(जैसे फोन नं, क्रेडिट कार्ड की जानकारियां) चुरा कर अपने लेखक को भेज देते हैं. स्पाइवेयर और एडवायर अक्सर फ़्रीवेयर/शेयरवेयर साफ़्टवेयरों के साथ बंडल किये हुये आते हैं.

इनसे निपटने का सबसे अच्छा तरीका: एंटीस्पाईवेयर उपयोग करें. हलांकि ज्यादातर एंटीस्पाईवेयर अधिकतर एडवायर/स्पाईवेयर्स को ढूंढने मे सफ़ल नही हो पाते हैं इसलिये इंटरनेट में घूमते समय आंखे खुली रखें.

विंडोज एक्स पी फ़ायरवाल: विंडोज एक्स पी का फ़ायरवाल आपको केवल इनबाउंड ट्रैफ़िक मे सुरक्षा देता है. यानि कि ये बाहर से आने वाले हमले से तो आपको बचा सकता है पर यदि आपके कम्प्यूटर मे ही कोई स्पाईवेयर है तो वो उससे आपको सुरक्षा नही देता है. अतः सलाह यही है कि आप एक फ़ायरवाल खरीद लें अथवा कोई फ़्रीवेयर (जैसे कोमोडो फ़ायरवाल) इस्तेमाल करें.

sdsdsकहा जाता है कि इंटरनेट एक्सप्लोरर में एक स्विस चीज़ से भी ज्यादा होल हैं. अतः हमेशा विंडोज़ अपडेट से अपने कम्प्यूटर को अपडेट रखें. विंडॊज अपडेट को आप आटोमैटिक भी रख सकते हैं. ये आटोमैटिक है या नही ये जानने के लिये स्टार्ट > कंट्रोल पैनल > आटोमैटिक अपडेट मे जायें.

बहुत से लोग फ़ायर फ़ाक्स का प्रयोग करते हैं. ये ब्राउज़र एक्टिव एक्स प्लग इन्स को सपोर्ट नही करता है अतः ये एक्टिव एक्स के हमले से बच जाता है. वहीं इंटरनेट एक्स्प्लोरर यहीं पर हमले का शिकार हो जाता है.

चैट रूम में भी सावधानी रखने की जरूरत है. चैट रूम वो जगह होती है जहां पर आनलाइन थ्रीट फ़ैलते हैं. अतः किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक ना करें.

मैकेफ़ी का साइट एडवाइजर आपको सर्च रिजल्ट्स में भी गड़बड़ साइटों के बारे में बता देता है. ये देखिये स्क्रीन शाट.

mcafee-site-advisor

स्क्रीन शाट स्रोत : सीनेट नेटवर्क

accoutकई यूज़र एकाउंट्स बनायें: विंडोज एक्स पी बाइ डिफ़ाल्ट एक एडमिनिस्ट्रेटर एकाउंट बनाकर देता है. एडमिनिस्ट्रेटर एकाउंट यानि कि वो एकाउंट जिसके द्वारा साफ़्टवेयर हटा सकते हैं/जोड़ सकते हैं. और बहुत से विशेष कार्यों को कर सकते हैं. पर अगर यही एकाउंट घर के सभी लोगों के द्वारा खोला जा सकेगा तो खतरा बढ़ जाता है. मसलन एक एडमिनिस्ट्रेटिव एकाउंट होमवर्क करने के लिये खतरनाक हो सकता है. अतः कुछ "लिमिटेड" एकाउंट्स बनायें. लिमिटेड एकाउंट्स वो होते हैं जिनमे से हम विशेष कार्यों को नही कर सकते हैं जैसे साफ़्टवेयर हटाना और जोड़ना. पर ये आपके रोजमर्रा के कामो को करने की सुविधा देते हैं जैसे इंटरनेट सर्फ़ करना, वर्ड प्रोसेसिंग करना.

नये एकाउंट्स जोड़ने के लिये स्टार्ट > कंट्रोल पैनल > यूजर एकाउंट्स में जायें.

क्रियेट एन अकाउंट मे क्लिक करें

उसका नाम दें और एकाउंट टाइप लिमिटेड कर दें.

एडमिनिस्ट्रेटर एकाउंट को पासवर्ड प्रोटेक्टेड रखना ना भूलें

मजबूत पासवर्ड बनायें: हैकर आपके पासवर्ड को चुरा ना पायें इसलिये अपने पासवर्ड को मजबूत बनायें. इसके लिये अपने पासवर्ड मे अल्फाबेटिकल कैरेक्टर्स के अलावा नम्बर्स और सिंबोल्स भी रखें.

सिस्टम रिस्टोर से हटायें एडवायर स्पाइवेयर: अपने कम्यूटर को स्कैन करने से पहले सिस्टम रिस्टोर को डिसेबल करने की सलाह दी जाती है. क्यों?

ghgक्योंकि सिस्टम रिस्टोर में आपके कम्प्यूटर की फ़ाइलें स्टोर रहती हैं और अगर स्पाईवेयर हुआ तो वो भी स्टोर रहता है. आप भले ही अपने कम्यूटर को स्कैन करके उस्से स्पाईवेयर हटा दें पर अगर सिस्टम रिस्टोर डिसेबल नही है तो स्पाईवेयर वहां सुरक्षित रहेगा और आपके कम्प्यूटर को नुकसान पहुंचा सकता है. सिस्टम रिस्टोर को डिसेबल करने के लिये माई कम्प्यूटर मे राइट क्लिक करें और प्रापर्टीज चुनें. अब सिस्टम रिस्टोर की टैब मे जायें. इसमे टर्न आफ़ सिस्टम रिस्टोर आन आल ड्राइव्स मे क्लिक करें. इसमे कुछ समय लग सकता है. इससे सारे सिस्टम रिस्टोर प्वाइंट खत्म हो जायेंगे. अब अपने कम्प्यूटर को स्कैन करें.

आप स्कैन करने के बाद यहीं से पुन: अपने सिस्टम रिस्टोर को स्टार्ट कर सकते हैं. पर जो सिस्टम रिस्टोर प्वांट्स हट चुके हैं उन्हे आप दोबारा नही पा सकते हैं।




फ़्री सिक्योरिटी साफ़्टवेयर

विंडोज़ डिफ़ेंडर

लावासाफ़्ट एडएवायर

स्पाईबाट सर्च एंड डिस्ट्राय

स्पाईवेयर ब्लास्टर

मैकेफ़ी साइट एडवाइजर

एवीजी फ़्री एंटी वायरस और एंटी स्पाईवेयर

कोमोडो फ़ायरवाल

बुधवार, 14 नवंबर 2007

विंडोज़ लाइव - गूगल पैक को टक्कर

लगता है माइक्रोसाफ़्ट ने गूगल के विरूद्ध अभियान छेड़ रखा है. विंडोज लाइव सर्विसेस इसी का उदाहरण है. इतनी सारी सर्विसेज बाप रे बाप इनकी लिस्ट यहां पर है. फ़िलहाल मैं आज आपको विंडोज लाइव इंस्टालर के बारे मे बताने जा रहा हूं जो कि गूगल पैक को टक्कर देने के लिये बनाया गया है. अब ये बीटा से बाहर है और फ़्री डाउनलोड के लिये उपलब्ध है. गूगल पैक में गूगल के साथ साथ विभिन्न कंपनियो के साफ़्टवेयर मिलते हैं जबकि विंडोज लाइव के साथ माइक्रोसाफ़्ट के द्वारा बनाये गये साफ़्टवेयर ही मिलते हैं.

विंडोज लाइव मे आपको मिलेंगे:

mail विंडोज़ लाइव मेल: ये एक ईमेल प्रोग्राम है. इसमे खास बात ये है कि आप हाटमेल, जीमेल, याहू के एकाउंट्स एक ही बार मे देख सकते हैं. और आप विंडोज लाइव मैसेंजर से बातचीत सीधे अपने इनबाक्स से ही शुरू कर सकते हैं.

विंडोज़ लाइव मैसेंजर: ये याहू मैसेंजर की ही तरह एक मैसेंजर है. इसके द्वारा आप टेक्स्ट, वाइस और वीडियो मैसेजिंग कर सकते हैं.

photo_galविंडोज़ लाइव फ़ोटो गैलरी: ये मेरा पसंदीदा साफ़्टवेयर है. ये आपको अपने कम्प्यूटर की फ़ोटोग्राफ़्स को मैनेज करने उन्हे टैग देने, देखने, खोजने, उनका संपादन करने और सीधे पब्लिश करने की सुविधा देता है. वालपेपर्स के लिये मैने कम्प्यूटर पर लाखों की संख्या मे फ़ोटोग्राफ़्स रखीं हैं. उनमे से किसी को ढूंढना विंडोज लाइव फ़ोटो गैलरी से कुछ सेकेंडो का काम हो जाता है. वरना इस काम को करने मे कम से कम १५-२० मिनट तो लग ही जायेंगे.

Righter

विंडोज़ लाइव राइटर: ये एक ब्लागिंग टूल है. इसके द्वारा आप आफ़लाइन मे रहते हुये भी ब्लाग लिख सकते हैं और ड्राफ़्ट के रूप में सहेज सकते हैं. आनलाइन आते ही आप उसे पब्लिश कर सकते हैं. आनलाइन टूल धीरे चलते हैं वहीं विंडोज लाइव राइटर एक साफ़्टवेयर होने के कारण तेजी से चलता है. इस पोस्ट को भी मैं विंडोज लाइव राइटर से लिख रहा हूं.

विंडोज़ लाइव टूलबार: ये सामान्य इंटरनेट टूलबार है जैसा कि गूगल टूलबार और याहू टूलबार. अंतर सिर्फ़ इतना है कि इस टूलबार के द्वारा आप माइक्रोसाफ़्ट की सेवाओं का उपयोग कर पायेंगे.

विंडोज़ लाइव वन केयर फ़ैमिली सेफ़्टी: आप उन साइटों को चुन सकते हैं जिन्हे आप चाहते हैं कि आपके बच्चे देखें. और उन्हे भी चुन सकते हैं जिन्हे आप चाहते हैं कि आपके बच्चे ना देखें. आप अपने बच्चों के वेब यूजेस के बारे मे जानकारी कहीं से भी पा सकते हैं.

विंडोज़ लाइव को यहां से डाउनलोड करें

शनिवार, 10 नवंबर 2007

खतरनाक फ़ाइल एक्सटेंशन

ई मेल मे हमे अलग अलग तरह की फ़ाइलें मिलती रहती हैं. अगर भेजने वाला आपका विश्वसनीय नही है तो निम्न लिखित फ़ाइल एक्स्टेंशन वाले अटैचमेंट्स को ना ही खोलें तो बेहतर रहेगा.

एक्स्टेंशनप्रकार

.ade

Microsoft Access project extension

.adpMicrosoft Access project
.asxWindows Media Audio / Video
.basMicrosoft Visual Basic class module
.batBatch file
.chmCompiled HTML Help file
.cmdMicrosoft Windows NT Command script
.comMicrosoft MS-DOS program
.cplControl Panel extension
.crtSecurity certificate
.exeProgram
.hlpHelp file
.htaHTML program
.infSetup Information
.insInternet Naming Service
.ispInternet Communication settings
.jsJScript file
.jseJscript Encoded Script file
.lnkShortcut
.mda

Microsoft Access add-in program

.mdbMicrosoft Access program
.mdeMicrosoft Access MDE database
.mdtMicrosoft Access work group information
.mdwMicrosoft Access workgroup information
.mdzMicrosoft Access wizard program
.mscMicrosoft Common Console document
.msiMicrosoft Windows Installer package
.mspMicrosoft Windows Installer patch
.mstMicrosoft Windows Installer transform
.opsOffice XP settings
.pcdPhoto CD image; Microsoft Visual compiled script
.pifShortcut to MS-DOS program
.prfMicrosoft Outlook profile settings
.regRegistration entries
.scfWindows Explorer command
.scrScreen saver
.sctWindows Script Component
.shbShell Scrap object
.shsShell Scrap object
.urlInternet shortcut
.vbVBScript file
.vbeVBScript Encoded script file
.vbsVBScript file
.wscWindows Script Component
.wsfWindows Script file
.wshWindows Script Host Settings file

सुरक्षित फ़ाइल एक्सटेंशन

एक्स्टेंशनप्रकार
.gifGraphics Interchange Format (CompuServe)
.jpg or .jpegJoint Photographic Expert Group
.tif or .tiffTagged Image File Format (Adobe)
.mpg or .mpegMotion Picture Expert Group
.mp3Motion Picture Expert Group Audio Layer 3
.wavMicrosoft Audio

कभी कभी आपको उल्लू बनाने के लिये वायरस लेखक कुछ डबल एक्स्टेंशन वाले फ़ाइल भेज देते हैं जैसे: image.gif.exe. ऐसी फ़ाइलों को तो ना ही खोलें तो ही अच्छा रहेगा.

शुक्रवार, 9 नवंबर 2007

विन्डोज़ में अदृश्य फोल्डर कैसे बनायें.

विन्डोज़ में अगर आप किसी फोल्डर को हाइड कर देते हैं तो भी उसे फोल्डर आप्शन के डायलाग बॉक्स से हिडेन फोल्डर्स की विसिबिलिटी एनेबल कर के देखा जा सकता हैं।

आज मैं आपको एक ऐसी चीज बताने जा रहा हूँ जिससे आप फोल्डर को ऐसे हाइड कर सकेंगे कि वो किसी हालत में दिखाई नही देगा पा जब आप उस पर क्लिक करेंगे तो वो खुल जाएगा।



तो चलिए शुरू करें:
किसी
जगह पर राइट क्लिक करके नया फोल्डर बनाएं ।

अब उसे रिनेम करें पर हाँ आप उसे " " खाली नही छोड़ सकते हैं। अतः आल्ट + ०१६० दबाएँ। और इंटर प्रेस करें।


तो हो गया बिना नाम का फोल्डर तैयार।

अब करते हैं इसका आइकान गायब।


फोल्डर में राइट क्लिक कीजिए और प्रापर्टीज चुनिये।


अब कस्टमाइज टैब पर जाइये। और चेंज आइकान पर क्लिक कीजिये। अब वो आइकान ढूंढि़ये जिसकी कोई इमेज ना हो। और ओ के पर क्लिक कर दीजिये।
आपका अदृश्य फ़ोल्डर तैयार है।

इसमे आप अपनी उन पर्सनल फ़ाइलों को रख सकते हैं जिन्हे आप किसी को दिखाना नही चाहते हैं।

मंगलवार, 6 नवंबर 2007

कौन सा लाइनेक्स आपके लिए सही है? जानिए


इंटरनेट पर घूमते घूमते एक जोरदार टेस्ट हाथ लगा। ये टेस्ट आपको बताएगा कि निम्न लिखित लाइनेक्स में से आपके लिए कौन सा सबसे सही है। और हाँ , ये टेस्ट ये भी बताएगा कि कौन सा लाइनेक्स आपके लिए सही नही है और क्यों नही।



Fedora Core 7
Mandriva 2008
OpenSuSE 10.3
Debian 4.0
(Simply-)MEPIS 6.0
Ubuntu, Kubuntu 7.10
Linspire 6
Freespire 2
Xandros 4
PCLinuxOS 2007
Gentoo 2007.1
Slackware 12
Arch Linux 2007.08
Foresight Linux 1.4.१

टेस्ट
के लिए यहाँ विजिट करें

शनिवार, 3 नवंबर 2007

उबंटू रिस्ट्रिक्टेड एक्स्ट्रा

उबंटू लाइनेक्स का पूरा मजा लेने के लिए आपको उसमे उबंटू रिस्ट्रिक्टेड एक्स्ट्रा डालने होंगे। ये वो साफ्टवेयर होते हैं जो आवश्यक होते हैं पर कापीराईट तथा अन्य क़ानूनी परेशानियों के कारण उबंटू के साथ दिए नही जा सकते हैं। उदाहरण के लिए यदि आप एम्पी३ फाइलों को प्ले करना चाहते हैं तो आपको ये पैकेज डालना होगा। उबंटू ने एक ही क्लिक में इन्हें इंस्टाल करने की सुविधा प्रदान की है।
उबंटू रिस्ट्रिक्टेड एक्स्ट्रा को डालने के लिए आपको एप्लीकेशन मीनू में "एड रिमूव" विकल्प चुनिए।
अब सर्च बॉक्स में Restricted टाइप कीजिए और इंटर की प्रेस कीजिए। ध्यान रहे कि सर्च बॉक्स के दाई तरफ वाले बॉक्स में "All Available Application" चुना गया हो अन्यथा आपको "उबंटू रिस्ट्रिक्टेड एक्स्ट्रा" नही दिखाई देंगे।
उन्हें चुने और अप्लाई में क्लिक कर दें। अब उबंटू इंटरनेट के द्वारा इन पैकेज को डाउनलोड करेगा और इंस्टाल कर देगा। इसमे थोडा समय लगेगा अतः धैर्य रखें। उबंटू रिस्ट्रिक्टेड एक्स्ट्रा के साथ निम्नलिखित चीज़ें इंस्टाल होती हैं।
# flashplugin-nonfree
# gstreamer0.10-plugins-ugly
# gstreamer0.10-plugins-ugly-multiverse
# msttcorefonts
# sun-java5-jre
# sun-java5-plugin

नई थीम लगायें विंडोज एक्स पी में

जब विंडोज एक्स पी नया नया आया था तो सभी इसके लुक पर फ़िदा थे (जैसे आज विस्टा के लुक पर हैं) अगर आपके पास एक्स पी सिस्टम है और आप इसकी थीम से बोर हो चुके हैं तो आप इसमे नई थीम्स भी जोड़ सकते हैं. इन थीम्स को थर्ड पार्टी थीम कहा जाता है.इन थीम्स को आप http://www.deviantart.com/ से प्राप्त कर सकते हैं. इसमे आपको एक MSSTYLE एक्सटेंशन वाली फ़ाइल मिलेगी. इसके साथ ही एक shell नाम का फ़ोल्डर भी होगा. इन दोनो को C:\Windows\Resources\Themes कापी कर दें. अब अपना डिस्प्ले प्रापर्टीज का डायलाग मेबाक्स खोलें. इसके लिये डेस्कटाप मे राइट क्लिक करके प्रापर्टीज चुने. इस डायलाग बाक्स मे एपीयरेंस टैब मे जायें. विंडोज़ एंड बटन्स के ड्राप डाउन लिस्ट मे आपकी नई विजुअल स्टाइल नजर आने लगेगी.

उसे चुने और एप्लाई कर दें. अगर किसी कारणवश आपकी विजुअल स्टाइल नजर नही आती है तो आप सीधे msstyle फ़ाइल मे डबल क्लिक करके भी उसे ओपन कर सकते हैं. ये फ़ाइल डिस्प्ले प्रापर्टीज के डायलाग बाक्स मे ही ओपेन होनी चाहिये अन्यथा आप उसे उपयोग नही कर पायेंगे.


सबसे महत्वपूर्ण बात:

आप सीधे थर्ड पार्टी थीम्स को अपने कम्प्यूटर पर उपयोग नही कर सकते हैं. इसके लिये आपको अपने कम्प्यूटर की uxtheme.dll फ़ाइल को पैच करना होगा. इसका पैचर यहां उपलब्ध है.



इससे पहले कि आप किसी थर्ड पार्टी थीम को उपयोग करें पहले uxtheme.dll को पैच कर लें. इसे एक ही बार पैच करना होता है फ़िर आप जितनी चाहे विजुअल स्टाइल्स का प्रयोग कर सकते हैं.

रविवार, 28 अक्तूबर 2007

उबंटू लाइनेक्स ७.१0 गस्टी गिब्बन आयो रे.

उबंटू लाइनेक्स ७.१० गस्टी गिब्बन उबंटू लाइनेक्स का सबसे अद्यतन संस्करण है। ये १८ सितम्बर को लांच हुआ। मैं तो इसके लिए इतना पागल था कि १८ तारीख को बार बार इंटरनेट पर चेक कर रहा था कि कब इसका डाउनलोड उपलब्ध हो। आज कि पोस्ट में मैं आपको इसके नए फीचर्स के बारे में बताने जा रहा हूँ।
कुछ भी हो इसे देखने के बाद मैं यही कह सकता हूँ कि बिल्लू भैया के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। उबंटू ७.१० में पूरा प्रयास किया गया है कि इससे विन्डोज़ विस्टा को टक्कर दी जाये।
compiz अब डिफाल्ट रुप से शामिल: डेस्कटाप इफेक्ट्स के लिए आपको कुछ इंस्टाल करने की जरूरत नही है। कोम्पिज़ इसमे पहले से ही इंस्टाल किया होगा। ये आपके ग्राफिक कार्ड को चेक करेगा और देखेगा कि क्या इसमे कोम्पिज़ चल सकता है अथवा नही। अगर च सकता है तो आप डेस्कटाप इफेक्ट्स का मजा ले पायेंगे । और अगर नही चल सकता है तो उबंटू की बेसिक डेस्कटाप तो है ही।








डेस्क्बार एप्लेट: विन्डोज़ विस्टा में जिस प्रकार सर्च सिस्टम है उसका ये ओपन सोर्स विकल्प है इसके द्वारा लाइनेक्स आपके कम्प्यूटर में उपलब्ध फाइलों को इंडेक्स करता रहता है और जैसे ही आप कोई शब्द टाइप करते हैं आपके सामने परिणाम तुरंत हाजिर हो जाते हैं।



और
तो और वालपेपर को भी नही छोडा इन्होने
उबंटू लाइनेक्स और विन्डोज़ विस्टा का वालपेपर


फास्ट यूजर स्विचिंग
उबंटू ७.१० में फास्ट यूजर स्विचिंग केवल एक क्लिक से। मेरे स्क्रीन शॉट में केवल एक ही यूज़र दिख रहा है क्यूंकि एक ही यूजर है।


विन्डोज़ की तरह ही डाक्यूमेंट्स पिक्चर म्यूजिक वीडियो फोल्डर :जैसा कि विन्डोज़ में हमे फाइलों को व्यवस्थित करने के लिए माई डाक्यूमेंट्स , माई पिक्चर्स आदि जैसे फोल्डर दिए जाते हैं ठीक उसी तरह उबंटू ७.१० में भी डाक्यूमेंट्स पिक्चर म्यूजिक वीडियो फोल्डर पहले से ही दिए गए हैं

GNOME 2।20: उबंटू ७.१० में जीनोम २.२० है जो कि अपने साथ अन्य ढेर सारे फीचर लेकर आया है। अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

जीनोम २.२० मे नया क्या ?

जीनोम २.२० जीनोम का लेटेस्ट संस्करण है जो कि उबंटू लाइनेक्स ७.10 के साथ आता है। जीनोम २.२० उबंटू में काफी नए फीचर्स को जोड़ रहा है। आइये जाने क्या खास है इसमे।

इवाल्यूशन अटैचमेंट वार्निंग : अगर आप कोई मैसेज टाइप कर रहे हैं जिसमे अटैचमेंट नाम का कोई शब्द है और उसे बिना किसी अटैचमेंट के साथ भेजते हैं तो आपको एक चेतावनी मिलेगी कि आपके मैसेज में अटैचमेंट नही है। है ना कूल फीचर।








जीनोम इमेज व्यूअर : अब इसमे आप किसी फोटो की प्रापर्टीज़
में
उसके मेटा डाटा में XMP डाटा को भी देख सकते हैं। एक्स एम् पी डाटा वो होता है जिसे कैमरा या स्कैनर फोटो लेते वक्त फोटो के साथ स्टोर कर देता है। उदाहरण के लिए कैमरा का माडल , एक्सपोज़र, फोकल लेंथ, आदि। इसके अलावा आप फोटो को किसी अन्य साफ्टवेयर में भी आसानी से खोल सकते हैं क्योंकि इसमे ओपन विथ ... कमांड को फाइल मीनू के साथ जोड़ दिया गया है।





डाक्यूमेंट व्यूअर: अब ये पीडीऍफ़ फाइलों के फार्म्स को भी सपोर्ट करता है। यानी कि आप सीधे पीडीऍफ़ फार्म्स को भर सकते हैं।








फाइल ओपन का डायलाग बॉक्स : जिस फाइल को आप खोलना चाहते हैं वो मिल नही रही? क्या करेंगे ? लेंस लेकर खोजेंगे? उसकी जरूरत नही पड़ेगी। जीनोम लाया है सर्च फीचर अब ओपन के डायलाग बॉक्स में। काम तो तेज़ हो ही गया ना।










हार्ड ड्राइव का प्रापर्टीज़ डायलाग बॉक्स:

विन्डोज़ की तरह ही अब आप ग्राफिकल रुप से देख सकते हैं कि हार्ड ड्राइव में कितनी जगह खाली है।








एपीयारेंस कंट्रोल पैनल : पिछले संस्करण में थीम, फोंट्स, बैकग्राउंड, इंटरफेस आदि में बदलाव के लिए हमे प्रिफरेंस मीनू के अलग अलग आप्शनो मे क्लिक करना पड़ता था। जीनोम २.२० में एपीयारेंस कंट्रोल पैनल बनाया गया है। इससे आप सारी चीजों में बदलाव एक ही डायलाग बॉक्स से कर सकते हैं।







स्क्रीन सेवर : जीनोम २.२० मे अन्य लोग आपके लिए मैसेज छोड़ सकते हैं जब आपका कंप्यूटर स्क्रीन सेवर से लाक हो और आप अपने कम्प्यूटर पे ना हों। जब आप दोबारा पासवर्ड डालकर उसे अनलाक करेंगे तो आपको मैसेज मिलेंगे।

और हाँ ये तो केवल ट्रेलर है इसके अलावा भी अन्य बहुत सी फीचर इसमे उपलब्ध हैं उन्हें जानने के लिए यहाँ जाएँ।

और भी है...
उबंटू .१० मे नया क्या : विन्डोज़ विस्टा को टक्कर

एड्सेंस लगायें ब्लाग से पैसे कमायें

मुझे कुछ लोगों के ई मेल मिले जो एडसेंस अपने ब्लाग या साइट मे लगाना चाह रहे थे पर उन्हे कुछ परेशानी आ रही थी आज इस पोस्ट मे उन्ही का निदान करने जा रहा हूं. चलिये शुरूआत करते हैं:
अगर आपने एडसेंस खाता नही बनाया है तो सबसे पहले बनाइये. ध्यान रखिये कि पहली साइट का नाम ध्यान से डालिये. मुझे जो ई मेल मिले उसमे लोग इसी बात से परेशान थे कि उन्हे अनसपोर्टेड लैंग्वेज का उत्तर मिलता था.
यहां मैं बता दूं कि गूगल एडसेंस हिंदी को सपोर्ट नही करता है. अत: एक अंग्रेजी मे कोई ब्लाग अथवा साइट बनायें और उसका पता दें. जब आपका एडसेंस खाता बन जाये तो फ़िर आप उसे अपनी हिंदी साइट अथवा ब्लाग मे प्रयोग कर सकते हैं.
एडसेंस को अपने ब्लाग अथवा साइट मे लगाना
अब जब आपका खाता बन चुका है तो अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर साइन इन करें.
अब आपको कुछ इस तरह का पेज मिलेगा.





इसमे एडसेंस सेटअप मे जायें.
अब इसमे ४ विकल्प आते हैं:



Adsense for Content: इसके द्वारा आप सामान्य टेक्स्ट अथवा इमेज एड के लिये कोड बना सकते हैं.
Adsense for Search: इसके द्वारा आप अपनी साइट मे सर्च फ़ीचर जोड़ सकते हैं जब कोई आपकी साइट मे खोज बीन करता है तो सर्च रिज़ल्ट्स मे एड भी दिखाये जायेंगे जिनमे प्रति क्लिक पर आपको भुगतान प्राप्त होगा.
Referral: गूगल अथवा अन्य के प्रोडक्ट्स को प्रमोट करना. इसमे आपको प्रति क्लिक पर भुगतान नही मिलता पर किसी कार्य के संपन्न होने पर भुगतान मिलता है उदाहरण के लिये जब कोई फ़ायर फ़ाक्स विथ गूगल टूलबार पर क्लिक करता है तो आपको पैसा नही मिलता है पर जब कोई उसे क्लिक करके डाउनलोड कर लेता है तो फ़िर आपको पैसा मिलता है. रिफ़रल की खास बात ये है कि इसमे आपको ज्यादा पैसा मिलता है.
Adsense For Mobile: अगर आप अपनी मोबाइल साइट मे एड लगाना चाहते हैं तो ये विकल्प आपके लिये है.
समझाने के लिये मैं Adsense for Content का उदाहरण लूंगा. अन्य के लिये भी करीब करीब वही तरीका है.
तो चलिये Adsense for Content पर क्लिक करते हैं. अब आपके पास ये पेज आता है.
इसमे आपसे पूछा जाता है कि आप लिंक यूनिट लगाना चाहते हैं अथवा एड यूनिट. लिंक यूनिट मे क्लिक करने पर उससे संबंधित एड दिखाये जाते हैं वहीं एड यूनिट मे सीधे आपके विजिटर दूसरी साइट मे पहुंच जाते हैं.
यहां मैं एड यूनिट का जिक्र कर रहा हूं. इसमे भी ३ विकल्प आते हैं
text ads
text and image ads
image ads
Text ad से केवल अक्षरों वाले एड दिखते हैं. Image Ad से चित्रॊं वाले एड दिखते हैं. और अगर आप दोनो चुन लेते हैं तो समय समय पर दोनो प्रकार के एड आपकी साइट पर दिखेंगे. वैसे एडसेंस गुरूओं का मानना है कि टेक्स्ट एड ज्यादा अच्छे रहते हैं.
अब आगे बढ़ते हैं. हमने यहां text ad only चुना है. अब Continue पर क्लिक करते हैं.
इस पेज मे आपसे एड का साइज पूछा जाता है और उसका रंग.
आपके लिये कौन सा साइज अच्छा रहेगा इसके लिये इस पेज मे जायें.
इसके बाद आती है बारी रंगो की कुछ लोगों का कहना है कि डिफ़ाल्ट गूगल पैलेट ठीक रहता है पर एडसेंस गुरू कहते हैं कि आपको रंग आपकी साइट से मिलते जुलते चुनने चाहिये. और हां बार्डर नही रखना चाहिये. इससे एड भी आपकी साइट का हिस्सा दिखता है.
एड का बैक ग्राउंड उसी रंग का होना चाहिये जिस रंग का आपका पेज बैकग्राउंड है. इससे एड आपके पेज के साथ मिल जाता है और विजिटर उसे आपके पेज का हिस्सा मानने का धोखा खाता है. और हां मैं (जो आपको ये सब बता रहा हूं )सब कुछ जानते हुए भी एक बार धोखा खा गया था.
सबसे नीचे आपको एक और विकल्प मिलता है कि अगर आपकी साइट के लिये कोई एड ना हो तो क्या दिखाया जाये. इसमे बाई डिफ़ाल्ट Show Public Service Ad रहता है. यानि कि अगर आप ये विकल्प चुनते हैं तो अगर आपके साइट के लिये गूगल के पास कोई एड नही होगा तो वो ये एड दिखायेगा पर इनमे क्लिक होने पर आपको कोई पैसा नही मिलेगा. समाजसेवा के नाम पर तो ठीक है पर अगर बनिया बुद्धि लगाई जाये तो ये पता चलता है कि इन एड्स पर क्लिक होने पर बिना कुछ पाये अपना विजिटर खो देंगे.
अतः अगर आप चाहें तो उस जगह को खाली जगह से भर सकते हैं. इसके लिये Fill space with a solid color विकल्प को चुने.
continue पर क्लिक करें.
अब आपको चैनल के लिये पूछा जाता है.

साधारण
भाषा मे: चैनल यानि कि आप जो एड लगाने जा रहे हैं वो किस साइट मे लगायेंगे. अगर आपने चैनल नही बनाया है तो आप Add new channel मे क्लिक करके नया चैनल बना सकते हैं. और उसे चुन सकते हैं. हलांकि इसमे आप कोई भी नाम दे सकते हैं पर इससे ये पता चलता है कि फ़लां नाम के चैनल से कितनी आमदनी हो रही है. ध्यान रखें कि एक चैनल के सारे एड उसी चैनल से संबंधित साइट मे लगायें. इससे आप कभी कन्फ़्यूज नही होंगे. और आपको सारा डेटा सही मिलेगा.
अब Continue मे क्लिक करें. आपको एक जावा स्क्रिप्ट कोड मिलेगा इसे कापी कर लें. और अपनी साइट मे जहां आप एड लगाना चाह रहे हैं वहां पेस्ट कर दें.
ब्लाग मे कैसे एड लगायें.
ब्लागर मे टेम्प्लेट टैब मे क्लिक करें और पेज एलीमेंट मे क्लिक करें. अब जहां आप एड लगाना चाह रहे हैं वहां पर के "एड पेज एलीमेंट" मे क्लिक करें. और फ़िर HTML/JavaScript वाला विकल्प चुने. अब यहां उस कोड को पेस्ट कर दें.
और हो गया.

गुरुवार, 18 अक्तूबर 2007

पीसी को बनायें फ़ुर्तीला २ – स्टार्ट अप ते़ज़ करें

जब आप कम्प्यूटर शुरू करते हैं तो शुरुआत मे कुछ जरूरी (कुछ गैर जरूरी) प्रोग्राम्स लोड होते हैं, जैसे एंटी वायरस, याहू मैसेंजर(बाई डिफ़ाल्ट ये स्टार्ट अप मे लोड होता है) आदि। जब हम कोई साफ़्टवेयर इंस्टाल करते हैं तो कुछ साफ़्टवेयर अपनी किसी प्रोसेस को स्टार्ट अप मे जोड़ देते हैं. इनमे से कुछ प्रोसेसेस हमारे काम की होती है. पर जो नही होती है वो फ़ालतू मे मेमोरी खाती है, कम्प्यूटर को धीमा करती है और स्टार्ट अप के समय को ज्यादा करती है.

आज मैं पीसी को बनाना फ़ुर्तीला मे इसी के बारे मे चर्चा करने जा रहा हूं.
स्टार्ट अप फ़ोल्डर को खाली करें.
इसके लिये स्टार्ट > आल प्रोग्राम्स > स्टार्ट अप
जरा रुकिये, स्टार्ट अप मे राइट क्लिक करके चुनिये ’एक्सप्लोर’
अब जो भी प्रोग्राम आप हटाना चाहते हैं उसे चुनकर डिलीट कर दीजिये ठीक उसी तरह जैसे आप किसी और फ़ाइल को हटाते हैं.







अन्य स्टार्ट अप प्रोग्राम्स को हटायें
स्टार्ट > रन
अब टाइप करें msconfig और एन्टर प्रेस करें.
अब सिस्टम कांफ़िगरेशन यूटिलिटी का डायलाग बाक्स स्क्रीन पर आयेगा इसमे स्टार्ट अप टैब पर जायें.
इस डायलाग बाक्स मे आप तीन कालम देख सकते हैं. स्टार्ट अप आइटम मे उस प्रोग्राम का नाम लिखा होता है जो कि स्टार्ट अप पर लोड होगा. कमांड मे उस प्रोग्राम की हार्ड डिस्क लोकेशन भी देख सकते हैं. और उसकी रजिस्ट्री लोकेशन को आप लोकेशन कालम मे देख सकते हैं,
जो भी प्रोग्राम आप स्टार्ट अप मे लोड नही करना चाहते हैं उसके चेक बाक्स को अनचेक कर दें.
अब एप्लाई मे क्लिक करें.
अब ओ के मे क्लिक करें
जब आप ओ के मे क्लिक करते हैं तो कम्प्यूटर आपसे पूछता है कि क्या आप कम्प्यूटर को रिस्टार्ट करना चाहते हैं. आप चाहें तो बाद मे भी रिस्टार्ट करें अथवा आप तुरंत रिस्टार्ट करके बदलाव देख सकते हैं।


कई मामलो मे आप किसी प्रोग्राम का स्टार्ट अप अपने प्रोग्राम की प्रिफ़रेंस मे जाकर सेट कर सकते हैं. जैसे कि याहू मैसेंजर को अगर आप स्टार्ट अप से डिसेबल करते हैं तो जब भी आप याहू मैसेंजर शुरू करेंगे तो ये फ़िर से स्टार्ट अप मे अपने आप को जोड़ लेगा. अतः इसे डिसेबल करने के लिये याहू मैसेंजर के मैसेंजर मीनू मे प्रिफ़रेंस मे क्लिक करें. अब जनरल कैटेगरी के अंतर्गत Automatically Start Yahoo Messanger के चेक बाक्स को अन चेक कर दें. इसी तरह से अन्य साफ़्टवेयरों मे भी देखें।


गैरजरूरी सर्विसेस को डिसेबल करें
जैसा कि मैने आपको ऊपर बताया उसी प्रकार सिस्टम कांफ़िगरेशन यूटिलिटी का डायलाग बाक्स खोल लें.
इस बार सर्विसेस टैब पर जायें.
Hide All Microsoft Services के चेक बाक्स मे क्लिक करें ताकि माइक्रोसाफ़्ट की सर्विसेस ना दिखाइ दें. केवल अन्य सर्विसेस दिखाई दें.
अब आप उन सर्विसेस को चेक बाक्स अनचेक करके उन सर्विसेस को रोक सकते हैं पर इसके लिये भी आपको
एक रिस्टार्ट की जरूरत होगी.
कुछ सर्विसेस बहुत जरूरी होती हैं जैसे कि एंटी वायरस और लाइसेंसिंग. अगर मैं अपने कम्प्यूटर से फ़्लेक्सनेट लाइसेंसिंग सर्विस को डिसेबल कर दूं तो मैं एडोबी क्रियेटिव सुइट का प्रयोग नही कर सकता हूं. अतः केवल उन्ही सर्विसेस को हटायें जो गैरजरूरी हों.
विशेष सर्विसेस
विंडोज़ इंडेक्सिंग सर्विसेस : ये सर्विसेस आपके कम्प्यूटर की हर फ़ाइल का हिसाब किताब रखती है यानि कि इंडेक्स बनाकर रखती है. इससे फ़ाइलों को सर्च फ़ीचर से खोजना तेज़ हो जाता है.
अगर आप बार बार कम्प्यूटर के सर्च फ़ीचर का इस्तेमाल नही करते हैं तो इसे डिसेबल किया जा सकता है.
विंडोज़ थीम सर्विस : विंडोज एक्स पी मे जो सुंदर थीम रहती है वो इसी प्रोसेस के चलने के कारण रहती है. अगर आपका पीसी धीमा हो रहा है तो आप इसे आराम से डिसेबल कर सकते हैं. कोई दिक्कत नही बस आपको विंडोज़ क्लासिक लुक देखना पडे़गा. थीम हट जायेगी.

रविवार, 14 अक्तूबर 2007

पीसी को बनायें फ़ुर्तीला १ - जरा साफ़ सफ़ाई हो जाये

उपयोग करते करते कुछ महीनो मे विंडोज धीमा हो जाता है. इसे तेज करने के कई तरीके हैं जिनमे
से कुछ तरीकों की इस
पोस्ट मे चर्चा की जायेगी.


डिस्क क्लीनअप
जब आप इंटरनेट सर्फ़ करते हैं तो जो कुछ भी आप अपने ब्राउजर मे देखते हैं वह पहले आपके कम्प्यूटर मे डाउनलोड होता है, फ़िर आपको ब्राउजर मे दिखाई देता है. धीरे धीरे ये डाटा आपके कम्प्यूटर मे जमा होते जाता है. इससे निजात पाना जरूरी है. इसके अलावा विभिन्न टेम्पररी फ़ाइलें, पुरानी फ़ाइलें जिन्हे कंप्रेस (केवल एन टी एफ़ एस फ़ाइल सिस्टम)किया
जा सकता है आदि को आप डिलीट कर सकते हैं
.

विंडोज मे डिस्क क्लीन अप नाम की एक यूटिलिटी होती है जिसके द्वारा आप अपने कम्प्यूटर की साफ़ सफ़ाई आसानी से कर सकते हैं. इसके लिये जायें:
स्टार्ट >
आल प्रोग्राम्स>एसेसरीज>सिस्टम टूल्स>डिस्क क्लीनअप

अब अपनी वो ड्राइव चुने जिसकी झाड़ फ़ूंक करनी है. थोड़ी देर मे आपको कम्प्यूटर बतायेगा कि कम्प्यूटर मे कितनी जगह खाली की जा सकती है. जिन चीजों को आप हटाना चाहते हैं उन्हे चुने (सभी को चुना भी जा सकता है मैं ऐसा ही करता हूं) और ओके मे क्लिक करें. इसके लिये आप Ccleaner का प्रयोग भी कर सकते हैं. ये इस काम को ज्यादा बेहतर तरीके से करता है


सिस्टम रिस्टोर की फ़ाइलों को हटायें.

सिस्टम रिस्टोर विंडॊज़ का एक ऐसा फ़ीचर है जो कि हमे आपात स्थिति मे कम्प्यूटर को समय से पीछे जाने मे मदत करता है. इसका हर रिस्टोर प्वाइंट विंडोज़ की सेटिंग्स और फ़ाइलों को स्टॊर रखता है. जिससे कि आप आपात स्थिति मे पिछ्ली
सेटिंग्स को वापस ला सकें
. ये एक तरह से विंडोज का टाइम मशीन होता है. हर रिस्टॊर प्वाइंट हार्ड डिस्क मे जगह लेता है. धीरे धीरे ये कई गीगा बाइट की जगह ले लेता है. अगर आपका कम्प्यूटर अच्छा चल रहा है तो आप कम्प्यूटर की अच्छी स्थिति मे उसे डिसेबल करके फ़िर से इनेबल कर सकते हैं.
इससे सारे रिस्टोर प्वाइंट हट जायेंगे और आपको काफ़ी जगह मिल जायेगी.


ध्यान रहे सिस्टम रिस्टोर को इनेबल जरूर कर लें. जब आप इसे डिसेबल करते हैं तो सारे रिस्टॊर प्वाइंट हट जाते हैं और जब आप इसे इनेबल करते हैं तब एक नया रिस्टोर प्वाइंट बन जाता है. इस काम को करने के लिये निम्न लिखित निर्देशों का पालन करें:-
१) माई कम्प्यूटर मे राइट क्लिक करें और प्रापर्टीज़ मे जायें.
२) सिस्टम रिस्टोर टैब मे जायें
3) Turn off system restore on all drives
के चेक बाक्स मे क्लिक करें.
४) अब एप्लाई मे क्लिक करें
.
थोड़ा समय लगेगा फ़िर सारे रिस्टोर प्वाइंट हट जायेंगे. अब फ़िर से उसी चेक बाक्स मे क्लिक करेंगे तो एक नया रिस्टोर प्वाइंट बन जायेगा. बाकी रिस्टॊर प्वाइंट हट जाने से काफ़ी जगह मिल जायेगी.


फ़ोंट्स को हटायें.
ज्यादा फ़ोंट्स भी सिस्टम को धीमा कर देते हैं.
अतः वही फ़ोंट्स इन्स्टाल करें जिनकी जरूरत हो.
एक बार तो मेरा सिस्टम बैठ गया था.
फ़ोंट्स को हटाने के लिये C:\Windows\Fonts
फ़ोल्डर मे जायें यहां फ़ोंट्स फ़ाइलों मे क्लिक करके ये देख लें कि कौन सा आपके काम का नही है.
जो काम के नही हों उन्हे एक अलग फ़ोल्डर बनाकर उसमे रख दें ये फ़ोल्डर आप माई डाक्यूमेंट्स
मे भी बना सकते हैं
.







ना उपयोग होने वाले प्रोग्रामों को हटायें
.
अक्सर होता ये है कि हम साफ़्टवेयरों को इन्स्टाल करते जाते हैं और फ़िर बाद मे हटाना भूल जाते
हैं
. इससे ये साफ़्टवेयर बेहिसाब जगह घेरते
जाते हैं
. अतः विंडोज़ के एड रिमूव प्रोग्राम्स
का प्रयोग करें इसके लिये ...
स्टार्ट >
कंट्रोल पैनल > एड रिमूव प्रोग्राम्स मे जायें
विंडॊज की ये यूटिलिटी शुरू होने मे समय लेती है अत: Ccleaner का प्रयोग करें इससे साफ़्टवेयर
हटाना ते़ज़ हो जाता है
. इसके बारे मे और अधिक जानकारी मैने इस पोस्ट मे दी है.






रजिस्ट्री रिपेयर करें.
रजिस्ट्री विंडोज आधारित कम्प्यूटरों मे एक डाटाबेस होता है जिसमे कि विंडोज़ की सारी जानकारी
स्टोर रहती है
. जब आप कोई साफ़्टवेयर इसमे इन्स्टाल करते हैं तो वह साफ़्टवेयर उसमे
अपनी एंट्री डाल देता है
. जब आप साफ़्टवेयरों को हटाते हैं तो कुछ एंट्रीज रजिस्ट्री मे रह जाती हैं.
अत: उन्हे हटाना जरूरी होता है. अगर फ़्रीवेयर की बात करें तो एड्वांस विंडो केयर पर्सनल और सीक्लीनर आप प्रयोग कर सकते हैं. पर
अगर आप पैसे खर्च कर सकते हैं तो पी सी टूल्स का रजिस्ट्री मैकेनिक आजमायें
.




डिस्क डिफ़्रैगमेंटर
जब आप कम्प्यूटर मे काम करते हैं तो विंडोज़ आपकी लगातार घूमती हार्ड डिस्क मे डाटा राइट करता रहता है. जब आप किसी फ़ाइल को कई बार सेव करते हैं तो विंडोज जहां भी डिस्क मे जगह पाता है वहां पर फ़ाइल के उस हिस्से को सेव कर
देता है
. इससे एक ही फ़ाइल के टुकड़े हार्ड
डिस्क मे कई जगह फ़ैल जाते हैं
. इन्हे
फ़्रैगमेंट कहा जाता है
. जब् कम्प्यूटर उन फ़ाइलों को एक्सेस करने की कोशिश करता है तो उसे इसके कई टुकडो़ को अलग अलग जगह से ढूंढ़्ना पड़्ता है इससे गति धीमी हो जाती है.
इन फ़्रैगमेंट्स को ठीक करना डिफ़्रैगमेंटेशन कहलाता है.डिफ़्रैग्मेंटेशन की प्रक्रिया मे विंडोज़ हार्ड डिस्क से फ़ाइलों के टुकड़ों को अलग अलग जगह से लाकर एक जगह लगा देता है. डिस्क डिफ़्रैगमेंट करने के लिये विंडोज मे डिस्क डिफ़्रैगमेंटर नाम की एक यूटिलिटी होती है इसे आप स्टार्ट>
आलप्रोग्राम्स> एसेसरीज़ > सिस्टम टूल्स > डिस्क डिफ़्रैगमेंटर
अब पहले अपनी ड्राइव को चुने > एनालाइज पर क्लिक करें > अगर आपसे विंडोज डिफ़्रैगमेंट का
अनुरोध करता है तो डिफ़्रैगमेंट मे क्लिक कर दें
. वैसे आप ये काम सीधे डिफ़्रैगमेंट मे क्लिक करके भी कर सकते हैं.
रेखाओं का मतलब
लाल
: फ़्रैगमेंटेड फ़ाइलें
नीली
: वो फ़ाइलें जो फ़्रैगमेंटेड नही हैं.
हरी
: वो फ़ाइले जिन्हे इधर उधर मूव नही कराया जा सकता है
सफ़ेद
: हार्ड डिस्क की खाली जगह

FAT32 फ़ाइल सिस्टम मे फ़्रैग्मेंट्स ज्यादा बनते हैं. NTFS मे कम बनते हैं. अतः मेरी यही सलाह है कि NTFS फ़ाइल सिस्टम को प्रयोग करें.NTFS आपको फ़ाइलों को कंप्रेस करने की भी सुविधा देता है.

शुक्रवार, 12 अक्तूबर 2007

उबंटू लाइनेक्स के लिए बेहतरीन साफ्टवेयर - 3

गूगल डेस्कटॉप
गूगल ने अपना डेस्कटॉप सर्च वाला साफ्टवेयर लाइनेक्स के लिए भी उपलब्ध कराता है। हालांकि लाइनेक्स संस्करण मे साइड बार को नही जोडा गया है पर फिर भी ये अपना मुख्य काम (जो फाइलों की खोज बीन करना है) वो तो करता है। गूगल की सर्च टेक्नोलाजी से तो सभी परिचित हैं तो आप समझ ही सकते हैं कि लाइनेक्स एनवायरमेंट मे खोज बीन इससे काफी आसान अगर आप हो जाती है।
गूगल डेस्कटॉप को आप सिनैप्टिक पॅकेज मैनेजर से तो इंस्टाल कर ही सकते हैं पर अगर आप इसे अलग से डाउनलोड करना चाहें तो इसका डेब और आर पी एम् पॅकेज यहाँ उपलब्ध है।










गूगल पिकासा
पिकासा के द्वारा आप अपने कम्प्यूटर मे रखे चित्रों और फोटों को व्यवस्थित कर सकते हैं और जब चाहें उन्हें ढूँढ सकते हैं। ये साफ्टवेयर आपको फोटो एडिटिंग की भी सुविधा देता है। आप अपनी फोटोज़ को इन्टरनेट पर शेयर भी कर सकते हैं। गूगल पिकासा को भी आप सिनैप्टिक पॅकेज मैनेजर से इंस्टाल कर सकते हैं पर इसके डेब और आर पी एम् पॅकेज भी आप डाउनलोड कर सकते हैं। इन्हें आप यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं।





गूगल अर्थ
विन्डोज़ मे चलने वाला आपका प्रिय साफ्टवेयर गूगल अर्थ अब लाइनेक्स मे भी उपलब्ध है। अब तो इसमे आकाश मे झांकने की भी सुविधा दे दीं गई है। इसकी बिन फ़ाइल को आप यहाँ से डाउनलोड कर सकते हैं।

अगर आप सिनैप्टिक पॅकेज मैनेजर का प्रयोग करते हैं तो अगर गूगल के साफ्टवेयर हो सकता है कि उसमे दिखाई ना दें। इसके लिए आपको गूगल साफ्टवेयर रिपोसिट्रीस को जोड़ना होगा इसके लिए यह पोस्ट पढ़ें




गूगल अर्थ की बिन फ़ाइल को इंस्टाल करने की विधि
टर्मिनल विंडो को खोलें। इसके लिए Accessories > Terminal मे जाएँ।
जिस बिन फ़ाइल को आपने डाउनलोड किया है वह जिस डायरेक्टरी मे है उस डायरेक्टरी मे जाएँ। इसके लिए आपको ये कमांड देना होगा अगर वो फ़ाइल डेस्कटाप पर है
cd /home/yourname/Desktop
अब ये कमांड दें।
sh GoogleEarthLinux.bin

<<< इसके बाद आपको ये विंडो दिखाई देगी।
आप चाहें तो इंस्टालेशन पाथ बदल भी सकते हैं या फिर उसे वैसे ही रहने दें और Begin Install बटन पर क्लिक कर दें।

अगर कोई एरर नही आती है और सब कुछ ठीक ठाक हो जाता है तो बधाई हो गूगल अर्थ इंस्टाल हो गया।

वैसे तो इंस्टाल होने के बाद ये डेस्कटॉप पर अपना एक आइकन बनाता है पर अगर किसी कारण से ये डिलीट हो जाये तो इसे शुरू करने के लिए उस डायरेक्टरी मे जाएँ जिसमे आपने उसे इंस्टाल किया है डिफाल्ट मे home\yourname\google-earth होता है। यहाँ गूगल अर्थ के आइकन पर क्लिक करें और मजा लें गूगल अर्थ का लाइनेक्स पर।